Meerut: हस्तिनापुर में 75 घड़ियाल के शावकों को मिली गंगा की गोद, 20 दिनों तक होगी निगरानी
Meerut News : लखनऊ के कुकरैल स्थित घड़ियाल प्रजनन केंद्र से लाए गए 75 घड़ियाल के शावकों को हस्तिनापुर में गंगा में छोड़ा गया।
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गंगा को स्वच्छ बनाने एवं घड़ियाल परियोजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्व प्रकृति निधि भारत एवं वन विभाग के तत्वावधान में संयुक्त रूप से लखनऊ के कुकरैल स्थित घड़ियाल प्रजनन केंद्र से लाए गए 75 घड़ियाल के शावकों को गंगा में छोड़ा गया।
डीएफओ राजेश कुमार व विश्व प्रकृति निधि भारत के वरिष्ठ समन्वयक संजीव यादव के नेतृत्व में 75 घड़ियाल छोड़े गए। जिसमें 17 नर व 58 मादाएं शामिल रहीं है। इनकी लंबाई 120 से 137 सेंटीमीटर व वजन 5.4 से 6.2 किग्रा. तक रहा।
विश्व प्रकृति निधि के संजीव यादव ने बताया कि घड़ियाल पुनर्विस्थापन परियोजना के तहत वर्ष 2009 से अब तक सात चरणों में कुल 973 घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं। घड़ियाल की विलुप्त होती प्रजाति का संरक्षण करने के लिए गंगा नदी में इस अभियान को चलाया जा रहा है। गंगा नदी में घड़ियाल जैविक सफाईकर्मी का कार्य करते हैं। इसके बाद इन्हें विभिन्न नदियों में छोड़ा जा रहा है। इन्हें नदी में छोड़ने के लिए सर्दी का मौसम उपयुक्त होता है। इस दौरान प्रशिक्षु आईपीएस ऋजुल, क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत चौधरी, चेयरमैन मवाना अखिल कौशिक, शाहनवाज खान, ओमप्रकाश, अतुल दूबे आदि मौजूद रहे।
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20 दिनों तक गंगा में होगी निगरानी
डीएफओ रजेश कुमार ने बताया कि घड़ियालों के शावकों को छोड़ने के बाद अब उनकी अगले 20 दिनों तक मोटरबोट द्वारा 20 किमी. के दायरे में विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। शनिवार को भी 35 किमी की रेंज में 21 घड़ियाल टापुओं पर धूप सेंकते दिखाई दिए। जिनमें 12 व्यस्क मादाएं थी।
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