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अनाथ मिले 83 बच्चे, इनमें 47 ने खो दिए माता-पिता
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अनाथ मिले 83 बच्चे, इनमें 47 ने खो दिए माता-पिता
मेरठ। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने ऐसा कहर बरपाया कि सैंकड़ाें बच्चे अनाथ हो गए। जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से ऐसे बच्चों के पालन-पोषण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 83 बच्चे मिले हैं, जिनमें 47 ऐसे हैं, जिनके माता और पिता का निधन हुआ है।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बच्चों को लाभ दिलाने के लिए तलाश की जा रही है। सीएमओ कार्यालय से मिली सूची के बाद जिला प्रोबेशन कार्यालय ऐसे बच्चों की खोज कर रहा है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाई गई है। महिला कल्याण अधिकारी लगभग 50 कॉल कर हालचाल ले रही है। वहीं, योजना का प्रचार-प्रसार कर रही है। अभी तक 83 बच्चों की सूची में 47 ऐसे मिले हैं, जिनके मां-बाप की मौत कोरोना से हुई हैं।
प्रमाणपत्र के अलावा देने होंगे जवाब
जिन बच्चों को योजना में लाभ दिया जाना है, उन्हें छह प्रकार के प्रमाणपत्र सहित 21 सवालों के जवाब भी देने हैं। इसमें बच्चे और अभिभावकों का फोटो, मृत्यु प्रमाण पत्र, अब किसके साथ रह रहे हैं, बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
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लैपटॉप और टेबलेट भी मिलेंगे
आईटीआई साकेत के प्रधानाचार्य पीपी अत्री ने बताया कि योजना में ऐसे बच्चे शामिल किये जाएंगे, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है और उनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई है। ऐसे सभी प्रशिक्षार्थी जो राजकीय या निजी आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, वह पात्र होंगे। उनको लैपटॉप या टेबलेट प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षार्थी अपने संस्थान के प्रधानाचार्य से संपर्क कर जानकारी देंगे।
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मेरठ। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने ऐसा कहर बरपाया कि सैंकड़ाें बच्चे अनाथ हो गए। जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से ऐसे बच्चों के पालन-पोषण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 83 बच्चे मिले हैं, जिनमें 47 ऐसे हैं, जिनके माता और पिता का निधन हुआ है।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बच्चों को लाभ दिलाने के लिए तलाश की जा रही है। सीएमओ कार्यालय से मिली सूची के बाद जिला प्रोबेशन कार्यालय ऐसे बच्चों की खोज कर रहा है। जिला प्रोबेशन कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाई गई है। महिला कल्याण अधिकारी लगभग 50 कॉल कर हालचाल ले रही है। वहीं, योजना का प्रचार-प्रसार कर रही है। अभी तक 83 बच्चों की सूची में 47 ऐसे मिले हैं, जिनके मां-बाप की मौत कोरोना से हुई हैं।
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प्रमाणपत्र के अलावा देने होंगे जवाब
जिन बच्चों को योजना में लाभ दिया जाना है, उन्हें छह प्रकार के प्रमाणपत्र सहित 21 सवालों के जवाब भी देने हैं। इसमें बच्चे और अभिभावकों का फोटो, मृत्यु प्रमाण पत्र, अब किसके साथ रह रहे हैं, बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
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लैपटॉप और टेबलेट भी मिलेंगे
आईटीआई साकेत के प्रधानाचार्य पीपी अत्री ने बताया कि योजना में ऐसे बच्चे शामिल किये जाएंगे, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है और उनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई है। ऐसे सभी प्रशिक्षार्थी जो राजकीय या निजी आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, वह पात्र होंगे। उनको लैपटॉप या टेबलेट प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षार्थी अपने संस्थान के प्रधानाचार्य से संपर्क कर जानकारी देंगे।