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एमसीआई की टीम को मेडिकल कालेज में मिली खामियां
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एमसीआई की टीम को मेडिकल कॉलेज में मिली खामियां
डेढ़ सौ सीटों के मानकों नहीं कर पा रहे हैं पूरे
3 सदस्य टीम ने किया औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम को मेडिकल कॉलेज में काफी खामियां मिलीं। मानकों के मुताबिक 30 स्टाफ नर्स कम थीं। एक दर्जन से ज़्यादा चिकित्सक कम थे। बेड़ों पर मरीजों की संख्या करीब 70 प्रतिशत होनी चाहिए थी जो 60 फीसदी थी। एमसीआई की टीम ने इसमें सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोतरी के मानकों की जांच-पड़ताल करने एमसीआई की टीम शुक्त्रस्वार को फिर पहुंची। इससे पहले यह टीम 2016 से 2018 तक तीन बार निरीक्षण कर चुकी है। टीम ने तमाम पहलुओं पर कॉलेज की जांच की। पिछले साल जांच के दौरान एमसीआई ने अपग्रेडेशन के तमाम सुझाव दिए थे, जिस पर अमल की थाह ली। एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को पत्र भेजकर प्रवेश के मानक पूरा करने के लिए कहा था। इससे पहले एमबीबीएस की सौ से डेढ़ सौ सीटों के लिए एमसीआई की टीम ने इंसपेक्शन किया गया था।
शुक्त्रस्वार को मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम ने एमबीबीएस की बढ़ी हुई सीटों पर एडमीशन के लिए मानकों की जांच की। टीम ने फैकेल्टी की नियुक्ति का वेरीफिकेशन किया। संबंधित कागजों की जांच-पड़ताल की। रिकॉर्ड रूम की कंप्यूटराइज्ड कार्यप्रणाली को देखा। रेडियोलॉजी, नई इमरजेंसी, रिकॉर्ड रूम का इंस्पेक्शन किया। इंस्पेक्शन में मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी, नर्सिग स्टॉफ में कमी पाई गई, जिसकी वजह से एमबीबीएस के एडमीशन पर संकट बढ़ सकता है। कार्यवाहक प्राचार्य डा. विनय अग्रवाल का कहना है कि फैकल्टी की नियुक्तियों से लेकर अन्य तमाम मानकों पर काफी काम किया गया है। एमबीबीएस की बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश को लेकर कोई संकट नहीं होगा।
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डेढ़ सौ सीटों के मानकों नहीं कर पा रहे हैं पूरे
3 सदस्य टीम ने किया औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम को मेडिकल कॉलेज में काफी खामियां मिलीं। मानकों के मुताबिक 30 स्टाफ नर्स कम थीं। एक दर्जन से ज़्यादा चिकित्सक कम थे। बेड़ों पर मरीजों की संख्या करीब 70 प्रतिशत होनी चाहिए थी जो 60 फीसदी थी। एमसीआई की टीम ने इसमें सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोतरी के मानकों की जांच-पड़ताल करने एमसीआई की टीम शुक्त्रस्वार को फिर पहुंची। इससे पहले यह टीम 2016 से 2018 तक तीन बार निरीक्षण कर चुकी है। टीम ने तमाम पहलुओं पर कॉलेज की जांच की। पिछले साल जांच के दौरान एमसीआई ने अपग्रेडेशन के तमाम सुझाव दिए थे, जिस पर अमल की थाह ली। एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को पत्र भेजकर प्रवेश के मानक पूरा करने के लिए कहा था। इससे पहले एमबीबीएस की सौ से डेढ़ सौ सीटों के लिए एमसीआई की टीम ने इंसपेक्शन किया गया था।
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शुक्त्रस्वार को मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम ने एमबीबीएस की बढ़ी हुई सीटों पर एडमीशन के लिए मानकों की जांच की। टीम ने फैकेल्टी की नियुक्ति का वेरीफिकेशन किया। संबंधित कागजों की जांच-पड़ताल की। रिकॉर्ड रूम की कंप्यूटराइज्ड कार्यप्रणाली को देखा। रेडियोलॉजी, नई इमरजेंसी, रिकॉर्ड रूम का इंस्पेक्शन किया। इंस्पेक्शन में मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी, नर्सिग स्टॉफ में कमी पाई गई, जिसकी वजह से एमबीबीएस के एडमीशन पर संकट बढ़ सकता है। कार्यवाहक प्राचार्य डा. विनय अग्रवाल का कहना है कि फैकल्टी की नियुक्तियों से लेकर अन्य तमाम मानकों पर काफी काम किया गया है। एमबीबीएस की बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश को लेकर कोई संकट नहीं होगा।
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