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सेवानिवृत लेखाकार की पेंशन से काट लिये 1.80 लाख रुपये ज्यादा
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रिटायर्ड लेखाकार को 1.80 लाख की चपत
जिला पंचायत ने आवास किराया वसूली के हिसाब में की गड़बड़ी
जिपंअ ने कहा, बोर्ड बैठक में रकम वापसी का रखा जायेगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिला पंचायत के सेवानिवृत्त लेखाकार को जिला पंचायत का आवास लेना भारी पड़ गया। आवास आवंटन के दो साल बाद आवंटन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद आवास किराया वसूली में पेंशन से जो कटौती की गई, उसके हिसाब में गड़बड़ी करते हुए 1,79,858 रुपये अधिक काट लिए गए। अब ज्यादा वसूले गये पैसे को वापस करने में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है।
जिला पंचायत के सेवानिवृत्त लेखाकार गजराज सिंह त्यागी को एक अप्रैल 1999 को 250 रुपये प्रति माह किराये पर केसरगंज स्थित जिला पंचायत का आवास आवंटित किया गया था। 12 मार्च 2001 को इस आवास का आवंटन तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया था। लेकिन जिला पंचायत को कब्जा 6 मार्च 2003 को मिला। जिला पंचायत ने शासनादेश के अनुसार गजराज सिंह त्यागी पर किराया निर्धारित कर उसकी गणना करते हुए उनकी पेंशन से 3,76,728 रुपये की कटौती कर ली गई।
जब गजराज सिंह ने निर्धारित किराये की वसूली की अपने स्तर से गणना कराई तो पता चला कि जिला पंचायत द्वारा उनकी पेंशन से 1,79,858 रुपये अधिक काट लिए हैं। इसकी शिकायत पर जब जिला पंचायत के लेखा विभाग ने दोबारा गणना की तो उन्हें अपनी चूक का पता चला। लेकिन अभी तक गजराज को अधिक वसूला गया पैसा वापस नहीं किया गया। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने बताया कि वित्तीय परामर्शदाता से वार्ता हुई है। यह मामला बोर्ड बैठक में रखा जायेगा। सदस्यों से विचार कर इस पर निर्णय लिया जायेगा।
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जिला पंचायत ने आवास किराया वसूली के हिसाब में की गड़बड़ी
जिपंअ ने कहा, बोर्ड बैठक में रकम वापसी का रखा जायेगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिला पंचायत के सेवानिवृत्त लेखाकार को जिला पंचायत का आवास लेना भारी पड़ गया। आवास आवंटन के दो साल बाद आवंटन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद आवास किराया वसूली में पेंशन से जो कटौती की गई, उसके हिसाब में गड़बड़ी करते हुए 1,79,858 रुपये अधिक काट लिए गए। अब ज्यादा वसूले गये पैसे को वापस करने में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है।
जिला पंचायत के सेवानिवृत्त लेखाकार गजराज सिंह त्यागी को एक अप्रैल 1999 को 250 रुपये प्रति माह किराये पर केसरगंज स्थित जिला पंचायत का आवास आवंटित किया गया था। 12 मार्च 2001 को इस आवास का आवंटन तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया था। लेकिन जिला पंचायत को कब्जा 6 मार्च 2003 को मिला। जिला पंचायत ने शासनादेश के अनुसार गजराज सिंह त्यागी पर किराया निर्धारित कर उसकी गणना करते हुए उनकी पेंशन से 3,76,728 रुपये की कटौती कर ली गई।
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जब गजराज सिंह ने निर्धारित किराये की वसूली की अपने स्तर से गणना कराई तो पता चला कि जिला पंचायत द्वारा उनकी पेंशन से 1,79,858 रुपये अधिक काट लिए हैं। इसकी शिकायत पर जब जिला पंचायत के लेखा विभाग ने दोबारा गणना की तो उन्हें अपनी चूक का पता चला। लेकिन अभी तक गजराज को अधिक वसूला गया पैसा वापस नहीं किया गया। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने बताया कि वित्तीय परामर्शदाता से वार्ता हुई है। यह मामला बोर्ड बैठक में रखा जायेगा। सदस्यों से विचार कर इस पर निर्णय लिया जायेगा।
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