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ई-रिक् शा में करंट उतरा, किशोर की मौत
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। लिसाड़ी गेट क्षेत्र में चार्जिंग पर लगी ई-रिक्शा में दौड़ रहे करंट से किशोर की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार समर गार्डन 25 फुटा गली नंबर 28 निवासी राशिद ई-रिक्शा चलाता है। उसका बेटा शाकिब (15) भी उसकी मदद करता था। परिजनों ने बताया कि शनिवार रात राशिद ने अपना ई-रिक्शा एक मदरसे में चार्जिंग को लगाया था। रविवार सुबह सात बजे शाकिब ई-रिक्शा लेने मदरसे में गया था। ई-रिक्शा में पहले से ही करंट दौड़ रहा था। जैसे ही शाकिब ने उसे छुआ तो वह करंट की चपेट में आ गया। आरोप है कि शाकिब काफी देर तक वहां तड़फता रहा। लेकिन कोई मदद नहीं मिली। काफी देर बाद मदरसा कर्मी उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में परिजन शव को घर लेकर आए गए। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मौ. असलम के अनुसार किशोर के शव का पोस्टमार्टम करने का प्रयास किया गया। लेकिन परिजनों ने किसी कानूनी कार्रवाई करने इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को दे दिया।
..तो बच जाती जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाकिब को तुरंत चिकित्सक के पास ले जाने के बजाय मदरसे में लगे चार्जिंग सिस्टम को हटा दिया गया था। यदि सामान समेटने से पहले शाकिब पर ध्यान दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। आरोप है कि ई-रिक्शा चार्जिंग के नाम पर 50 रुपये लिए जाते हैं। हालांकि मदरसा संचालकों का कहना है कि उनके यहां ई-रिक्शा केवल खड़ा था। चार्ज नहीं हो रहा था। बच्चे की मौत कैसे हुई उन्हें नहीं पता। हमारे यहां के लोग तो उसे डॉक्टर के यहां ले गए थे।
अधिकृत बंद, अनाधिकृत चालू
मेरठ। शहर में भले ही करीब 5 हजार रजिस्टर्ड व 12 हजार अवैध ई-रिक्शा दौड़ रहे हों। लेकिन इन्हें चार्ज करने के लिए महानगर में एक भी अधिकृत ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन नहीं है। पीवीवीएनएल द्वारा यूनिवर्सिटी रोड बिजलीघर में बनाया गया प्रदेश का पहला ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन भी उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के दिशा-निर्देशों की चपेट में आकर बंद हो गया है। अधिकारियों द्वारा चार्जिंग स्टेशन के लिए आगे आकर कनेक्शन लेने की अपील भी बेकार गई है। वैध और अवैध ई-रिक्शा अवैध रूप से चार्ज हो रहे हैं। नियमानुसार ई-रिक्शा संचालक को इसे चार्ज करने के लिए कॉमर्शियल कनेक्शन लेना होता है या चार्जिंग स्टेशन पर ही रिक्शा चार्ज कराना होता है। इससे पहले भी ई-रिक्शा चार्जिंग के दौरान करंट से मौत होने के मामले सामने आते रहे हैं।
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पुलिस के अनुसार समर गार्डन 25 फुटा गली नंबर 28 निवासी राशिद ई-रिक्शा चलाता है। उसका बेटा शाकिब (15) भी उसकी मदद करता था। परिजनों ने बताया कि शनिवार रात राशिद ने अपना ई-रिक्शा एक मदरसे में चार्जिंग को लगाया था। रविवार सुबह सात बजे शाकिब ई-रिक्शा लेने मदरसे में गया था। ई-रिक्शा में पहले से ही करंट दौड़ रहा था। जैसे ही शाकिब ने उसे छुआ तो वह करंट की चपेट में आ गया। आरोप है कि शाकिब काफी देर तक वहां तड़फता रहा। लेकिन कोई मदद नहीं मिली। काफी देर बाद मदरसा कर्मी उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में परिजन शव को घर लेकर आए गए। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मौ. असलम के अनुसार किशोर के शव का पोस्टमार्टम करने का प्रयास किया गया। लेकिन परिजनों ने किसी कानूनी कार्रवाई करने इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को दे दिया।
..तो बच जाती जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाकिब को तुरंत चिकित्सक के पास ले जाने के बजाय मदरसे में लगे चार्जिंग सिस्टम को हटा दिया गया था। यदि सामान समेटने से पहले शाकिब पर ध्यान दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। आरोप है कि ई-रिक्शा चार्जिंग के नाम पर 50 रुपये लिए जाते हैं। हालांकि मदरसा संचालकों का कहना है कि उनके यहां ई-रिक्शा केवल खड़ा था। चार्ज नहीं हो रहा था। बच्चे की मौत कैसे हुई उन्हें नहीं पता। हमारे यहां के लोग तो उसे डॉक्टर के यहां ले गए थे।
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अधिकृत बंद, अनाधिकृत चालू
मेरठ। शहर में भले ही करीब 5 हजार रजिस्टर्ड व 12 हजार अवैध ई-रिक्शा दौड़ रहे हों। लेकिन इन्हें चार्ज करने के लिए महानगर में एक भी अधिकृत ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन नहीं है। पीवीवीएनएल द्वारा यूनिवर्सिटी रोड बिजलीघर में बनाया गया प्रदेश का पहला ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन भी उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के दिशा-निर्देशों की चपेट में आकर बंद हो गया है। अधिकारियों द्वारा चार्जिंग स्टेशन के लिए आगे आकर कनेक्शन लेने की अपील भी बेकार गई है। वैध और अवैध ई-रिक्शा अवैध रूप से चार्ज हो रहे हैं। नियमानुसार ई-रिक्शा संचालक को इसे चार्ज करने के लिए कॉमर्शियल कनेक्शन लेना होता है या चार्जिंग स्टेशन पर ही रिक्शा चार्ज कराना होता है। इससे पहले भी ई-रिक्शा चार्जिंग के दौरान करंट से मौत होने के मामले सामने आते रहे हैं।
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