{"_id":"5b032f394f1c1b51778b481e","slug":"51526935353-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही माह में तीसरे नंबर से 11 वें पर पहुंचा मेरठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही माह में तीसरे नंबर से 11 वें पर पहुंचा मेरठ
Updated Tue, 22 May 2018 02:16 AM IST
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विकास एजेंडा रेटिंग में 11 वें पायदान पर पहुंचा मेरठ
मेरठ।
केंद्र व प्रदेश सरकार के विकास व जनहित के कार्यक्रमों की हर माह समीक्षा होती है। इस समीक्षा में प्रदेश के सभी जनपदों को सभी बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए रेटिंग प्रदान की जाती है। मार्च में मेरठ जनपद प्रदेश में तीसरे स्थान पर था, लेकिन एक माह के भीतर ही मेरठ 11वें स्थान पर फिसल गया। रेटिंग में आई गिरावट के पीछे योजनाओं के क्रियान्वयन में सरकारी तंत्र की लापरवाही माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में केंद्र व प्रदेश सरकार की कुल 136 योजनाएं व कार्यक्रम संचालित हैं। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन व उपलब्धि की मॉनिटरिंग हर माह शासन स्तर पर होती है। मेरठ जनपद में 136 कार्यक्रमों में से मार्च माह में 130 कार्यक्रम लागू थे, लेकिन अप्रैल माह में घटकर ये 109 रह गए। इसके साथ ही मार्च माह में जब इन कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा हुई तो विभिन्न बिंदुओं पर आयी रेटिंग के आधार पर मेरठ जनपद को 76.69 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए, जिसके चलते मेरठ तीसरे नंबर पर रहा। जबकि जनपद बिजनौर जहां पहले नंबर पर था तो गाजियाबाद दूसरे नंबर पर रहा, वहीं गौतमबुद्धनगर पांचवें नंबर पर था।
लेकिन अप्रैल माह में सारे आंकड़े बदल गये। मेरठ जनपद में 136 में से 109 योजनाओं का ही क्रियान्वयन हुआ और उनकी समीक्षा के बाद मेरठ जनपद को 50.26 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इन अंकों के साथ मेरठ जनपद 11 नंबर पर खिसक गया। जबकि बिजनौर जनपद जो मार्च माह में पहले नंबर था, वह आश्चर्यजनक रूप से 32 नंबर पर आ गया है। जबकि जो गौतमबुद्धनगर मार्च माह में पांचवें नंबर पर था, वह अप्रैल माह में सर्वाधिक 60.56 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहले स्थान पर पहुंच गया।
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वित्तीय वर्ष के शुरुआत में ही गड़बड़ाया आंकड़ा
मार्च पिछले वित्तीय वर्ष का अंतिम माह था और उसमें योजनाओं के क्रियान्वयन को भी अंतिम रूप दिया गया। विकास भवन सूत्रों के अनुसार अंतिम माह में तमाम योजनाओं पर आए धन का व्यय करते हुए कई योजनाओं को अंतिम रूप से पूर्ण कर दिया गया। यही कारण रहा कि अप्रैल माह में लागू कार्यक्रमों और योजनाओं की संख्या 130 से घटकर 109 रह गई।
अप्रैल माह में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन में कुछ अन्य व्यस्तताओं के चलते और धन की कमी से पूरी तरह काम नहीं हो पाया, जिससे रेटिंग गिर गयी। लेकिन अब सभी का क्रियान्वयन फिर तेजी से हो रहा है, जिससे आने वाले माह में इस रेटिंग में सुधार होगा। अतुल मिश्रा, जिला विकास अधिकारी
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मेरठ।
केंद्र व प्रदेश सरकार के विकास व जनहित के कार्यक्रमों की हर माह समीक्षा होती है। इस समीक्षा में प्रदेश के सभी जनपदों को सभी बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए रेटिंग प्रदान की जाती है। मार्च में मेरठ जनपद प्रदेश में तीसरे स्थान पर था, लेकिन एक माह के भीतर ही मेरठ 11वें स्थान पर फिसल गया। रेटिंग में आई गिरावट के पीछे योजनाओं के क्रियान्वयन में सरकारी तंत्र की लापरवाही माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में केंद्र व प्रदेश सरकार की कुल 136 योजनाएं व कार्यक्रम संचालित हैं। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन व उपलब्धि की मॉनिटरिंग हर माह शासन स्तर पर होती है। मेरठ जनपद में 136 कार्यक्रमों में से मार्च माह में 130 कार्यक्रम लागू थे, लेकिन अप्रैल माह में घटकर ये 109 रह गए। इसके साथ ही मार्च माह में जब इन कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा हुई तो विभिन्न बिंदुओं पर आयी रेटिंग के आधार पर मेरठ जनपद को 76.69 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए, जिसके चलते मेरठ तीसरे नंबर पर रहा। जबकि जनपद बिजनौर जहां पहले नंबर पर था तो गाजियाबाद दूसरे नंबर पर रहा, वहीं गौतमबुद्धनगर पांचवें नंबर पर था।
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लेकिन अप्रैल माह में सारे आंकड़े बदल गये। मेरठ जनपद में 136 में से 109 योजनाओं का ही क्रियान्वयन हुआ और उनकी समीक्षा के बाद मेरठ जनपद को 50.26 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इन अंकों के साथ मेरठ जनपद 11 नंबर पर खिसक गया। जबकि बिजनौर जनपद जो मार्च माह में पहले नंबर था, वह आश्चर्यजनक रूप से 32 नंबर पर आ गया है। जबकि जो गौतमबुद्धनगर मार्च माह में पांचवें नंबर पर था, वह अप्रैल माह में सर्वाधिक 60.56 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहले स्थान पर पहुंच गया।
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वित्तीय वर्ष के शुरुआत में ही गड़बड़ाया आंकड़ा
मार्च पिछले वित्तीय वर्ष का अंतिम माह था और उसमें योजनाओं के क्रियान्वयन को भी अंतिम रूप दिया गया। विकास भवन सूत्रों के अनुसार अंतिम माह में तमाम योजनाओं पर आए धन का व्यय करते हुए कई योजनाओं को अंतिम रूप से पूर्ण कर दिया गया। यही कारण रहा कि अप्रैल माह में लागू कार्यक्रमों और योजनाओं की संख्या 130 से घटकर 109 रह गई।
अप्रैल माह में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन में कुछ अन्य व्यस्तताओं के चलते और धन की कमी से पूरी तरह काम नहीं हो पाया, जिससे रेटिंग गिर गयी। लेकिन अब सभी का क्रियान्वयन फिर तेजी से हो रहा है, जिससे आने वाले माह में इस रेटिंग में सुधार होगा। अतुल मिश्रा, जिला विकास अधिकारी