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तीन मासूमों की हत्या का मामला:
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दस दिन में 92 लोगों से पूछताछ, नहीं सुलझी हत्या की गुत्थी
- हिरासत में लिए गए तीन लोगों से भी कुछ सुराग नहीं मिला
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दस दिन बीतने के बाद भी जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवाल खास में तीन मासूमों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी(7) की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझी। पांच टीमें वारदात के खुलासे में लगी हैं। पुलिस की टीमें अभी तक 92 लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं, मगर कोई भी ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। संदिग्ध पाए गए तीन लोगों को पुलिस ने दो दिनों से हिरासत में ले रखा है, मगर उनसे भी सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य भी जुटा लिए हैं, जिन्हें फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा तीन बच्चों की मौत के बारे में स्वयं संज्ञान लिए जाने और प्रदेश सरकार व डीजीपी से स्पष्टीकरण मांगने से भी जनपद पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।
एडीजी भानु भाष्कर स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वह घटनास्थल का भी निरीक्षण करने गए थे। उन्होंने एसपी क्राइम अवनीश कुमार, एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह की टीम को वारदात के खुलासे के लिए लगाया है। मंगलवार को भी पुलिस की टीमों ने सिवाल साख में जांच पड़ताल की। कस्बे से लेकर बाहरी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस खंगाल चुकी है, मगर सुराग नहीं मिल सका है।
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा बीते दस दिनों से क्षेत्र में ही कैंप किए हुए है। गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, लगातार लोगों से पूछताछ की जा रही है। पांच टीमें लगी हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।
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यह था मामला
जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवाल खास वार्ड एक निवासी जितेंद्र की पुत्री मानवी, मोनू का पुत्र शिवांश और हिम्मत का पुत्र ऋतिक तीन अगस्त को घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गए थे। बच्चों के न मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। चार अगस्त की सुबह घर के पास प्लाट में भरे बारिश के पानी में तीनों बच्चों के शव मिल थे।
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- हिरासत में लिए गए तीन लोगों से भी कुछ सुराग नहीं मिला
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दस दिन बीतने के बाद भी जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवाल खास में तीन मासूमों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी(7) की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझी। पांच टीमें वारदात के खुलासे में लगी हैं। पुलिस की टीमें अभी तक 92 लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं, मगर कोई भी ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। संदिग्ध पाए गए तीन लोगों को पुलिस ने दो दिनों से हिरासत में ले रखा है, मगर उनसे भी सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य भी जुटा लिए हैं, जिन्हें फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा तीन बच्चों की मौत के बारे में स्वयं संज्ञान लिए जाने और प्रदेश सरकार व डीजीपी से स्पष्टीकरण मांगने से भी जनपद पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।
एडीजी भानु भाष्कर स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वह घटनास्थल का भी निरीक्षण करने गए थे। उन्होंने एसपी क्राइम अवनीश कुमार, एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह की टीम को वारदात के खुलासे के लिए लगाया है। मंगलवार को भी पुलिस की टीमों ने सिवाल साख में जांच पड़ताल की। कस्बे से लेकर बाहरी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस खंगाल चुकी है, मगर सुराग नहीं मिल सका है।
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एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा बीते दस दिनों से क्षेत्र में ही कैंप किए हुए है। गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, लगातार लोगों से पूछताछ की जा रही है। पांच टीमें लगी हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।
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यह था मामला
जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवाल खास वार्ड एक निवासी जितेंद्र की पुत्री मानवी, मोनू का पुत्र शिवांश और हिम्मत का पुत्र ऋतिक तीन अगस्त को घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गए थे। बच्चों के न मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। चार अगस्त की सुबह घर के पास प्लाट में भरे बारिश के पानी में तीनों बच्चों के शव मिल थे।