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भाजपा पार्षदों को नहीं भा रही निगम अधिकारियों की कार्य प्रणाली
Updated Thu, 31 May 2018 02:24 AM IST
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भाजपा पार्षदों को रास नहीं आ रही निगम अधिकारियों की कार्य प्रणाली
मेरठ। भाजपा पार्षद निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। पार्षदों ने एक माह पहले रेन बसेरे और रात्रि कालीन सफाई के ठेकों को निरस्त करने की मांग उठाई थी। जिस पर निगम प्रशासन ने शहर के मुख्य मार्गों की रात्रिकालीन सफाई का ठेका निरस्त कर दिया था। अब इन्हीं पार्षदों ने बुधवार को दिल्ली रोड वाहन डिपो पर छापेमारी करके कूड़ा गाड़ियों के चालक आपूर्ति ठेके पर प्रश्न चिह्न लगाया है वहीं वाहनों के रिपेयर का रिकार्ड भी खंगाला। पार्षदों ने दोनों ही ठेकों को निरस्त करने की मांग की है। पूर्व में बंद कराई गई रात्रि कालीन सड़कों की सफाई आज तक शुरू नहीं हो पाई है।
नगर निगम ने 150 से अधिक वाहन चालकों की आपूर्ति का ठेका दिया हुआ है। जिसमें तीन फर्म काम कर रही हैं। निगम की शर्तों के मुताबिक प्रत्येक वाहन चालक के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। पार्षद ललित नागदेव, विपिन जिंदल, राजेश रोहेला, विजय सोनकर, पंकज गोयल, समीर चौहान आदि ने बुधवार को दिल्ली रोड स्थित वाहन डिपो पर छापेमारी की। यहां मिले कई वाहन चालकों से बात की तो जानकारी मिली की 80 प्रतिशत के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है। चालक हेमंत, धर्मेंद्र आदि ने शिकायत की कि चार माह से उन्हें वेतन ही नहीं मिल रहा है। पीएफ और ईएसआई का लाभ तो अभी दिया ही नहीं गया है। इसके बाद पार्षदों ने डिपो पर मौजूद मिले लिपिक से वाहनों के रिपेयर पर खर्च का ब्योरा मांगा। संबंधित लिपिक को फोन पर बुलाया। लेकिन पार्षदों के बुलावे पर कोई नहीं पहुंचा और न ही रिकार्ड मिला।
इस पर पार्षद ललित नागदेव का कहना है कि वाहन डिपो पर भ्रष्टाचार हो रहा है। वाहन चालकों की आपूर्ति का ठेका तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। साथ ही वाहन रिपेयर में हो रहे खर्च की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगरायुक्त से मिलकर दोनों ठेके निरस्त कराने की मांग की जाएगी।
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- सरकारी रिकार्ड किसी को नहीं दिया जा सकता है। पार्षदों को इस तरह छापेमारी करने से पहले हमसे या संबंधित अधिकारी से शिकायत करनी चाहिए थी। उसका सही तरह से समाधान किया जाता। अभी भी हम पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे।- मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
खास बातें:
- पहले रात्रि कालीन सफाई बंद कराई अब वाहन चालक ठेका निरस्त कराने की मांग
- पार्षद बोले, जब वाहन चालकों पर ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं तो कैसे दे दिया ठेका
- ठेकेदार नहीं दे रहे चालकों को पीएफ और ईएसआई का लाभ
- चार महीनों से नहीं मिला वेतन, वाहन रिपेयर का भी नहीं मिला रिकार्ड
मेरठ। भाजपा पार्षद निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। पार्षदों ने एक माह पहले रेन बसेरे और रात्रि कालीन सफाई के ठेकों को निरस्त करने की मांग उठाई थी। जिस पर निगम प्रशासन ने शहर के मुख्य मार्गों की रात्रिकालीन सफाई का ठेका निरस्त कर दिया था। अब इन्हीं पार्षदों ने बुधवार को दिल्ली रोड वाहन डिपो पर छापेमारी करके कूड़ा गाड़ियों के चालक आपूर्ति ठेके पर प्रश्न चिह्न लगाया है वहीं वाहनों के रिपेयर का रिकार्ड भी खंगाला। पार्षदों ने दोनों ही ठेकों को निरस्त करने की मांग की है। पूर्व में बंद कराई गई रात्रि कालीन सड़कों की सफाई आज तक शुरू नहीं हो पाई है।
नगर निगम ने 150 से अधिक वाहन चालकों की आपूर्ति का ठेका दिया हुआ है। जिसमें तीन फर्म काम कर रही हैं। निगम की शर्तों के मुताबिक प्रत्येक वाहन चालक के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। पार्षद ललित नागदेव, विपिन जिंदल, राजेश रोहेला, विजय सोनकर, पंकज गोयल, समीर चौहान आदि ने बुधवार को दिल्ली रोड स्थित वाहन डिपो पर छापेमारी की। यहां मिले कई वाहन चालकों से बात की तो जानकारी मिली की 80 प्रतिशत के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है। चालक हेमंत, धर्मेंद्र आदि ने शिकायत की कि चार माह से उन्हें वेतन ही नहीं मिल रहा है। पीएफ और ईएसआई का लाभ तो अभी दिया ही नहीं गया है। इसके बाद पार्षदों ने डिपो पर मौजूद मिले लिपिक से वाहनों के रिपेयर पर खर्च का ब्योरा मांगा। संबंधित लिपिक को फोन पर बुलाया। लेकिन पार्षदों के बुलावे पर कोई नहीं पहुंचा और न ही रिकार्ड मिला।
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इस पर पार्षद ललित नागदेव का कहना है कि वाहन डिपो पर भ्रष्टाचार हो रहा है। वाहन चालकों की आपूर्ति का ठेका तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। साथ ही वाहन रिपेयर में हो रहे खर्च की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगरायुक्त से मिलकर दोनों ठेके निरस्त कराने की मांग की जाएगी।
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- सरकारी रिकार्ड किसी को नहीं दिया जा सकता है। पार्षदों को इस तरह छापेमारी करने से पहले हमसे या संबंधित अधिकारी से शिकायत करनी चाहिए थी। उसका सही तरह से समाधान किया जाता। अभी भी हम पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे।- मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
खास बातें:
- पहले रात्रि कालीन सफाई बंद कराई अब वाहन चालक ठेका निरस्त कराने की मांग
- पार्षद बोले, जब वाहन चालकों पर ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं तो कैसे दे दिया ठेका
- ठेकेदार नहीं दे रहे चालकों को पीएफ और ईएसआई का लाभ
- चार महीनों से नहीं मिला वेतन, वाहन रिपेयर का भी नहीं मिला रिकार्ड