{"_id":"599df1e44f1c1b485b8b4ad1","slug":"91503523300-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्घि...........","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्घि...........
Updated Thu, 24 Aug 2017 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्म की हानि होने पर अवतरित होते हैं भगवान
मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में जगदीश मंडप में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें साध्वी दर्शनी बाई ने श्रीमद्भागवत आत्म-महायज्ञ के चौथे दिन कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान का अवतरण होता है। जिस प्रकार श्रीकृष्ण भगवान ने जन्म लेकर धर्म स्थापना की और आत्मोपदेश द्वारा अनेक जीवों का उद्धार किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देखकर श्रद्धालुओं की आंखें खुशी से नम हो गईं। जजमान नेपाल सिंह चौहान और परिवार के सदस्यों ने पूज्यनीय साध्वी और गायक कलाकारों का स्वागत किया। इस अवसर पर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन
मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में जगदीश मंडप में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें साध्वी दर्शनी बाई ने श्रीमद्भागवत आत्म-महायज्ञ के चौथे दिन कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान का अवतरण होता है। जिस प्रकार श्रीकृष्ण भगवान ने जन्म लेकर धर्म स्थापना की और आत्मोपदेश द्वारा अनेक जीवों का उद्धार किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देखकर श्रद्धालुओं की आंखें खुशी से नम हो गईं। जजमान नेपाल सिंह चौहान और परिवार के सदस्यों ने पूज्यनीय साध्वी और गायक कलाकारों का स्वागत किया। इस अवसर पर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया।