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रेलवे अधिकारियों ने मानी किसानों की सभी मांगें
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जंगेठी गांव में किसानों ने शुरू किया था रेलवे के खिलाफ धरना प्रदर्शन
अधिकारी बोले, रास्ता भी मिलेगा और पुलियों को निर्माण भी कराया जाएगा
कंकरखेड़ा। कोलकाता से लुधियाना तक बनाए जा रहे रेलवे ट्रैक मामले में फिलहाल समझौता हो गया। रेलवे अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। रेलवे ने किसानों की सभी मांगे मान ली हैं।
रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए रेलवे ने किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन ली है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण के नियमों का उल्लंघन किया है। खेतों पर आने जाने के लिए उन्हें रास्ता नहीं दिया जा है। इसके अलावा अनुदान की 5 लाख 50 हजार रुपये की राशि भी नहीं दी गई। उक्त मांगें पूरी न होने पर किसानों ने जंगेठी गांव में रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य रुकवा दिया। बृहस्पतिवार से भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौ. इलम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक के पास धरने पर बैठ गए। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे रेलवे के चीफ इंजीनियर जेपी गोयल व तुफेल अहमद अपने अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। चौ. इलम सिंह का कहना है कि फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया है। यदि अधिकारी अपनी बातों पर खरे नहीं उतरे तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान विजयपाल घोपला, नरेश चौधरी, सुभाष सिंह, मदन सिंह, राजू, महकार सिंह दौरालिया, डॉ. विकास वलीदपुर, श्यौराज सिंह, रघुवीर सिंह, शौकिन्द्र सिंह, जयविंदर सिंह, मनोज कुमार, विनोद जिटौली, गौरव जिटौली, बबलू जिटौली, राम कृपाल सिंह, नरेश कुमार, मुकेश कुमार, शीशपाल सिंह, दीपक कुमार, सुरेश कुमार, प्रवीन कुमार, पद्म सिंह, पवन कुमार, महेश कुमार, अमरीश सिंह मौजूद रहे।
इन मांगों को पूरा कराने का दिया आश्वासन
भाकियू नेता संजय दौरालिया ने बताया कि अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि खेतों पर आने जाने के लिए किसानों को रास्ता दिया जाएगा। ट्रैक पर चकरोडों के सामने पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। अनुदान राशि 5 लाख 50 हजार रुपये भी जल्द दिलाई जाएगी। स्टांप ड्यूटी भी नहीं ली जाएगी। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने को छोड़कर अधिकारियों ने किसानों की सभी मांगे मान ली। इस दौरान किसानों ने धरनास्थल पर अपने खाने पीने का पूरा प्रबंध कर लिया।
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अधिकारी बोले, रास्ता भी मिलेगा और पुलियों को निर्माण भी कराया जाएगा
कंकरखेड़ा। कोलकाता से लुधियाना तक बनाए जा रहे रेलवे ट्रैक मामले में फिलहाल समझौता हो गया। रेलवे अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। रेलवे ने किसानों की सभी मांगे मान ली हैं।
रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए रेलवे ने किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन ली है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण के नियमों का उल्लंघन किया है। खेतों पर आने जाने के लिए उन्हें रास्ता नहीं दिया जा है। इसके अलावा अनुदान की 5 लाख 50 हजार रुपये की राशि भी नहीं दी गई। उक्त मांगें पूरी न होने पर किसानों ने जंगेठी गांव में रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य रुकवा दिया। बृहस्पतिवार से भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौ. इलम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक के पास धरने पर बैठ गए। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे रेलवे के चीफ इंजीनियर जेपी गोयल व तुफेल अहमद अपने अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। चौ. इलम सिंह का कहना है कि फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया है। यदि अधिकारी अपनी बातों पर खरे नहीं उतरे तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान विजयपाल घोपला, नरेश चौधरी, सुभाष सिंह, मदन सिंह, राजू, महकार सिंह दौरालिया, डॉ. विकास वलीदपुर, श्यौराज सिंह, रघुवीर सिंह, शौकिन्द्र सिंह, जयविंदर सिंह, मनोज कुमार, विनोद जिटौली, गौरव जिटौली, बबलू जिटौली, राम कृपाल सिंह, नरेश कुमार, मुकेश कुमार, शीशपाल सिंह, दीपक कुमार, सुरेश कुमार, प्रवीन कुमार, पद्म सिंह, पवन कुमार, महेश कुमार, अमरीश सिंह मौजूद रहे।
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इन मांगों को पूरा कराने का दिया आश्वासन
भाकियू नेता संजय दौरालिया ने बताया कि अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि खेतों पर आने जाने के लिए किसानों को रास्ता दिया जाएगा। ट्रैक पर चकरोडों के सामने पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। अनुदान राशि 5 लाख 50 हजार रुपये भी जल्द दिलाई जाएगी। स्टांप ड्यूटी भी नहीं ली जाएगी। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने को छोड़कर अधिकारियों ने किसानों की सभी मांगे मान ली। इस दौरान किसानों ने धरनास्थल पर अपने खाने पीने का पूरा प्रबंध कर लिया।
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