{"_id":"52-45058","slug":"Meerut-45058-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘अखिलेश के मंच पर मेयर भी’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘अखिलेश के मंच पर मेयर भी’
Meerut
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। शताब्दीनगर सभा स्थल के मंच पर सपाइयों के बीच महापौर हरिकांत अहलूवालिया की मौजूदगी सभी का ध्यान खींच रही थी। इस कार्यक्रम से सपा को छोड़कर शेष सभी दलों के नेताओं को किनारे रखा गया था। लेकिन महापौर हरिकांत अहलूवालिया जो कि भाजपा से उनकी मौजूदगी को लेकर विरोधी ही नहीं भाजपाई खेमा भी अचंभित है।
शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मेरठ आगमन पर सियासत के नए ध्रुव गढ़े गए। मेरठ में गुटों में बंटी सपा की राजनीति मंच पर सभी को नजर आई। लेकिन तमाम पिछली परंपराओं को दरकिनार करते हुए भाजपा से महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी मंच पर बैठे नजर आए। अहम बात यह थी कि भाजपा मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। बावजूद इसके भाजपा खेमे के महापौर की मौजूदगी कई अटकलों को हवा दे गई। वहीं इस बारे में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि महानगर का विकास ही उनकी प्राथमिकता है। मेरठ के विकास के लिए बड़ी योजनाओं प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपने गए थे, जिस पर मुख्यमंत्री ने ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
शाहिद की जुबान फिसली
मंत्री शाहिद मंजूर ने माइक की कमान संभालने के चंद लम्हों बाद ही महापौर की मौजूदगी का इजहार किया। लेकिन इसे उनका सियासी सोचा समझा अंदाज कहें या भूल, शाहिद मंजूर ने महापौर को हरिकांत के बजाय रविकांत अहलूवालिया कहकर पुकारा। जिस पर काफी देर तक मंच और पंडाल में फुसफुसाहट होती रही।
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शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मेरठ आगमन पर सियासत के नए ध्रुव गढ़े गए। मेरठ में गुटों में बंटी सपा की राजनीति मंच पर सभी को नजर आई। लेकिन तमाम पिछली परंपराओं को दरकिनार करते हुए भाजपा से महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी मंच पर बैठे नजर आए। अहम बात यह थी कि भाजपा मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। बावजूद इसके भाजपा खेमे के महापौर की मौजूदगी कई अटकलों को हवा दे गई। वहीं इस बारे में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि महानगर का विकास ही उनकी प्राथमिकता है। मेरठ के विकास के लिए बड़ी योजनाओं प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपने गए थे, जिस पर मुख्यमंत्री ने ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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शाहिद की जुबान फिसली
मंत्री शाहिद मंजूर ने माइक की कमान संभालने के चंद लम्हों बाद ही महापौर की मौजूदगी का इजहार किया। लेकिन इसे उनका सियासी सोचा समझा अंदाज कहें या भूल, शाहिद मंजूर ने महापौर को हरिकांत के बजाय रविकांत अहलूवालिया कहकर पुकारा। जिस पर काफी देर तक मंच और पंडाल में फुसफुसाहट होती रही।
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