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ट्रेन चलाते समय मोबाइल उठाया तो जाएगी नौकरी
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ट्रेन चलाते समय मोबाइल उठाया तो जाएगी नौकरी
- लोको पायलट और सहायक लोको पायलट नहीं उठा पाएंगे कॉल
- रेलवे मुख्यालय से आया पत्र, ट्रेन चलाते समय मोबाइल बंद करने के आदेश
- 12 स्टेशनों को जारी पत्र में मेरठ स्टेशन को भी आया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने एक और कदम उठाया है। लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के लिए मोबाइल फोन रखने पर पाबंदी लगा दी है। हाल के दिनों में ट्रेनों की सुरक्षा पर रेलवे सतर्क हुआ है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। लोको पायलट को लॉबी से निकलते ही मोबाइल फोन स्विच ऑफ करना होगा। इसके बाद ही आप ड्यूटी पर जा सकेंगे। रेलवे ने 12 स्टेशनों को पत्र जारी कर दिए हैं। इसमें मेरठ के अलावा गाजियाबाद, तुगलकाबाद, पानीपत, दिल्ली, निजामुद्दीन, पलवल, आनंद विहार, रोहतक, शकूरबस्ती, जींद, पलवल स्टेशन भी शामिल हैं। इसके लिए खास तौर पर 15 दिन का विशेष अभियान चलाया गया है। इसमें लोको पायलट की काउंसिलिंग भी की जाएगी।
इन बिंदुओं पर की जाएगी काउंसिलिंग
लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को ट्रेन संचालन के दौरान अपने मोबाइल फोन को स्विच ऑफ करने के बाद बैग में रखना होगा। वहीं, ट्रेन को रोकने के लिए ब्रेक पर्याप्त दूरी से लगाना शुरू करें, जिससे सिग्नल से पहले ट्रेन को रोका जा सके।
इसलिए लिया गया निर्णय
दिल्ली-भठिंडा रूट पर नरवाना स्टेशन से जिंद-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस को गुजारते समय लापरवाही बरती गई थी। नरवाना स्टेशन का सिग्नल पीली अवस्था में पास किया गया। सिग्नल पास करते समय ट्रेन की गति 77 किमी प्रतिघंटे थी। इस मामले में अहम तथ्य सामने आया कि लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों के मोबाइल ऑन थे।
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आठ घंटे बंद रहेगा फोन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार लोको और सहायक लोको पायलट की ड्यूटी आठ घंटे की होती है। हालांकि, मालगाड़ी पर यह ड्यूटी 12 घंटे की हो जाती है। इस दौरान मोबाइल फोन बंद रहेगा। इसके लिए रेलवे ने औचक निरीक्षण की योजना भी तैयार की है। किसी भी तरह के संवाद के लिए वॉकी-टॉकी से संवाद किया जा सकेगा। यदि आदेश पर अमल नहीं किया गया तो दोनों की नौकरी जाएगी।
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- लोको पायलट और सहायक लोको पायलट नहीं उठा पाएंगे कॉल
- रेलवे मुख्यालय से आया पत्र, ट्रेन चलाते समय मोबाइल बंद करने के आदेश
- 12 स्टेशनों को जारी पत्र में मेरठ स्टेशन को भी आया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने एक और कदम उठाया है। लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के लिए मोबाइल फोन रखने पर पाबंदी लगा दी है। हाल के दिनों में ट्रेनों की सुरक्षा पर रेलवे सतर्क हुआ है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। लोको पायलट को लॉबी से निकलते ही मोबाइल फोन स्विच ऑफ करना होगा। इसके बाद ही आप ड्यूटी पर जा सकेंगे। रेलवे ने 12 स्टेशनों को पत्र जारी कर दिए हैं। इसमें मेरठ के अलावा गाजियाबाद, तुगलकाबाद, पानीपत, दिल्ली, निजामुद्दीन, पलवल, आनंद विहार, रोहतक, शकूरबस्ती, जींद, पलवल स्टेशन भी शामिल हैं। इसके लिए खास तौर पर 15 दिन का विशेष अभियान चलाया गया है। इसमें लोको पायलट की काउंसिलिंग भी की जाएगी।
इन बिंदुओं पर की जाएगी काउंसिलिंग
लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को ट्रेन संचालन के दौरान अपने मोबाइल फोन को स्विच ऑफ करने के बाद बैग में रखना होगा। वहीं, ट्रेन को रोकने के लिए ब्रेक पर्याप्त दूरी से लगाना शुरू करें, जिससे सिग्नल से पहले ट्रेन को रोका जा सके।
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इसलिए लिया गया निर्णय
दिल्ली-भठिंडा रूट पर नरवाना स्टेशन से जिंद-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस को गुजारते समय लापरवाही बरती गई थी। नरवाना स्टेशन का सिग्नल पीली अवस्था में पास किया गया। सिग्नल पास करते समय ट्रेन की गति 77 किमी प्रतिघंटे थी। इस मामले में अहम तथ्य सामने आया कि लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों के मोबाइल ऑन थे।
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आठ घंटे बंद रहेगा फोन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार लोको और सहायक लोको पायलट की ड्यूटी आठ घंटे की होती है। हालांकि, मालगाड़ी पर यह ड्यूटी 12 घंटे की हो जाती है। इस दौरान मोबाइल फोन बंद रहेगा। इसके लिए रेलवे ने औचक निरीक्षण की योजना भी तैयार की है। किसी भी तरह के संवाद के लिए वॉकी-टॉकी से संवाद किया जा सकेगा। यदि आदेश पर अमल नहीं किया गया तो दोनों की नौकरी जाएगी।