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गन्ना

Mon, 10 Sep 2018 02:44 AM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:44 AM IST
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गन्ना

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मेरठ। हर साल की तरह इस साल भी कराए गए गन्ना सर्वेक्षण में 7961 फर्जी बांड पकड़ में आए हैं। इन सभी बांडों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। पेराई सत्र 2018-19 की समीक्षा के लिए आए मंडल के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह ने समय से मिल चलाने और किसानों को प्राथमिक व अंतिम कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिए।

प्रदेश में बंपर गन्ना रकबा होने और अगले साल लोकसभा चुनाव होने के चलते सरकार मिल चलाने के लिए बेहद गंभीरता दिखा रही है। मंडल के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह दो दिन से मंडल में डेरा डाले हैं। रविवार को सिंह ने गन्ना भवन में पेराई सत्र 2018-19 की समीक्षा की। सिंह ने समितियों द्वारा जारी की जाने वाली पर्चियों की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पर्ची निर्गमन में अगर अनियमितता मिली तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने चीनी मिलों को केंद्र सरकार द्वारा आवंटित कोटा अनुसार चीनी बिक्री कर गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि गन्ना सर्वेक्षण में राजस्व विभाग से मिलान कराने पर मंडल में 7961 किसानों को बांड फर्जी मिले। इन सभी बांड को बंद कर दिया गया है। इससे पहले उन्होंने बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ जिलों के गांवों में पहुंचकर सट्टा प्रदर्शन का निरीक्षण किया। इस मौके पर उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह सहित मंडल के सभी जिलों के गन्ना अधिकारी व मिल प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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