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70 प्रतिशत लोगों में पेट की बीमारी का कारण बदहजमी
Updated Wed, 30 May 2018 01:48 AM IST
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70 प्रतिशत लोगों में पेट की बीमारी का कारण बदहजमी
मेरठ। केएमसी सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल एवं हार्ट सेंटर द्वारा विश्व गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी दिवस पर चिकित्सकों ने पेट की विभिन्न समस्याओं पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. अमिताभ गौतम ने बताया कि 70 प्रतिशत लोगों में पेट की अधिक बीमारियों का कारण बदहजमी, 20 प्रतिशत लोगों में एसिड ज्यादा बनना, बाकी पांच से 10 प्रतिशत लोगों में थायरॉयड, डायबिटिक व अन्य कारण होते हैं।
इनसे पहले डॉ. सत्यार्थ चौधरी ने अमाशय, ग्रासनली, पित्त की नली, पित्ताशय एवं अन्य अंगों की दुर्लभ बीमारियों की जांच के लिए एंडोस्कॉपिक अल्ट्रासाउंड का महत्व बताया। वहीं, केएमसी चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता ने पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद रोगी को होने वाले विभिन्न लक्षणों जैसे पेट में दर्द, खाना खाने के बाद पेट भरा-भरा रहना और अन्य लक्षणों का वास्तविक कारण एवं उसके इलाज के बारे में जानकारी दी। लोगों को पेट की बीमारियों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी दिवस मनाया जाता है। डॉ. दिनेश अग्रवाल, डॉ. नवनीत, डॉ. नवनीत अग्रवाल, डॉ. केबी अग्रवाल, डॉ. प्रदीप जैन, डॉ. संदीप जैन और मेरठ व आसपास के क्षेत्र के काफी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे। कार्यक्रम केएमसी सम्मेलन सभागार में हुआ।
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खास बातें:
- केएमसी में मनाया गया विश्व गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी दिवस
- बड़ी संख्या में जुटे चिकित्सक