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स्कूल खुले, पढ़ाई की जगह साफ- सफाई में निकाल दिया पूरा दिन
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:28 AM IST
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आधी-अधूरी तैयारियों के बीच खुले स्कूल
मेरठ। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच सोमवार से स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल शुरू हो गई। पहला दिन साफ-सफाई में बीता। स्कूलों में बच्चाें के साथ-साथ शिक्षकों की उपस्थिति भी कम रही।
शिक्षकों की लेटलतीफी के चलते बच्चे स्कूल गेट के सामने खेलते हुए दिखे।
सुबह आठ बजे रजपुरा ब्लॉक के कसेरूबक्सर प्राथमिक विद्यालय में स्कूल गेट पर ताला लटका मिला। लगभग आधा घंटे की देरी से पहुंची स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने गेट खोला और बच्चों से ही स्कूल की साफ-सफाई कराई। वहीं अम्हेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय का भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। पूछताछ में बताया कि गांव का सफाईकर्मी नहीं आया, अब बाहर से सफाईकर्मियों को बुलाकर सफाई कराई जाएगी। दूसरी ओर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में ठीक समय पर प्रार्थना होती मिली। वहीं शिक्षिका भी सभी उपस्थित रहीं। रजपुरा स्थित दो कमरों के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई की जगह फर्श की धुलाई होती मिली। वहीं 12 बच्चे उपस्थित दिखे। सलारपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर नीरज कुमार सफाई करते मिले। बहचौला प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय दोनों खुले मिले। पर शिक्षिकाओं की उपस्थिति कम रही। बहचौला प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीमा चौहान ने बताया कि बच्चों को घर से बुलाकर लाया जा रहा है। इंचौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक सफाई करते दिखाई दिए। वहीं तीन बच्चे उपस्थित मिले। वहां मौजूद शिक्षकों ने बताया कि सुबह से स्कूल की सफाई कर रहे हैं, पूरा दिन सफाई में लगेगा। वहीं रसोईघर की सफाई के लिए बच्चे बाहर से बाल्टी में पानी भरकर लाते दिखाई दिए। यह सब अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गई। बीएसए सतेंद्र ढाका ने सभी प्रधानाध्यापकों को आदेशित किया था कि वह जुलाई से पहले स्कूलों में पहुंचकर साफ- सफाई, रंगाई- पुताई कराएं। जिससे दो जुलाई से ही पढ़ाई शुरू हो, पर ऐसा नहीं हुआ।
खास बातें:
- स्कूल की साफ-सफाई में बीता पहला दिन, कम रही बच्चों की उपस्थिति
- अधिकारियों ने स्कूल खुलने से दो दिन पूर्व साफ- सफाई कराने के दिए थे आदेश
मेरठ। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच सोमवार से स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल शुरू हो गई। पहला दिन साफ-सफाई में बीता। स्कूलों में बच्चाें के साथ-साथ शिक्षकों की उपस्थिति भी कम रही।
शिक्षकों की लेटलतीफी के चलते बच्चे स्कूल गेट के सामने खेलते हुए दिखे।
सुबह आठ बजे रजपुरा ब्लॉक के कसेरूबक्सर प्राथमिक विद्यालय में स्कूल गेट पर ताला लटका मिला। लगभग आधा घंटे की देरी से पहुंची स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने गेट खोला और बच्चों से ही स्कूल की साफ-सफाई कराई। वहीं अम्हेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय का भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। पूछताछ में बताया कि गांव का सफाईकर्मी नहीं आया, अब बाहर से सफाईकर्मियों को बुलाकर सफाई कराई जाएगी। दूसरी ओर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में ठीक समय पर प्रार्थना होती मिली। वहीं शिक्षिका भी सभी उपस्थित रहीं। रजपुरा स्थित दो कमरों के उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई की जगह फर्श की धुलाई होती मिली। वहीं 12 बच्चे उपस्थित दिखे। सलारपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर नीरज कुमार सफाई करते मिले। बहचौला प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय दोनों खुले मिले। पर शिक्षिकाओं की उपस्थिति कम रही। बहचौला प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीमा चौहान ने बताया कि बच्चों को घर से बुलाकर लाया जा रहा है। इंचौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक सफाई करते दिखाई दिए। वहीं तीन बच्चे उपस्थित मिले। वहां मौजूद शिक्षकों ने बताया कि सुबह से स्कूल की सफाई कर रहे हैं, पूरा दिन सफाई में लगेगा। वहीं रसोईघर की सफाई के लिए बच्चे बाहर से बाल्टी में पानी भरकर लाते दिखाई दिए। यह सब अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गई। बीएसए सतेंद्र ढाका ने सभी प्रधानाध्यापकों को आदेशित किया था कि वह जुलाई से पहले स्कूलों में पहुंचकर साफ- सफाई, रंगाई- पुताई कराएं। जिससे दो जुलाई से ही पढ़ाई शुरू हो, पर ऐसा नहीं हुआ।
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खास बातें:
- स्कूल की साफ-सफाई में बीता पहला दिन, कम रही बच्चों की उपस्थिति
- अधिकारियों ने स्कूल खुलने से दो दिन पूर्व साफ- सफाई कराने के दिए थे आदेश