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मृत जानवरों की खाल में भी ÒखेलÓ
Meerut
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। मृत जानवरों की खाल में भी खेल होने का मामला सामने आया है। ठेका छूटे बिना ही नगर निगम कोष में 43,350 रुपये की किस्त जमा हो गई। मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने रिकॉर्ड तलब कर लिया है। उधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने का दावा किया है।
नियमानुसार मृत जानवरों की खाल उतारने का ठेका छोड़ा जाता है। यह नगर निगम की आय का स्त्रोत माना जाता है। ऑडिट जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए ठेका छोड़े बगैर ही नगर निगम कोष में पशु शवच्छेदन औद्योगिक उत्पादन सहकारी समिति से 43,350 रुपये एक किस्त के रूप में जमा करा लिए गए। जबकि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नीलामी के आधार पर शुल्क जमा कराया जाना था। मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने आपत्ति लगाए जाने की पुष्टि की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
- ठेका छूटे बगैर ही शुल्क जमा होना दर्शाया गया है। यह संदेह के दायरे में है। इस प्रक्रिया से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया गया है। - मुख्य नगर लेखा परीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी
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- शहरी क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सहकारी समितियों को यह ठेका हर वर्ष दस प्रतिशत शुल्क बढ़ाकर छोड़ा जाता है। नियमों का पूरी तरह अनुपालन किया गया है। - नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजबीर सिंह
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नियमानुसार मृत जानवरों की खाल उतारने का ठेका छोड़ा जाता है। यह नगर निगम की आय का स्त्रोत माना जाता है। ऑडिट जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए ठेका छोड़े बगैर ही नगर निगम कोष में पशु शवच्छेदन औद्योगिक उत्पादन सहकारी समिति से 43,350 रुपये एक किस्त के रूप में जमा करा लिए गए। जबकि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नीलामी के आधार पर शुल्क जमा कराया जाना था। मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने आपत्ति लगाए जाने की पुष्टि की है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
- ठेका छूटे बगैर ही शुल्क जमा होना दर्शाया गया है। यह संदेह के दायरे में है। इस प्रक्रिया से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया गया है। - मुख्य नगर लेखा परीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी
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- शहरी क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सहकारी समितियों को यह ठेका हर वर्ष दस प्रतिशत शुल्क बढ़ाकर छोड़ा जाता है। नियमों का पूरी तरह अनुपालन किया गया है। - नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजबीर सिंह