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अनुज को हाईकोर्ट से राहत, कैंट बोर्ड में होगी वापसी
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:14 AM IST
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अनुज को हाईकोर्ट से राहत, कैंट बोर्ड होगी वापसी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
छावनी क्षेत्र में बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल के मलबे मेें दबकर चार लोगों की मौत के मामले में निलंबित चल रहे कैंट बोर्ड के सीईई को हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। होईकोर्ट ने अधिवक्ताओं की सभी दलीलें सुनने के बाद अनुज सिंह का निलंबन बहाल किए जाने का आदेश दिया है। ऐसे में अब जल्द ही कैंट बोर्ड की बैठक बुलाई जा सकती है।
बता दें कि छावनी क्षेत्र स्थित बंगला नंबर 210 बी पर आरआर मॉल बना था। जिसको कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। 9 जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने आरआर मॉल को ध्वस्त कर दिया था। इस दौरान मलबे में पांच लोग दब गए थे। इनमें से चार की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बहाली के लिए अनुज पहुंचे थे हाईकोर्ट
जेल से आने के बाद अनुज सिंह ने कैंट बोर्ड से बहाली की मांग की थी। लेकिन बोर्ड ने बहाली पर कोई निर्णय नहीं लिया था। जिसको लेकर वे हाईकोर्ट चले गए थे। एक साल बाद बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हाईकोर्ट में अनुज सिंह की बहाली को लेकर बहस हुई। न्यायालय ने अधिवक्ता राहुल अग्रवाल और कैंट बोर्ड के अधिवक्ता एसके राय एडवोकेट की सभी दलीलें सुनने के बाद अनुज सिंह के निलंबन की बहाली का आदेश दिया गया। इस संबंध में कैंट बोर्ड प्रवक्ता एमए जफर का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश कैंट बोर्ड नहीं पहुंचा है, लेकिन कैंट बोर्ड के अधिवक्ता ने अनुज सिंह के निलंबन की बहाली के आदेश की सूचना फोन पर दी है। आदेश आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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दीपक समेत चार की हुई थी मौत
आरआर मॉल के मलबे में पंडित जी नान वालों की दुकान के मालिक अरविंद पुरी सदर निवासी दीपक शर्मा, इनके पुत्र हनी शर्मा, थाना बिलासपुर हरदोई के गांव सखेड़ा निवासी लवकुश शर्मा, कर्मचारी बिट्टू शर्मा निवासी सदर और होमगार्ड ओमवीर सिंह निवासी सिंभावली दब गए थे। इनमें से बिट्टू शर्मा को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया था। बाकी चारों लोगों के शव मलबे से निकले थे। मामले में पुलिस ने बिल्डर आनंद प्रकाश अग्रवाल की तहरीर पर कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव, सीईई अनुज सिंह, सहायक अभियंता पीयूष गौतम, अवर अभियंता अवधेश यादव, योगेश यादव, अरविंद गुप्ता सहित कई कर्मचारियों के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने अनुज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं सीईओ की गिरफ्तारी के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति मांगी गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। शाम के समय अनुज सिंह की बहाली की सूचना मिली है। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
खास बात
आरआर मॉल के मलबे में दबकर चार लोगों की हो गई थी मौत
मामले में सीईई अनुज सिंह को किया गया था निलंबित, कोर्ट ने किया बहाल
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
छावनी क्षेत्र में बंगला नंबर 210 बी के आरआर मॉल के मलबे मेें दबकर चार लोगों की मौत के मामले में निलंबित चल रहे कैंट बोर्ड के सीईई को हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। होईकोर्ट ने अधिवक्ताओं की सभी दलीलें सुनने के बाद अनुज सिंह का निलंबन बहाल किए जाने का आदेश दिया है। ऐसे में अब जल्द ही कैंट बोर्ड की बैठक बुलाई जा सकती है।
बता दें कि छावनी क्षेत्र स्थित बंगला नंबर 210 बी पर आरआर मॉल बना था। जिसको कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। 9 जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने आरआर मॉल को ध्वस्त कर दिया था। इस दौरान मलबे में पांच लोग दब गए थे। इनमें से चार की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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बहाली के लिए अनुज पहुंचे थे हाईकोर्ट
जेल से आने के बाद अनुज सिंह ने कैंट बोर्ड से बहाली की मांग की थी। लेकिन बोर्ड ने बहाली पर कोई निर्णय नहीं लिया था। जिसको लेकर वे हाईकोर्ट चले गए थे। एक साल बाद बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हाईकोर्ट में अनुज सिंह की बहाली को लेकर बहस हुई। न्यायालय ने अधिवक्ता राहुल अग्रवाल और कैंट बोर्ड के अधिवक्ता एसके राय एडवोकेट की सभी दलीलें सुनने के बाद अनुज सिंह के निलंबन की बहाली का आदेश दिया गया। इस संबंध में कैंट बोर्ड प्रवक्ता एमए जफर का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश कैंट बोर्ड नहीं पहुंचा है, लेकिन कैंट बोर्ड के अधिवक्ता ने अनुज सिंह के निलंबन की बहाली के आदेश की सूचना फोन पर दी है। आदेश आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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दीपक समेत चार की हुई थी मौत
आरआर मॉल के मलबे में पंडित जी नान वालों की दुकान के मालिक अरविंद पुरी सदर निवासी दीपक शर्मा, इनके पुत्र हनी शर्मा, थाना बिलासपुर हरदोई के गांव सखेड़ा निवासी लवकुश शर्मा, कर्मचारी बिट्टू शर्मा निवासी सदर और होमगार्ड ओमवीर सिंह निवासी सिंभावली दब गए थे। इनमें से बिट्टू शर्मा को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया था। बाकी चारों लोगों के शव मलबे से निकले थे। मामले में पुलिस ने बिल्डर आनंद प्रकाश अग्रवाल की तहरीर पर कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव, सीईई अनुज सिंह, सहायक अभियंता पीयूष गौतम, अवर अभियंता अवधेश यादव, योगेश यादव, अरविंद गुप्ता सहित कई कर्मचारियों के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने अनुज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं सीईओ की गिरफ्तारी के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति मांगी गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। शाम के समय अनुज सिंह की बहाली की सूचना मिली है। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
खास बात
आरआर मॉल के मलबे में दबकर चार लोगों की हो गई थी मौत
मामले में सीईई अनुज सिंह को किया गया था निलंबित, कोर्ट ने किया बहाल