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बोर्ड बैठक ही नहीं निगम में भी नहीं घुस पाएंगे महापौर और पार्षद पति
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:08 AM IST
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बोर्ड बैठक में नहीं आ सकेंगे महापौर पति
मेरठ। निगम बोर्ड बैठक में बाहरी लोगों के घुसने और हंगामे के बाद हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के पत्र पर मुख्य सचिव के यहां से मंडलायुक्त को कार्रवाई के लिए कहा गया है। अब ऐसे लोगों पर निगम कार्यालय और बोर्ड बैठक में आने पर रोक लगना तय है। इसी के साथ ही कहीं कहीं योगेश वर्मा पर भी शिकंजा कसा जाएगा। दिनेश खटीक ने पत्र में निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पतियों पर प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने की शिकायत की थी, जिसमें खासतौर पर महापौर सुनीता वर्मा के पति और देवर का नाम लेकर शिकायत में पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया था।
दिनेश खटीक ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा था कि नगर निगम की महापौर सुनीता वर्मा के पति योगेश वर्मा और उनके देवर राजन वर्मा व पवन वर्मा नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों, बोर्ड बैठक में अवैध रूप से न केवल उपस्थित रहे, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही योगेश वर्मा अपने साथ 20 गाड़ियों के काफिले और उसमें हथियारबंद लोगों को लेकर हूटर बजाते हुए चलते हैं। नगर निगम में इनके इस काफिले के कारण जाम की स्थिति बन जाती है तो जनता में दहशत हो जाती है।
दिनेश खटीक ने कहा कि महापौर पति का यह आचरण शासनादेश का खुला उल्लंघन है और वह निगम कार्यों में बाधा भी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महापौर को निगम अधिनियम के तहत एक गाड़ी दी जाती है, लेकिन महापौर पति ने दबाव बनाकर नगर निगम की एक गाड़ी और जिप्सी अपने पास रखकर उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। मामले को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय से मंडलायुक्त को कार्रवाई कराने के लिए पत्र जारी हुआ है।
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खास बात
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक की शिकायत पर मुख्य सचिव के यहां से जारी हुआ पत्र
मंडलायुक्त से कहा गया पूरे मामले पर कार्रवाई कराने के लिए
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मेरठ। निगम बोर्ड बैठक में बाहरी लोगों के घुसने और हंगामे के बाद हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के पत्र पर मुख्य सचिव के यहां से मंडलायुक्त को कार्रवाई के लिए कहा गया है। अब ऐसे लोगों पर निगम कार्यालय और बोर्ड बैठक में आने पर रोक लगना तय है। इसी के साथ ही कहीं कहीं योगेश वर्मा पर भी शिकंजा कसा जाएगा। दिनेश खटीक ने पत्र में निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पतियों पर प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने की शिकायत की थी, जिसमें खासतौर पर महापौर सुनीता वर्मा के पति और देवर का नाम लेकर शिकायत में पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया था।
दिनेश खटीक ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा था कि नगर निगम की महापौर सुनीता वर्मा के पति योगेश वर्मा और उनके देवर राजन वर्मा व पवन वर्मा नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों, बोर्ड बैठक में अवैध रूप से न केवल उपस्थित रहे, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही योगेश वर्मा अपने साथ 20 गाड़ियों के काफिले और उसमें हथियारबंद लोगों को लेकर हूटर बजाते हुए चलते हैं। नगर निगम में इनके इस काफिले के कारण जाम की स्थिति बन जाती है तो जनता में दहशत हो जाती है।
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दिनेश खटीक ने कहा कि महापौर पति का यह आचरण शासनादेश का खुला उल्लंघन है और वह निगम कार्यों में बाधा भी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महापौर को निगम अधिनियम के तहत एक गाड़ी दी जाती है, लेकिन महापौर पति ने दबाव बनाकर नगर निगम की एक गाड़ी और जिप्सी अपने पास रखकर उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। मामले को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय से मंडलायुक्त को कार्रवाई कराने के लिए पत्र जारी हुआ है।
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खास बात
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक की शिकायत पर मुख्य सचिव के यहां से जारी हुआ पत्र
मंडलायुक्त से कहा गया पूरे मामले पर कार्रवाई कराने के लिए