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नगर निगम ने बीओटी ठेकेदारों पर कसा शिकंजा, भेजे नोटिस
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नगर निगम ने बीओटी ठेकेदारों पर कसा शिकंजा, भेजे नोटिस
- कहा ठेकेदार नहीं कर रहे ठेके की शर्तों का पालन
शर्तों का उल्लंघन करने पर काली सूची में डालने की होगी कार्रवाई
मेरठ। शहर की सड़कों को जगमग करने और चौराहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर ठेके हासिल करने वाले बीओटी ठेकेदार नियम शर्तों को मानने की बजाय मनमानी कर रहे हैं। यह कहना है अपर नगर आयुक्त का। अपर नगर आयुक्त ने मार्गोँ के बीओटी ठेकेदार मेसर्स अभिनव एड एजेंसी और मेसर्स हीरा एड एजेंसी को नोटिस जारी कर अविलंब व्यक्तिगत रूप से दफ्तर में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर दोनों फर्मों को काली सूची में डाल दिया जाएगा।
शहर के छह मार्गों को बीओटी ठेके के अंतर्गत प्रकाशमान करने के लिए मेसर्स अभिनव एड एजेंसी ने और शहर के 17 चौराहों के सौंदर्यीकरण की शर्त पर मेसर्स हीरा एड एजेंसी ने यूनिपोल और होर्डिंग का ठेका लिया था, लेकिन दोनों ही एजेंसियों ने ठेके के नियम और शर्तों का पालन नहीं किया। छह मार्गों पर यूनिपोल और होर्डिंग की तो भरमार है, लेकिन इन पर लगी लाइट नहीं जल रही है। यही हाल चौराहों का भी है। यहां भी यूनिपोल और होर्डिंग तो हर जगह लगे हैं, लेकिन एक भी चौराहे का सौंदर्यीकरण नहीं किया गया है। इन सभी मामलों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाते हुए ठेकेदार की मनमर्जी और लापरवाही का भंडाफोड़ किया था। जिसके बाद हरकत में आए अपर नगर आयुक्त अमित सिंह ने न केवल अवैध यूनिपोल और होर्डिंग हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया, बल्कि अपर नगर आयुक्त ने दोनों फर्मों को नोटिस जारी करते हुए उनके प्रतिनिधियों को कार्यालय तलब किया है।
नोटिस में अभिनव एड एजेंसी को कहा गया है कि छह मार्गों पर प्रकाश की स्थिति बेहद खराब है। जबकि फर्म को विद्युत खंभों पर सोलर लाइटों की व्यवस्था करनी थी, लेकिन इन मार्गों पर अंधेरा पसरा रहता है। इसके अलावा न ही फर्म ने मार्ग पर वाटर कूलर लगाए और न ही डिवाइडर का सौंदर्यीकरण किया। हीरा एड एजेंसी ने भी नियम शर्तों के मुताबिक न तो चौराहों का सौंदर्यीकरण किया और न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए और न ही वाटर कूलर का इंतजाम किया।
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स्टे खारिज कराने के लिए विधि अनुभाग को भेजा पत्र
अपर नगर आयुक्त अमित सिंह ने 17 चौराहों और 6 मार्गों के बीओटी मॉडल पर आवंटित ठेके के नवीनीकरण 15 मई 2018 के निरस्तीकरण के विरुद्ध मेसर्स हीरा एड एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष योजित की गई रिट याचिका संख्या 24740/2018, मेसर्स हीरा एड एजेंसी एवं अन्य बनाम यूपी सरकार एवं चार अन्य को स्टे आदेश को खारिज कराने के लिए प्रभारी विधि अनुभाग को पत्र भेजा है। पत्र में प्रभावी पैरवी करते हुए स्थगन आदेश को खारिज कराने की बात कही गई है ताकि नगर निगम की आय बढ़ाई जा सके।
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- कहा ठेकेदार नहीं कर रहे ठेके की शर्तों का पालन
शर्तों का उल्लंघन करने पर काली सूची में डालने की होगी कार्रवाई
मेरठ। शहर की सड़कों को जगमग करने और चौराहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर ठेके हासिल करने वाले बीओटी ठेकेदार नियम शर्तों को मानने की बजाय मनमानी कर रहे हैं। यह कहना है अपर नगर आयुक्त का। अपर नगर आयुक्त ने मार्गोँ के बीओटी ठेकेदार मेसर्स अभिनव एड एजेंसी और मेसर्स हीरा एड एजेंसी को नोटिस जारी कर अविलंब व्यक्तिगत रूप से दफ्तर में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर दोनों फर्मों को काली सूची में डाल दिया जाएगा।
शहर के छह मार्गों को बीओटी ठेके के अंतर्गत प्रकाशमान करने के लिए मेसर्स अभिनव एड एजेंसी ने और शहर के 17 चौराहों के सौंदर्यीकरण की शर्त पर मेसर्स हीरा एड एजेंसी ने यूनिपोल और होर्डिंग का ठेका लिया था, लेकिन दोनों ही एजेंसियों ने ठेके के नियम और शर्तों का पालन नहीं किया। छह मार्गों पर यूनिपोल और होर्डिंग की तो भरमार है, लेकिन इन पर लगी लाइट नहीं जल रही है। यही हाल चौराहों का भी है। यहां भी यूनिपोल और होर्डिंग तो हर जगह लगे हैं, लेकिन एक भी चौराहे का सौंदर्यीकरण नहीं किया गया है। इन सभी मामलों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाते हुए ठेकेदार की मनमर्जी और लापरवाही का भंडाफोड़ किया था। जिसके बाद हरकत में आए अपर नगर आयुक्त अमित सिंह ने न केवल अवैध यूनिपोल और होर्डिंग हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया, बल्कि अपर नगर आयुक्त ने दोनों फर्मों को नोटिस जारी करते हुए उनके प्रतिनिधियों को कार्यालय तलब किया है।
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नोटिस में अभिनव एड एजेंसी को कहा गया है कि छह मार्गों पर प्रकाश की स्थिति बेहद खराब है। जबकि फर्म को विद्युत खंभों पर सोलर लाइटों की व्यवस्था करनी थी, लेकिन इन मार्गों पर अंधेरा पसरा रहता है। इसके अलावा न ही फर्म ने मार्ग पर वाटर कूलर लगाए और न ही डिवाइडर का सौंदर्यीकरण किया। हीरा एड एजेंसी ने भी नियम शर्तों के मुताबिक न तो चौराहों का सौंदर्यीकरण किया और न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए और न ही वाटर कूलर का इंतजाम किया।
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स्टे खारिज कराने के लिए विधि अनुभाग को भेजा पत्र
अपर नगर आयुक्त अमित सिंह ने 17 चौराहों और 6 मार्गों के बीओटी मॉडल पर आवंटित ठेके के नवीनीकरण 15 मई 2018 के निरस्तीकरण के विरुद्ध मेसर्स हीरा एड एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष योजित की गई रिट याचिका संख्या 24740/2018, मेसर्स हीरा एड एजेंसी एवं अन्य बनाम यूपी सरकार एवं चार अन्य को स्टे आदेश को खारिज कराने के लिए प्रभारी विधि अनुभाग को पत्र भेजा है। पत्र में प्रभावी पैरवी करते हुए स्थगन आदेश को खारिज कराने की बात कही गई है ताकि नगर निगम की आय बढ़ाई जा सके।