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हाईकोर्ट की अवमानना में कानूनगो तलब

Sun, 19 Aug 2018 02:12 AM IST
Updated Sun, 19 Aug 2018 02:12 AM IST
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हाईकोर्ट की अवमानना में कानूनगो तलब
मेरठ। इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद जमीन का दखल कराने तथा जमीन का बैनामा करने के मामले में मवाना तहसील के कानूनगो सहित चार लोगों को हाईकोर्ट ने अवमानना के मामले में अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
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तहसील मवाना के ग्राम जई निवासी फजल मोहम्मद ने बताया कि उम्मेद, फजल मोहम्मद, फरियाद व सय्याद का खसरा नं0 108 ग्राम लूब बक्सर का बंटवारे का वाद सन 2002 में चला था। जिसमें आपसी सहमति से दिसंबर 2002 में बंटवारा हो गया था। अप्रैल 2012 में मौके पर कब्जा व दखल देकर साल 2002 के आदेश का पालन हो गया था। लेकिन इस मामले में शेर जमा व फारूख पुत्र सफी ने साल 2002 के आदेश व दखल के खिलाफ मई 2012 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। जिसमें हाईकोर्ट ने उक्त खसरे के बैनामे न करने व मौके पर यथास्थिति बनाए रखने तथा कब्जा व बेचने पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद फारूख व शेर जमा ने यूसुफ खान को उक्त खसरे की जमीन का बैनामा कर दिया था। जिसके बाद वहां पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम का पंप लग गया। दिसंबर 2017 में पहले आदेश के अनुपालन के बाद अदालत को गुमराह कर दोबारा से एसडीएम मवाना से आदेश करा लिया। जिस पर कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) गोविंद सिंह माछरा ने अपनी रिपोर्ट दे दी और रिपोर्ट के आधार पर दखल दिलाने पहुंच गए। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने राजस्व निरीक्षक, शेरजमा, फारूख व यूसुफ खान को अवमानना का नोटिस जारी कर 10 सितंबर 2018 को जवाब मांगा है।
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