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जिला पंचायत के स्वीकृत विकास कायोऌं् को लेकर कमिश्नर से मिले सदस्य
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:14 AM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिला पंचायत बोर्ड में विवाद बढ़ने लगा है। 17.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना के विपरीत स्वीकृत किए गए लगभग 15.25 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और कुछ सदस्यों के बीच ठन गई है। मंगलवार को चार जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर स्वीकृत कार्यों की जांच कराए बगैर निविदा पर रोक लगाने की मांग की है।
मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला के नेतृत्व में सतपाल सिंह, रोहताश पहलवान, ललित चौहान और सपना हुड्डा के पति प्रदीप हुड्डा मंडलायुक्त से मिले। डॉ. मीनाीक्षी भराला और रोहताश पहलवान ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पूरी तरह मनमाने ढंग से कार्य योजना के प्रस्ताव स्वीकृत कर रहे हैं। सदस्यों ने जो प्रस्ताव भेजे, उनमें अपने चहेते सदस्यों के प्रस्ताव जहां स्वीकृत कर दिए, वहीं उनका विधिक रूप से विरोध करने वाले सदस्यों के प्रस्तावों में कांट छांट कर दी। जबकि सभी सदस्यों के क्षेत्र में उनके प्रस्तावों पर बराबर के काम आवंटित होने चाहिए थे। अन्य सदस्याें ने भी अपने-अपने वार्ड में ऐसी ही स्थिति होने की बात कही है।
बाहरी लोगाें के प्रस्तावों पर कार्य प्रस्ताव
डॉ. मीनाक्षी भराला ने कहा कि उन्होंने अपने वार्ड में करीब 55 लाख रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे थे। लेकिन उनमें कांट छांट कर करीब 8.50 लाख रुपये के प्रस्ताव ही स्वीकृत किए गए। जबकि उनके वार्ड में काम करीब 50 लाख रुपये का ही हो रहा है, लेकिन बाकी प्रस्ताव उनके सामने हारे हुए एक प्रत्याशी और एक पूरी तरह बाह्य व्यक्ति के कहने पर कराए जा रहे हैं और प्रचारित भी किया जा रहा है।
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निविदा पर लगायी जाये रोक
जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त से कहा कि वह बोर्ड बैठक, उसमें रखे गए प्रस्ताव, सदस्यों द्वारा भेजी गई कार्ययोजना और स्वीकृत प्रस्तावों की गहनता से निष्पक्ष जांच कराएं। इससे पहले आमंत्रित निविदाओं को निरस्त किया जाए या उन पर रोक लगाई जाए। ताकि सदस्यों के प्रस्ताव पर पूरी निष्पक्षता से काम हो सके।
मंडलायुक्त ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले पर मंडलायुक्त ने सदस्यों को जांच कराते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं मंडलायुक्त से मिलकर आये सदस्यों ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर अब कोर्ट भी जा रहे हैं, जहां इस प्रक्रिया पर स्थगन आदेश लेकर आएंगे।
खास बात
जिला पंचायत सदस्य मंडलायुक्त से मिले, कहा, उनके प्रस्तावों में की गई कटौती
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिला पंचायत बोर्ड में विवाद बढ़ने लगा है। 17.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना के विपरीत स्वीकृत किए गए लगभग 15.25 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और कुछ सदस्यों के बीच ठन गई है। मंगलवार को चार जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर स्वीकृत कार्यों की जांच कराए बगैर निविदा पर रोक लगाने की मांग की है।
मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला के नेतृत्व में सतपाल सिंह, रोहताश पहलवान, ललित चौहान और सपना हुड्डा के पति प्रदीप हुड्डा मंडलायुक्त से मिले। डॉ. मीनाीक्षी भराला और रोहताश पहलवान ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पूरी तरह मनमाने ढंग से कार्य योजना के प्रस्ताव स्वीकृत कर रहे हैं। सदस्यों ने जो प्रस्ताव भेजे, उनमें अपने चहेते सदस्यों के प्रस्ताव जहां स्वीकृत कर दिए, वहीं उनका विधिक रूप से विरोध करने वाले सदस्यों के प्रस्तावों में कांट छांट कर दी। जबकि सभी सदस्यों के क्षेत्र में उनके प्रस्तावों पर बराबर के काम आवंटित होने चाहिए थे। अन्य सदस्याें ने भी अपने-अपने वार्ड में ऐसी ही स्थिति होने की बात कही है।
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बाहरी लोगाें के प्रस्तावों पर कार्य प्रस्ताव
डॉ. मीनाक्षी भराला ने कहा कि उन्होंने अपने वार्ड में करीब 55 लाख रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे थे। लेकिन उनमें कांट छांट कर करीब 8.50 लाख रुपये के प्रस्ताव ही स्वीकृत किए गए। जबकि उनके वार्ड में काम करीब 50 लाख रुपये का ही हो रहा है, लेकिन बाकी प्रस्ताव उनके सामने हारे हुए एक प्रत्याशी और एक पूरी तरह बाह्य व्यक्ति के कहने पर कराए जा रहे हैं और प्रचारित भी किया जा रहा है।
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निविदा पर लगायी जाये रोक
जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त से कहा कि वह बोर्ड बैठक, उसमें रखे गए प्रस्ताव, सदस्यों द्वारा भेजी गई कार्ययोजना और स्वीकृत प्रस्तावों की गहनता से निष्पक्ष जांच कराएं। इससे पहले आमंत्रित निविदाओं को निरस्त किया जाए या उन पर रोक लगाई जाए। ताकि सदस्यों के प्रस्ताव पर पूरी निष्पक्षता से काम हो सके।
मंडलायुक्त ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले पर मंडलायुक्त ने सदस्यों को जांच कराते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं मंडलायुक्त से मिलकर आये सदस्यों ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर अब कोर्ट भी जा रहे हैं, जहां इस प्रक्रिया पर स्थगन आदेश लेकर आएंगे।
खास बात
जिला पंचायत सदस्य मंडलायुक्त से मिले, कहा, उनके प्रस्तावों में की गई कटौती