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गन्ने का घोषित एसएपी देंगी चीनी मिलें
Meerut
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। सरकार ने भले ही अभी तक गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया हो, लेकिन चीनी मिलों ने राज्य सरकार द्वारा घोषित गन्ने का राज्य समर्थित मूल्य (एसएपी) देने की हां कर दी है। गन्ना विभाग ने फार्म ‘सी’ पर चीनी मिलों से एग्रीमेंट करा लिया है।
सरकार की हीलाहवाली के चलते हर साल गन्ने का रेट चीनी मिल चलने के बाद ही तय हो पाता है। ऐसे में किसानों को गन्ना आपूर्ति पर्ची बिना रेट लिखकर ही जारी की जाती है। इस पर किसानों को तय गन्ना मूल्य न मिलने का भय बना रहता है। रेट तय न होने पर गन्ना विकास समिति चीनी मिल राज्य सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य देने का एग्रीमेंट करती है। डीसीओ राजीव राय ने बताया कि फार्म सी सभी चीनी मिलों से भरवा लिया है। चीनी मिलों को घोषित रेट देना होगा।
95 फीसदी कांटे लगकर तैयार
डीसीओ राजीव राय ने बताया कि जनपद की चीनी मिलों के करीब 95 फीसदी क्रय केंद्र स्थापित हो चुके हैं। दौराला के 175 में से 171, नंगलामल के 102 में से 97, किनौनी के 169 में से 157, मवाना के 169 में से 156, सकौती के 6 और सिंभावली के 45 में से 41 क्रय केंद्र लगाए गए हैं। मोहिउद्दीनपुर मिल गेट पर सिंभावली और किनौनी मिल के 4-4, नंगलामल के 2 और मोदीनगर का 1 क्रय केंद्र स्थापित किया जाएगा।
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50 फीसदी इलेक्ट्रानिक कांटे लगे
मैनुअल के अतिरिक्त लगने वाले कुल कांटों के सापेक्ष 25 फीसदी कांटे लगाए जाने हैं, इनमें से किनौनी मिल को छोड़कर दौराला, मवाना और नंगलामल मिल के करीब 50 फीसदी इलेक्ट्रानिक कांटे लग गए हैं। मिल गेट पर वेव कैमरे भी चालू हो गए हैं।
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सरकार की हीलाहवाली के चलते हर साल गन्ने का रेट चीनी मिल चलने के बाद ही तय हो पाता है। ऐसे में किसानों को गन्ना आपूर्ति पर्ची बिना रेट लिखकर ही जारी की जाती है। इस पर किसानों को तय गन्ना मूल्य न मिलने का भय बना रहता है। रेट तय न होने पर गन्ना विकास समिति चीनी मिल राज्य सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य देने का एग्रीमेंट करती है। डीसीओ राजीव राय ने बताया कि फार्म सी सभी चीनी मिलों से भरवा लिया है। चीनी मिलों को घोषित रेट देना होगा।
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95 फीसदी कांटे लगकर तैयार
डीसीओ राजीव राय ने बताया कि जनपद की चीनी मिलों के करीब 95 फीसदी क्रय केंद्र स्थापित हो चुके हैं। दौराला के 175 में से 171, नंगलामल के 102 में से 97, किनौनी के 169 में से 157, मवाना के 169 में से 156, सकौती के 6 और सिंभावली के 45 में से 41 क्रय केंद्र लगाए गए हैं। मोहिउद्दीनपुर मिल गेट पर सिंभावली और किनौनी मिल के 4-4, नंगलामल के 2 और मोदीनगर का 1 क्रय केंद्र स्थापित किया जाएगा।
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50 फीसदी इलेक्ट्रानिक कांटे लगे
मैनुअल के अतिरिक्त लगने वाले कुल कांटों के सापेक्ष 25 फीसदी कांटे लगाए जाने हैं, इनमें से किनौनी मिल को छोड़कर दौराला, मवाना और नंगलामल मिल के करीब 50 फीसदी इलेक्ट्रानिक कांटे लग गए हैं। मिल गेट पर वेव कैमरे भी चालू हो गए हैं।