{"_id":"5fb8251c8ebc3e9b8268cba6","slug":"42-criminals-underground-including-the-infamous-moonchh-meerut-news-mrt5118940186","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुख्यात मूंछ समेत 42 अपराधी भूमिगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुख्यात मूंछ समेत 42 अपराधी भूमिगत
विज्ञापन
मेरठ। जमानत पर बाहर आने के बाद कुख्यात मूंछ समेत 42 अपराधी भूमिगत हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। वहीं, जमानतियों की घेराबंदी की भी तैयारी की जा रही है।
मेरठ जोन के आठ जिले मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद व हापुड़ के 42 बदमाश भूमिगत हो गए हैं। बद्दो की फरारी के बाद एडीजी जोन में जमानत पर बाहर आए अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें मूंछ समेत 42 बदमाशों के नाम सामने आए हैं जो भूमिगत हैं। पुलिस ने इनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस का दावा है कि जमानत पर छूटने के बाद भूमिगत हुए अपराधी वारदात नहीं कर रहे हैं। अभी उनका किसी आपराधिक वारदात से संबंध सामने नहीं आया है। इसके बावजूद उक्त अपराधियों की निगरानी बेहद जरूरी है। भूमिगत अपराधियों के जमानतियों से जानकारी ली जा रही है कि वे आखिर कहां हैं। पुलिस अपराधियों को जमानत देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में है। एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल का कहना है कि जमानत पर बाहर आए अपराधी पुलिस की निगरानी में होंगे। इसके लिए जोन के सभी जनपदों में अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
मूंछ का नहीं लगा सुराग
भले ही पुलिस दावा कर रही है कि सुशील मूंछ की निगरानी हो रही है परंतु सच यह कि मूंछ सूबे से बाहर है। वह जमानत होने के बाद से यहां नहीं आया। मुजफ्फरनगर पुलिस दूरद बैठे सुशील मूंछ की निगरानी कैसे कर रही है। यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
मेरठ जोन के आठ जिले मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद व हापुड़ के 42 बदमाश भूमिगत हो गए हैं। बद्दो की फरारी के बाद एडीजी जोन में जमानत पर बाहर आए अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें मूंछ समेत 42 बदमाशों के नाम सामने आए हैं जो भूमिगत हैं। पुलिस ने इनकी तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पुलिस का दावा है कि जमानत पर छूटने के बाद भूमिगत हुए अपराधी वारदात नहीं कर रहे हैं। अभी उनका किसी आपराधिक वारदात से संबंध सामने नहीं आया है। इसके बावजूद उक्त अपराधियों की निगरानी बेहद जरूरी है। भूमिगत अपराधियों के जमानतियों से जानकारी ली जा रही है कि वे आखिर कहां हैं। पुलिस अपराधियों को जमानत देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में है। एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल का कहना है कि जमानत पर बाहर आए अपराधी पुलिस की निगरानी में होंगे। इसके लिए जोन के सभी जनपदों में अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
मूंछ का नहीं लगा सुराग
भले ही पुलिस दावा कर रही है कि सुशील मूंछ की निगरानी हो रही है परंतु सच यह कि मूंछ सूबे से बाहर है। वह जमानत होने के बाद से यहां नहीं आया। मुजफ्फरनगर पुलिस दूरद बैठे सुशील मूंछ की निगरानी कैसे कर रही है। यह बड़ा सवाल है।