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तीन लाख लीटर के दुग्ध प्लांट निर्माण के लिए मशक्कत हुई शुरू
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तीन लाख लीटर के दुग्ध प्लांट निर्माण के लिए मशक्कत शुरू
- प्रमुख सचिव दुग्धशाला विकास विभाग सुधीर एम बोबड़े ने विकास भवन में की समीक्षा बैठक
- एमडीए वीसी और मंडलायुक्त के साथ बैठक कर प्लांट निर्माण का रास्ता निकालने पर
मेरठ। गगोल पराग दुग्ध संघ परिसर में लगाए जाने वाले तीन लाख लीटर क्षमता के नए प्लांट को लेकर मशक्कत शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को मेरठ पहुंचे प्रमुख सचिव दुग्धशाला विकास विभाग सुधीर एम बोबड़े ने इस संबंध में पराग डेयरी पहुंचकर विभागीय समीक्षा की और दोपहर में विकास भवन स्थित सभागार में मंडलायुक्त अनिता सी मेश्राम और एमडीए वीसी राजेश पांडे सहित तमाम अधिकारियों के साथ बैठक की। बोबड़े ने एमडीए वीसी से प्लांट के भवन से संबंधित वार्ता की और मंडलायुक्त अनिता सी मेश्राम से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी लेने के संबंध में बात की। बताया जा जा रहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एनओसी के बाद ही प्लांट निर्माण हो सकता है। इसमें अहम भूमिका कमिश्नर और एमडीए वीसी की होगी। बोबड़े ने बताया कि तीन लाख लीटर क्षमता का प्लांट बनने से बड़े स्तर पर दुग्ध संघ के किसानों को फायदा होगा। एमडीए वीसी और कमिश्नर ने प्लांट निर्माण के लिए पहल करने का आश्वासन दिया। इससे पहले पराग डेयरी पहुंचे बोबड़े से दुग्ध संघ चेयरमैन योगेंद्र सिंह ने मुलाकात की और प्लांट की प्रगति की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने सौ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे प्लांट का निरीक्षण भी किया।
टेंडरों में गोलमाल पर भी तरेरी आंख
सुधीर एम बोबड़े ने पराग डेयरी में अपने चहेते ठेकेदारों को बढ़ी दरों पर टेंडर देने के मामले की भी जानकारी की। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में उन्होंने अधिकारियों से बात की और पूरी रिपोर्ट मांगी। मामले की शिकायत कमिश्नर से की गई है। कमिश्नर ने मामले की जांच अपर आयुक्त से कराने के निर्देश दिए हैं।
एमडीए भेज चुका है एएआई को एनओसी के लिए रिपोर्ट
बताया गया है कि पराग डेयरी में बन रहे तीन लाख लीटर क्षमता के नए प्लांट की एनओसी के लिए एमडीए ने पहले ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास रिपोर्ट भेज दी है। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि डेयरी प्लांट में चिमनी आदि भी लगाई जाती है। डेयरी भवन हवाई पट्टी के नजदीक होने के चलते इसकी एनओसी एएआई ही दे सकता है।
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- प्रमुख सचिव दुग्धशाला विकास विभाग सुधीर एम बोबड़े ने विकास भवन में की समीक्षा बैठक
- एमडीए वीसी और मंडलायुक्त के साथ बैठक कर प्लांट निर्माण का रास्ता निकालने पर
मेरठ। गगोल पराग दुग्ध संघ परिसर में लगाए जाने वाले तीन लाख लीटर क्षमता के नए प्लांट को लेकर मशक्कत शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को मेरठ पहुंचे प्रमुख सचिव दुग्धशाला विकास विभाग सुधीर एम बोबड़े ने इस संबंध में पराग डेयरी पहुंचकर विभागीय समीक्षा की और दोपहर में विकास भवन स्थित सभागार में मंडलायुक्त अनिता सी मेश्राम और एमडीए वीसी राजेश पांडे सहित तमाम अधिकारियों के साथ बैठक की। बोबड़े ने एमडीए वीसी से प्लांट के भवन से संबंधित वार्ता की और मंडलायुक्त अनिता सी मेश्राम से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी लेने के संबंध में बात की। बताया जा जा रहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एनओसी के बाद ही प्लांट निर्माण हो सकता है। इसमें अहम भूमिका कमिश्नर और एमडीए वीसी की होगी। बोबड़े ने बताया कि तीन लाख लीटर क्षमता का प्लांट बनने से बड़े स्तर पर दुग्ध संघ के किसानों को फायदा होगा। एमडीए वीसी और कमिश्नर ने प्लांट निर्माण के लिए पहल करने का आश्वासन दिया। इससे पहले पराग डेयरी पहुंचे बोबड़े से दुग्ध संघ चेयरमैन योगेंद्र सिंह ने मुलाकात की और प्लांट की प्रगति की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने सौ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे प्लांट का निरीक्षण भी किया।
टेंडरों में गोलमाल पर भी तरेरी आंख
सुधीर एम बोबड़े ने पराग डेयरी में अपने चहेते ठेकेदारों को बढ़ी दरों पर टेंडर देने के मामले की भी जानकारी की। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में उन्होंने अधिकारियों से बात की और पूरी रिपोर्ट मांगी। मामले की शिकायत कमिश्नर से की गई है। कमिश्नर ने मामले की जांच अपर आयुक्त से कराने के निर्देश दिए हैं।
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एमडीए भेज चुका है एएआई को एनओसी के लिए रिपोर्ट
बताया गया है कि पराग डेयरी में बन रहे तीन लाख लीटर क्षमता के नए प्लांट की एनओसी के लिए एमडीए ने पहले ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास रिपोर्ट भेज दी है। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि डेयरी प्लांट में चिमनी आदि भी लगाई जाती है। डेयरी भवन हवाई पट्टी के नजदीक होने के चलते इसकी एनओसी एएआई ही दे सकता है।
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