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जीएसटी: रिटर्न भरने की राह में कई परेशानियां
Updated Fri, 22 Dec 2017 02:57 AM IST
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मेरठ। जीएसटी सॉफ्टवेयर के लगातार काम न करने के कारण व्यापारियों को रिटर्न भरने में दिक्कतें आ रही हैं। परेशान व्यापारी इस संबंध में वाणिज्य कर के अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं।
जीएसटी अधिवक्ता सुनील गुप्ता का कहना है कि जीएसटीआर-1 अगस्त, सितंबर, अक्तूबर, नवंबर के लिए अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2017 रखी गई है। व्यापारियों के जुलाई से सितंबर तिमाही के रिटर्न (जीएसटीआर-4) की भी अंतिम तिथि 24 दिसंबर 2017 है। सभी रिटर्न के ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रोग्राम 18 दिसंबर 2017 से ही आधे अधूरे रूप में व्यापारियों को फिर से परेशान करने के लिए मात्र शासन के नोटिफिकेशन की औपचारिकताओं की पूर्ति के लिए शुरू कर दिए हैं, जबकि अब भी व्यापारियों के ऑनलाइन फार्म अपलोड करते हैं तो वे न तो पोर्टल पर सेव होते हैं, कभी-कभी ही इनवॉइस दिखाई देती है।
उनका कहना है कि कम्पोजीशन वाले व्यापारियों के लिए रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाई जाए। व्यापारियों की सुविधाओं के लिए हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए। काफी व्यापारी ऐसे हैं जिन्होंने जीएसटी आर-1 रिटर्न फाइल कर दी थी। लेकिन अधिकतर व्यापारियों के पोर्टल पर फाइल शब्द तो हट गया, मगर उसके स्थान पर कुछ लोगो पर तो सबमिट तथा कुछ लोगो पर कुछ भी नहीं दिख रहा हैं। उन्होंने सॉफ्टवेयर को पूर्व वैट प्रणाली की तर्ज पर बनाए जाने की मांग की है। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि जीएसटीआर-4 रिटर्न वालों को कुछ परेशानी आ रही है। जो भी समस्याएं हैं, उनका निदान कर दिया जाएगा।
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जीएसटी अधिवक्ता सुनील गुप्ता का कहना है कि जीएसटीआर-1 अगस्त, सितंबर, अक्तूबर, नवंबर के लिए अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2017 रखी गई है। व्यापारियों के जुलाई से सितंबर तिमाही के रिटर्न (जीएसटीआर-4) की भी अंतिम तिथि 24 दिसंबर 2017 है। सभी रिटर्न के ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रोग्राम 18 दिसंबर 2017 से ही आधे अधूरे रूप में व्यापारियों को फिर से परेशान करने के लिए मात्र शासन के नोटिफिकेशन की औपचारिकताओं की पूर्ति के लिए शुरू कर दिए हैं, जबकि अब भी व्यापारियों के ऑनलाइन फार्म अपलोड करते हैं तो वे न तो पोर्टल पर सेव होते हैं, कभी-कभी ही इनवॉइस दिखाई देती है।
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उनका कहना है कि कम्पोजीशन वाले व्यापारियों के लिए रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाई जाए। व्यापारियों की सुविधाओं के लिए हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए। काफी व्यापारी ऐसे हैं जिन्होंने जीएसटी आर-1 रिटर्न फाइल कर दी थी। लेकिन अधिकतर व्यापारियों के पोर्टल पर फाइल शब्द तो हट गया, मगर उसके स्थान पर कुछ लोगो पर तो सबमिट तथा कुछ लोगो पर कुछ भी नहीं दिख रहा हैं। उन्होंने सॉफ्टवेयर को पूर्व वैट प्रणाली की तर्ज पर बनाए जाने की मांग की है। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि जीएसटीआर-4 रिटर्न वालों को कुछ परेशानी आ रही है। जो भी समस्याएं हैं, उनका निदान कर दिया जाएगा।
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