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दिल्ली के बाद अब मेरठ की बारी, शहर से बाहर होंगे 50 हजार वाहन, एनजीटी ने दिया आदेश

Fri, 07 Jun 2019 04:41 PM IST
कपिल kapil राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 07 Jun 2019 04:41 PM IST
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50 thousand vehicles will be closed in Meerut after NGT order
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

जहर उगल रहे 50 हजार वाहन मेरठ शहर में प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर आरटीओ ने वाहन चालकों को एक माह का नोटिस जारी कर दिया है। 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन अब शहर में नहीं चल पाएंगे। अगर वाहन स्वामियों ने इन वाहनों को बेचने या दूसरे जिलों में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एनओसी नहीं ली तो अधिनियम की धारा 53 (1) के तहत रजिस्ट्रेशन स्वत: रद्द हो जाएगा। 

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वायु प्रदूषण से लोगों का दम घुट रहा है। एनसीआर तक इसकी आंच पहुंच रही है। लोग बीमार हो रहे हैं, इसको देखते हुए एनजीटी ने दिल्ली समेत एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन सच्चाई ये है कि अकेले मेरठ में ही 50 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित वाहन धुआं उगलते दौड़ रहे हैं। आरटीओ और ट्रैफिक का पूरा अमला होने के बाद भी प्रतिबंधित वाहनों को शहर से बाहर नहीं किया जा सका है। अब शासन की सख्ती के बाद आरटीओ की तरफ से ऐसे वाहनों को पांच जुलाई तक शहर से बाहर करने का नोटिस जारी किया गया है। 
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नोटिस के मुताबिक 31 मई 2019 तक यूएससी, यूएसएल, यूएसटी, यूएसडी, यूआरजे, यूटीजी, यूएचडी, यूपी-15 ए, बी, सी, डी, एफ, टी, एटी, बीटी व सीटी सीरीज वाले वाहन जो दस साल की आयु सीमा पूरी कर चुके हैं, उन्हें 30 दिन के अंदर एनसीआर क्षेत्र व उत्तर प्रदेश के प्रतिबंधित जनपदों को छोड़कर अन्य जनपदों में एनओसी लेनी होगी। 
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रजिस्ट्रेशन स्वत: निलंबित हो जाएगा
आरटीओ की तरफ से जारी नोटिस के बाद भी एनओसी नहीं लेने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 53 (1) के तहत स्वत: निलंबित हो जाएगा। निलंबन अवधि में यदि वाहन का संचालन सार्वजनिक स्थान पर पाया गया तो वाहन को जब्त कर लिया जाएगा।

- 50 हजार प्रतिबंधित वाहन दौड़ रहे शहर में
आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार 31 अक्तूबर 2007 से पहले के 11 हजार 226 डीजल वाहन ऐसे हैं जो अभी तक एनओसी लेकर बाहर नहीं गए हैं। ये वाहन शहर और आसपास दौड़ रहे हैं। इसके अलावा 15 साल पुराने 39 हजार 421 पेट्रोल वाहन है जो शहर में दौड़ रहे हैं। दोनों श्रेणियों के करीब 50 हजार प्रतिबंधित वाहन एनजीटी के आदेशों को हवा में उड़ाते हुए शहरवासियों का दम घोट रहे हैं।

- 5300 वाहनों ने ली एनओसी, गए बाहर
आरटीओ के मुताबिक एनजीटी के आदेश के बाद करीब 5300 प्रतिबंधित वाहनों की एनओसी ली गई है। इसमें 4 हजार 87 वाहन डीजल के और 1226 वाहन पेट्रोल वाले हैं। ये वाहन एनओसी लेकर एनसीआर के बाहर के जिलों में रजिस्टर्ड हो गए हैं।

20,000 से ज्यादा पुराने वाहन बाहरी राज्यों के 
जिले में करीब 20 हजार से ज्यादा वाहन ऐसे हैं जो बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड हैं और इनका संचालन यहां पर हो रहा है। इसमें दिल्ली व हरियाणा के नंबर के वाहन सबसे ज्यादा हैं। डीजल ट्रक तो 30 से 40 साल पुराने भी सड़कों पर दौड़ते मिल जाते हैं। स्कूल बसें भी 10 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं। नामचीन स्कूलों में भी 25 साल पहले बंद हो चुकी मेटाडोर तक चल रही हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
एनजीटी के आदेश पर एनसीआर में प्रतिबंधित किए गए वाहनों को शहर से बाहर करने के लिए एनओसी लेने हेतु नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस में एक महीने का समय दिया गया है। जो वाहन इस समय के अंदर एनओसी लेकर बाहर नहीं जाएगा उसका पंजीयन निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद निलंबित रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को जब्त किया जाएगा। - डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ

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