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Meerut News: 48 शिकायतें दर्ज, किसी का नहीं हुआ निस्तारण नहीं
Sat, 07 Mar 2026 08:53 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 07 Mar 2026 08:53 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील सरधना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 48 शिकायतें दर्ज की गईं, मौके पर किसी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका। केवल एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में जनसुनवाई की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने की। इस दौरान तहसीलदार ज्योति सिंह, नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार तथा राजस्व, पुलिस, नगर पालिका, विद्युत, सिंचाई, चिकित्सा और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान भूमि विवाद और पैमाइश से संबंधित मामले, राजस्व अभिलेखों में त्रुटियाँ, बिजली बिलों की गड़बड़ी, जलनिकासी और नालों की सफाई, पेयजल आपूर्ति, ग्राम पंचायत स्तर पर अनियमितताएं, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना शामिल रही। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने कहा कि सभी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संपूर्ण समाधान दिवस का मूल उद्देश्य जन समस्याओं का त्वरित निवारण है और इसे औपचारिकता में नहीं बदलने दिया जाएगा। इस दौरान कई ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सीधी बातचीत की और जल्द समाधान की मांग रखी।
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सरधना। तहसील सरधना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 48 शिकायतें दर्ज की गईं, मौके पर किसी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका। केवल एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में जनसुनवाई की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने की। इस दौरान तहसीलदार ज्योति सिंह, नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार तथा राजस्व, पुलिस, नगर पालिका, विद्युत, सिंचाई, चिकित्सा और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान भूमि विवाद और पैमाइश से संबंधित मामले, राजस्व अभिलेखों में त्रुटियाँ, बिजली बिलों की गड़बड़ी, जलनिकासी और नालों की सफाई, पेयजल आपूर्ति, ग्राम पंचायत स्तर पर अनियमितताएं, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना शामिल रही। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने कहा कि सभी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संपूर्ण समाधान दिवस का मूल उद्देश्य जन समस्याओं का त्वरित निवारण है और इसे औपचारिकता में नहीं बदलने दिया जाएगा। इस दौरान कई ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सीधी बातचीत की और जल्द समाधान की मांग रखी।
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