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रिठानी के किसानों ने उठाया 11 रुपये प्रतिकर का मुद्दा
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:24 AM IST
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मेरठ। प्रतिकर की मांग को लेकर रिठानी के किसान भी आंदोलन छेड़ने के मूड में दिखाई देने लगे हैं। यदि किसानों ने इस मुद्दे को हवा दी तो करीब 23 करोड़ रुपये का बोझ प्राधिकरण पर पड़ने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक किसान नेता राममेहर सिंह ने भी सूचना के अधिकार के तहत साल 2003 के रिठानी व प्रशासन के बीच हुए 272 रुपये के समझौते की सूचना मांगी है। ताकि प्रतिकर की लड़ाई लड़ने में किसान नेताओं को आसानी हो सके। उधर, प्राधिकरण शताब्दी नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 400 से अधिक मकान बनाना चाहता है। इस जमीन पर प्राधिकरण को कब्जा नहीं मिल पाया है। जिसके चलते किसान नेता राम मेहर सिंह ने 11 रुपये प्रतिकर बकाया धन राशि की मांग उठाते हुए एक प्रार्थनापत्र भी तहसीलदार व अर्जन प्रभारी मनोज सिंह को पिछले सप्ताह सौंपा है। प्राधिकरण इस पत्र को संज्ञान में लेते हुए पूरे मामले की फाइलों को तलाशने में लगा हैं। तहसीलदार का कहना है कि प्रतिकर की मांग के मुद्दे का एक प्रार्थनापत्र आया है। वहीं, यदि रिठानी के किसानों ने अपनी प्रतिकर की मांग समझौते के आधार पर पूरी करा ली तो अन्य गांव के किसान भी इसी तर्ज पर मांग करने से पीछे नहीं हटेंगे। जो प्राधिकरण के लिए गले में फांस बन सकती है।
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सूत्रों के मुताबिक किसान नेता राममेहर सिंह ने भी सूचना के अधिकार के तहत साल 2003 के रिठानी व प्रशासन के बीच हुए 272 रुपये के समझौते की सूचना मांगी है। ताकि प्रतिकर की लड़ाई लड़ने में किसान नेताओं को आसानी हो सके। उधर, प्राधिकरण शताब्दी नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 400 से अधिक मकान बनाना चाहता है। इस जमीन पर प्राधिकरण को कब्जा नहीं मिल पाया है। जिसके चलते किसान नेता राम मेहर सिंह ने 11 रुपये प्रतिकर बकाया धन राशि की मांग उठाते हुए एक प्रार्थनापत्र भी तहसीलदार व अर्जन प्रभारी मनोज सिंह को पिछले सप्ताह सौंपा है। प्राधिकरण इस पत्र को संज्ञान में लेते हुए पूरे मामले की फाइलों को तलाशने में लगा हैं। तहसीलदार का कहना है कि प्रतिकर की मांग के मुद्दे का एक प्रार्थनापत्र आया है। वहीं, यदि रिठानी के किसानों ने अपनी प्रतिकर की मांग समझौते के आधार पर पूरी करा ली तो अन्य गांव के किसान भी इसी तर्ज पर मांग करने से पीछे नहीं हटेंगे। जो प्राधिकरण के लिए गले में फांस बन सकती है।
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