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प्रकृति को शुद्घ बनाने के लिए ग्रीन केमेस्ट्री वरदान
Updated Mon, 26 Feb 2018 02:40 AM IST
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प्राकृतिक संसाधनों को शुद्ध रखने के लिए ग्रीन केमेस्ट्री वरदान
मेरठ।
मेरठ कॉलेज के रसायन विभाग में रविवार को ग्रीन केमेस्ट्री एवं पौषणीय विकास पर यूजीसी और एआर्रआईडीएसएस ने नेशनल सेमिनार का आयोजन किया। उद्घाटन सत्र में दिल्ली विवि के प्रो. राजीव गुप्ता ने व्याख्यान दिया। विशिष्ट अतिथि सीएसआईआर के डॉ. नाहर सिंह और मुख्य वक्ता आईआईएफएसआर मोदीपुरम के डायरेक्टर डॉ. आजाद सिंह पंवार रहे। प्राचार्या डॉ. बी कुमार ने कहा कि वर्तमान में पोषणीय विकास में ग्रीन केमेस्ट्री महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अगर हमें वातावरण को प्राकृतिक संसाधनों के शुद्ध और स्वच्छ बनाने रखना है तो ग्रीन केमेस्ट्री हमारे लिए वरदान है।
कनवीनर डॉ. नीलम कुमारी ने कहा कि पेस्टीसाइड मानवता के लिए जहर हैं। जबकि बायोपेस्टीसाइड से जीवन को नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि ग्रीन केमेस्ट्री में सभी रासायनिक क्रियाओं का ऐसा प्रयोग होता है कि एनर्जी अधिकतम निकलती है, लेकिन कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन न्यूनतम होता है। दिल्ली विवि के प्रो. राजीव गुप्ता ने कहा कि केमेस्ट्री के द्वारा ऐसे पेंट बनाए जा रहे हैं, जिससे पूरी दीवार बिना लाइट के चमकेगी। इनसे प्रदूषण भी न्यूनतम होगा। उन्होंने कहा कि केमेस्ट्री में जल्द ही ऐसी औषधि की खोज की जा रही है जो मिलेनिन को कंट्रोल कर त्वचा को काली नहीं पड़ने देगी। उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष डॉ. रेनु सारस्वत ने अतिथियों को धन्यवाद दिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि मेरठ कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके अग्रवाल और मुख्य वक्ता डॉ. नीरज कुमार रहे। डॉ. संजय कुमार ने धन्यवाद किया।
इस मौके पर एमएससी और शोध छात्रों ने ग्रीन केमेस्ट्री और ससटेनेबल डेवलेपमेंट विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें प्रथम शिवानी, द्वितीय अक्षय और तृतीय पुरस्कार विनीत को मिला। कार्यक्रम में डॉ. राजीव राठौर, डॉ. नेत्रपाल सिंह, डॉ. संजय वत्स, डॉ. आनंदवीर सिंह, डॉ. नुपूर सिसौदिया, डॉ. नीरज कुमार का सहयोग रहा।
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खास बातें
- मेरठ कॉलेज के रसायन विभाग में नेशनल सेमिनार का आयोजन
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मेरठ।
मेरठ कॉलेज के रसायन विभाग में रविवार को ग्रीन केमेस्ट्री एवं पौषणीय विकास पर यूजीसी और एआर्रआईडीएसएस ने नेशनल सेमिनार का आयोजन किया। उद्घाटन सत्र में दिल्ली विवि के प्रो. राजीव गुप्ता ने व्याख्यान दिया। विशिष्ट अतिथि सीएसआईआर के डॉ. नाहर सिंह और मुख्य वक्ता आईआईएफएसआर मोदीपुरम के डायरेक्टर डॉ. आजाद सिंह पंवार रहे। प्राचार्या डॉ. बी कुमार ने कहा कि वर्तमान में पोषणीय विकास में ग्रीन केमेस्ट्री महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अगर हमें वातावरण को प्राकृतिक संसाधनों के शुद्ध और स्वच्छ बनाने रखना है तो ग्रीन केमेस्ट्री हमारे लिए वरदान है।
कनवीनर डॉ. नीलम कुमारी ने कहा कि पेस्टीसाइड मानवता के लिए जहर हैं। जबकि बायोपेस्टीसाइड से जीवन को नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि ग्रीन केमेस्ट्री में सभी रासायनिक क्रियाओं का ऐसा प्रयोग होता है कि एनर्जी अधिकतम निकलती है, लेकिन कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन न्यूनतम होता है। दिल्ली विवि के प्रो. राजीव गुप्ता ने कहा कि केमेस्ट्री के द्वारा ऐसे पेंट बनाए जा रहे हैं, जिससे पूरी दीवार बिना लाइट के चमकेगी। इनसे प्रदूषण भी न्यूनतम होगा। उन्होंने कहा कि केमेस्ट्री में जल्द ही ऐसी औषधि की खोज की जा रही है जो मिलेनिन को कंट्रोल कर त्वचा को काली नहीं पड़ने देगी। उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष डॉ. रेनु सारस्वत ने अतिथियों को धन्यवाद दिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि मेरठ कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके अग्रवाल और मुख्य वक्ता डॉ. नीरज कुमार रहे। डॉ. संजय कुमार ने धन्यवाद किया।
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इस मौके पर एमएससी और शोध छात्रों ने ग्रीन केमेस्ट्री और ससटेनेबल डेवलेपमेंट विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें प्रथम शिवानी, द्वितीय अक्षय और तृतीय पुरस्कार विनीत को मिला। कार्यक्रम में डॉ. राजीव राठौर, डॉ. नेत्रपाल सिंह, डॉ. संजय वत्स, डॉ. आनंदवीर सिंह, डॉ. नुपूर सिसौदिया, डॉ. नीरज कुमार का सहयोग रहा।
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खास बातें
- मेरठ कॉलेज के रसायन विभाग में नेशनल सेमिनार का आयोजन