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एक फरवरी से लागू होगा केंद्रीय ईवे बिल, ट्रायल शुरू
Updated Sat, 20 Jan 2018 07:36 PM IST
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मेरठ। एक फरवरी से ईवे बिल लागू होने वाला है, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। ईवे बिल प्रक्रिया को समझने के लिए स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने विभागीय अफसरों को निर्देशित किया है कि 31 जनवरी तक शहर के सभी व्यापार मंडलों को प्रशिक्षित किया जाए। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोग अपने स्तर से भी ईवे बिल प्रक्रिया को समझ लें।
पहले एक अक्तूबर 2017 से केंद्रीय ई-वे बिल लागू किया जाना प्रस्तावित था। केंद्रीय ईवे बिल इसकी वेबसाइट ईवे-बिल डॉट निक डॉट इन साइट पर उपलब्ध है। कारोबारी इसी साइट के जरिए ईवे बिल डाउनलोड कर सकते हैं। एक फरवरी से किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त 2017 की रात 12 बजे से लागू किया गया राज्य ई-वे बिल खत्म हो जाएगा।
व्यापारी ई-वे बिल का विरोध करते रहे थे, जबकि अधिकारियों का कहना था कि आयातित माल का हिसाब रखने के लिए यह कदम जरूरी है। इससे कर चोरी करने वाले माल के परिवहन पर रोक लगेगी। टैक्स चोरी करने वालों को पकड़े जाने का डर रहेगा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह ने बताया कि केंद्रीय ई-वे बिल पूरे देश में लागू होना है, लिहाजा राज्य वाला ई-वे बिल उसके बाद नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी से ट्रायल चल रहा है। व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है।
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यह है ईवे
दूसरे प्रदेश से माल अपने राज्य में लाने पर ईवे बिल डाउनलोड किया जाता है। इसमें माल के क्रेता और विक्रेता, वजन और कीमत माल के उठाने एवं पहुंचने का स्थान समेत तमाम तरह के विवरण भरे जाते हैं। यह माल के परिवहन का लाइसेंस है।
खास बातें:
- पहले था राज्य ईवे बिल, अब लागू होगा केंद्रीय ईवे बिल
- 31 जनवरी तक व्यापारियों को प्रशिक्षित करने की हिदायत
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पहले एक अक्तूबर 2017 से केंद्रीय ई-वे बिल लागू किया जाना प्रस्तावित था। केंद्रीय ईवे बिल इसकी वेबसाइट ईवे-बिल डॉट निक डॉट इन साइट पर उपलब्ध है। कारोबारी इसी साइट के जरिए ईवे बिल डाउनलोड कर सकते हैं। एक फरवरी से किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त 2017 की रात 12 बजे से लागू किया गया राज्य ई-वे बिल खत्म हो जाएगा।
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व्यापारी ई-वे बिल का विरोध करते रहे थे, जबकि अधिकारियों का कहना था कि आयातित माल का हिसाब रखने के लिए यह कदम जरूरी है। इससे कर चोरी करने वाले माल के परिवहन पर रोक लगेगी। टैक्स चोरी करने वालों को पकड़े जाने का डर रहेगा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर के असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह ने बताया कि केंद्रीय ई-वे बिल पूरे देश में लागू होना है, लिहाजा राज्य वाला ई-वे बिल उसके बाद नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी से ट्रायल चल रहा है। व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है।
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यह है ईवे
दूसरे प्रदेश से माल अपने राज्य में लाने पर ईवे बिल डाउनलोड किया जाता है। इसमें माल के क्रेता और विक्रेता, वजन और कीमत माल के उठाने एवं पहुंचने का स्थान समेत तमाम तरह के विवरण भरे जाते हैं। यह माल के परिवहन का लाइसेंस है।
खास बातें:
- पहले था राज्य ईवे बिल, अब लागू होगा केंद्रीय ईवे बिल
- 31 जनवरी तक व्यापारियों को प्रशिक्षित करने की हिदायत