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राजनाथ के सामने रखा 74वें संविधान संशोधन का मुद्दा
amar ujala meerut
Updated Tue, 30 May 2017 03:32 AM IST
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rajnath singh
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स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 74वां संविधान संशोधन लागू कराने की मांग को लेकर नगर निगम के पार्षदों ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने मांग करते हुए कहा कि संविधान संशोधन लागू कराने के बाद ही स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बिना मानकों के गुणवत्ता हीन कार्य कराए जा रहे हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को बाईपास स्थित सुभारती विवि के सभागार में आयोजित भाजपा के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान भाजपा पार्षद राकेश शर्मा, राजकुमार मुन्ना, पंकज कतीरा, सेंसरपाल, हरीश कुमार, रश्मि तेवतिया, संजीव पुंडीर, रीता सिंह, ओमवीरी, कोमल लोधी, रश्मि गुप्ता, रविंद्र तेवतिया आदि ने सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि यूपी में 74वां संविधान संशोधन लागू न होने के कारण केंद्र सरकार की योजनाओं में हजारों करोड़ रुपये बर्बाद हो रहे हैं। मानकों से दूर कार्य कराया जा रहा है।
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यह संविधान लागू होने के बाद ही नगर निगमों में कार्य की स्थिति सुधरेगी। भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि पूर्व की प्रदेश सरकार ने इसलिए संविधान संशोधन लागू नहीं किया क्योंकि उत्तर प्रदेश की 95 प्रतिशत नगर निगमों में भाजपा का बहुमत है। अब केंद्र और यूपी में भाजपा की सरकार है इसलिए निकायों को मजबूत करने के लिए संविधान संशोधन लागू कराया जाना जरूरी है।
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चौधरी चरण सिंह को याद कर किया
राजनाथ सिंह ने संबोधन से पहले चौधरी चरण सिंह को याद किया। कहा कि आज उनकी पुण्य तिथि हैं। चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूॅं। अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग और संचालन प्रवीण अग्रवाल ने किया। सम्मेलन को सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और विधायक डा. सोमेंद्र तोमर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अरुण वशिष्ठ, कोषाध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल और मयंक गोयल ने संबोधित किया। मंच पर विधायक ठा. संगीत सोम, विधायक दिनेश खटीक, विधायक सत्यवीर त्यागी, महानगर प्रभारी श्रीचंद शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनीत अग्रवाल शारदा, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा आदि मौजूद रहे।
व्यापारी किसान को दी राहत
गृह मंत्री ने कहा हमने व्यापारियों को भी राहत देने का काम किया है। दो करोड़ तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को उसके द्वारा बतायी गई आय पर ही टैक्स लिया जाएगा। मेरिट के आधार पर नियुक्ति शुरू कराई, ताकि पात्र व्यक्ति को उसका हक मिले। फसल बीमा योजना के तहत देश के किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाया गया। कौशल विकास मिशन के तहत 76 लाख युवकों को रोजगार दिया। उन्होंने सभागार में लोगों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि विपक्ष ने जनधन खाते खुलवाने पर सवाल किया, नोटबंदी के फैसले का विरोध किया। क्या आप लोग नहीं चाहते कालाधन जमा न हो, भ्रष्टाचार समाप्त हो। क्या आप नहीं चाहते आतंकवाद की रीढ़ टूटे।
गरीबों के लिए काम किया
राजनाथ सिंह ने कहा कि तीन साल पहले विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर कह रहा था, वह गरीबों का मसीहा निकले। उन्होंनेे देश के गरीबों के बारे में सोचा, उनके लिए योजनाएं लागू कराईं। जनधन खाते खुलवाए और उन्हें 12 रुपये में दो लाख रुपये बीमा योजना का लाभ दिया। उन्होंने नाम लिए बिना राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक दिन गरीबों के यहां खाना खाने से कोई दलितों का मसीहा नहीं बन जाता। कुर्ते की जेब फाड़ कर अपने आपको एंग्री मैन दर्शाने की कोशिश भी की, जबकि जनता सब जानती है कि अब तक देश को गरीबी किसने दी।