{"_id":"52-45367","slug":"Meerut-45367-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘जमानत पर छूटते ही भाई को जान का खतरा’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘जमानत पर छूटते ही भाई को जान का खतरा’
Meerut
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। बहनोई से चल रही मुकदमेबाजी में इंचौली निवासी युवक को जान का खतरा है। युवक इन दिनों मथुरा जेल में बंद है। युवक की बहन ने एसएसपी के समक्ष पेश होकर सुरक्षा की मांग की है। एसएसपी ने उसके भाई को जेल से इंचौली तक सुरक्षित पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
इंचौली निवासी राकेश गुरुवार को एसएसपी दफ्तर पहुंची। राकेश ने बताया कि उसकी छोटी बहन विमलेश की शादी 1993 में मथुरा जिले के कस्बा इगलास निवासी डा. रामबाबू से हुई थी। आरोप है कि 1994 में विमलेश को दहेज की मांग पूरी न होने पर मार दिया गया। डा. रामबाबू के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। 31 मार्च 2011 को अदालत ने रामबाबू को सात साल की सजा सुनाई। रामबाबू ने पेरोल पर छूटकर आने के बाद राकेश के भाई विनोद के खिलाफ अदालत में मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। गैर जमानती वारंट जारी होने पर मथुरा पुलिस विनोद को गिरफ्तार करके ले गई। शुक्रवार को विनोद की जमानत होने की पूरी उम्मीद है। आशंका है कि जीजा विनोद पर जेल से निकलते ही हमला करा सकता है। विनोद को सुरक्षा दिलाई जाए। एसएसपी ने राकेश को आश्वासन दिया कि तुम्हारे भाई को मथुरा जेल से मेरठ तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लिखित निर्देश जारी करके दो सिपाही राकेश के साथ मथुरा भेजने को कह दिया है।
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इंचौली निवासी राकेश गुरुवार को एसएसपी दफ्तर पहुंची। राकेश ने बताया कि उसकी छोटी बहन विमलेश की शादी 1993 में मथुरा जिले के कस्बा इगलास निवासी डा. रामबाबू से हुई थी। आरोप है कि 1994 में विमलेश को दहेज की मांग पूरी न होने पर मार दिया गया। डा. रामबाबू के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। 31 मार्च 2011 को अदालत ने रामबाबू को सात साल की सजा सुनाई। रामबाबू ने पेरोल पर छूटकर आने के बाद राकेश के भाई विनोद के खिलाफ अदालत में मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। गैर जमानती वारंट जारी होने पर मथुरा पुलिस विनोद को गिरफ्तार करके ले गई। शुक्रवार को विनोद की जमानत होने की पूरी उम्मीद है। आशंका है कि जीजा विनोद पर जेल से निकलते ही हमला करा सकता है। विनोद को सुरक्षा दिलाई जाए। एसएसपी ने राकेश को आश्वासन दिया कि तुम्हारे भाई को मथुरा जेल से मेरठ तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लिखित निर्देश जारी करके दो सिपाही राकेश के साथ मथुरा भेजने को कह दिया है।
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