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Meerut News: तटबंध पर खर्च किए 73 करोड़ और संपर्क मार्ग पर हो रहे हादसे

Thu, 03 Apr 2025 02:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 02:04 AM IST
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73 crores spent on embankment and accidents are happening on the connecting road
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में गंगा का तटबंध बनने से भले ही लोगों को राहत मिली हो, लेकिन तटबंध को बनाने के लिए तारापुर से फतेहपुर प्रेम तक जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत बहुत खराब है। इसकी दुर्दशा देखकर खादर क्षेत्र लोगों का कहना है कि इससे तो बिना तटबंध के ही ठीक थे।
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गंगा घाट पर बनने वाले जिस तटबंध से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, इसी तटबंध पर जाने वाले मार्ग पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां लोगों की जान अधिकारियों के लिए अहमियत नहीं रखती। तारापुर से फतेहपुर प्रेम गंगा घाट पर जाने वाले मुख्य मार्ग पर करीब चार किलोमीटर दूरी में छोटी चामरोध, बड़ी चामरोध, हरीपुर, फतेहपुर प्रेम, भागलपुर आदि गांव स्थित हैं।
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वहीं खादर क्षेत्र के करीब दर्जनभर गांव के किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि इसी संपर्क मार्ग पर स्थित है। सिंचाई विभाग द्वारा गंगा पर 73 करोड़ की लागत से वर्ष 2024 से तटबंध का निर्माण कराया जा रहा है। पिछले एक साल से हजारों किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि रामराज मध्य गंग नहर के किनारे से मिट्टी का खनन कर तारापुर के रास्ते फतेहपुर प्रेम गंगा घाट पर करीब 15 किलोमीटर दूर लाई जा रही है। इस बीच दर्जनों गांव के लोगों को सड़क पर उड़ने वाली धूल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं, फतेहपुर प्रेम गांव के संपर्क मार्ग की स्थिति मिट्टी के डंपर चलने के कारण बेहद खराब हो चुकी है। इस संपर्क मार्ग से हर रोज हादसे से हो रहे हैं। जानकारी के बाद भी सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। किसानों के लिए यह मार्ग अब जानलेवा साबित हो रहा है। पक्की सड़क पर करीब एक फीट मिट्टी रेत पड़ी हुई है, जिसमें फिसल कर हर रोज लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

नहीं किया जाता छिड़काव
तटबंध बनाने के कार्य में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मिट्टी डालने वाले रास्ते पर धूल को दबाने के लिए जहां पानी छिड़काव का प्रावधान है, वह पूरा नहीं हो रहा है। लीपापोती के लिए एक सप्ताह में कुछ दूरी तक पानी का छिड़काव कर जिम्मेदारी पूरी कर ली जाती है।




इस मामले में सिंचाई विभाग को पहले भी पत्र लिखकर अवगत कराया गया था। एक बार पुन: पत्र लिखकर मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। -सत्येंद्र कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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