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जुर्म की इंतहा हो गई... ‘हाकिम’ बने रहे मूकदर्शक
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जुर्म की इंतहा हो गई... ‘हाकिम’ बने रहे मूकदर्शक
- दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीसीए की छात्रा बेटी को भी खिलाया जहर
- पीड़ित बोला- कभी मारपीट तो कभी पत्नी से अभद्रता करते थे शोहदे
- पुलिस के कार्रवाई न करने पर आहत था पीड़ित अनुसूचित परिवार
मेरठ।
जुर्म की इंतहा हो गई...। हाकिम भी मूकदर्शक बने रहे। इज्जत बचानी मुश्किल हो रही थी। पत्नी के साथ-साथ अब बेटी पर भी शोहदों की नजर थी। बेटी बोलती थी कि पापा आपके बगैर मैं कैसे अकेले दरिंदों से मुकाबला करूंगी। शोहदों के आतंक और पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत अनुसूचित जाति के पिता-पुत्री ने इलाज के दौरान अस्पताल में यह दास्तां सुनाई। जिसने भी इस पीड़ित परिवार का हाल जाना, उसकी रूह कांप उठी। वहीं पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ने में लगी रही कि लिखित में कोई शिकायत थाने नहीं पहुंची। पीड़ित का कहना कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने के बाद उनको कोर्ट में गुहार लगानी पड़ी।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी जब चाहे, जहां चाहे मारपीट और छेड़खानी कर देते थे। पत्नी उनके उत्पीड़न से बहुत परेशान थी। विरोध करने पर बेहरमी से पीटते थे। शोहदों से बचाने के लिए बेटी को दिल्ली यूनिवर्सिटी पढ़ने भेज दिया था। उनकी नजर बेटी पर भी थी। पुलिस कार्रवाई कर देती तो यह कदम नहीं उठाना पड़ता।
कुछ नहीं बिगड़ेगा हमारा
थाने में आरोपियों की सेटिंग थी। उनकी कार्रवाई से पहले वह अपनी फर्जी कार्रवाई करने का दबाव बना लेते थे। थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वह मेरठ में पुलिस अधिकारी के पास पहुंचे थे। पुलिस अधिकारी से मिलने की बात दबंगों को पता चल गई थी। उसके बाद उन्होंने घर में घुसकर पीटा। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर बोले कि तू अब देखना।
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रात में बनाया था मौत का प्लान
दबंगों से परेशान होकर परिवार ने रात में ही मौत का प्लान बना लिया था। सुबह बेटा कॉलेज चला जाएगा, उसके बाद जहर खाकर जान दे देंगे। बृहस्पतिवार को बेटे का पेपर था। लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार ने अपने इस प्लान की जानकारी बेटे को नहीं दी। बताया गया कि बेटा बुधवार रात ही मवाना में अपने एक रिश्तेदार के यहां पर आया था। पुलिस इसकी जांच में जुटी है।
पढ़ा लिखा है परिवार, समझता तो
लड़की का पिता बीएससी कृषि की पढ़ाई कर चुका है। उसकी पत्नी भी पढ़ी लिखी थी। बच्चे भी उच्च शिक्षा ले रहे थे। इसकी जलन आसपास के लोगों को थी। बेटा बीबीए व बेटी दिल्ली विवि में बीसीए की पढ़ाई कर रही है। लोगों का कहना कि इस परिवार को ऐसा कदम नहीं उठना नहीं चाहिए था। शिकायत के अन्य रास्ते भी थे।
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- दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीसीए की छात्रा बेटी को भी खिलाया जहर
- पीड़ित बोला- कभी मारपीट तो कभी पत्नी से अभद्रता करते थे शोहदे
- पुलिस के कार्रवाई न करने पर आहत था पीड़ित अनुसूचित परिवार
मेरठ।
जुर्म की इंतहा हो गई...। हाकिम भी मूकदर्शक बने रहे। इज्जत बचानी मुश्किल हो रही थी। पत्नी के साथ-साथ अब बेटी पर भी शोहदों की नजर थी। बेटी बोलती थी कि पापा आपके बगैर मैं कैसे अकेले दरिंदों से मुकाबला करूंगी। शोहदों के आतंक और पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत अनुसूचित जाति के पिता-पुत्री ने इलाज के दौरान अस्पताल में यह दास्तां सुनाई। जिसने भी इस पीड़ित परिवार का हाल जाना, उसकी रूह कांप उठी। वहीं पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ने में लगी रही कि लिखित में कोई शिकायत थाने नहीं पहुंची। पीड़ित का कहना कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने के बाद उनको कोर्ट में गुहार लगानी पड़ी।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी जब चाहे, जहां चाहे मारपीट और छेड़खानी कर देते थे। पत्नी उनके उत्पीड़न से बहुत परेशान थी। विरोध करने पर बेहरमी से पीटते थे। शोहदों से बचाने के लिए बेटी को दिल्ली यूनिवर्सिटी पढ़ने भेज दिया था। उनकी नजर बेटी पर भी थी। पुलिस कार्रवाई कर देती तो यह कदम नहीं उठाना पड़ता।
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कुछ नहीं बिगड़ेगा हमारा
थाने में आरोपियों की सेटिंग थी। उनकी कार्रवाई से पहले वह अपनी फर्जी कार्रवाई करने का दबाव बना लेते थे। थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वह मेरठ में पुलिस अधिकारी के पास पहुंचे थे। पुलिस अधिकारी से मिलने की बात दबंगों को पता चल गई थी। उसके बाद उन्होंने घर में घुसकर पीटा। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर बोले कि तू अब देखना।
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रात में बनाया था मौत का प्लान
दबंगों से परेशान होकर परिवार ने रात में ही मौत का प्लान बना लिया था। सुबह बेटा कॉलेज चला जाएगा, उसके बाद जहर खाकर जान दे देंगे। बृहस्पतिवार को बेटे का पेपर था। लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार ने अपने इस प्लान की जानकारी बेटे को नहीं दी। बताया गया कि बेटा बुधवार रात ही मवाना में अपने एक रिश्तेदार के यहां पर आया था। पुलिस इसकी जांच में जुटी है।
पढ़ा लिखा है परिवार, समझता तो
लड़की का पिता बीएससी कृषि की पढ़ाई कर चुका है। उसकी पत्नी भी पढ़ी लिखी थी। बच्चे भी उच्च शिक्षा ले रहे थे। इसकी जलन आसपास के लोगों को थी। बेटा बीबीए व बेटी दिल्ली विवि में बीसीए की पढ़ाई कर रही है। लोगों का कहना कि इस परिवार को ऐसा कदम नहीं उठना नहीं चाहिए था। शिकायत के अन्य रास्ते भी थे।