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पराग में बाहरी दूध आपूर्ति पर महाप्रबंधक को घेरा
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:37 AM IST
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पराग में महाप्रबंधक का घेराव किया
मेरठ। पराग दुग्ध संघ गगोल में डायरेक्टर और समिति सचिवों ने सोमवार जमकर हंगामा किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए महाप्रबंधक का घेराव किया। साथ ही महाप्रबंधक पर दुग्ध संघ पराग को सात करोड़ के घाटे में पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एक जनवरी से कमिश्नर कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना देने की चेतावनी दी।
पराग दुग्ध संघ के डायरेक्टर मास्टर विपत सिंह के नेतृत्व में सोमवार को जनपद के समिति सचिव पराग दुग्ध संघ गगोल पहुंचे। सभी ने नारेबाजी करते हुए महाप्रबंधक एससी वर्मा का घेराव शुरू कर दिया। विपत सिंह ने आरोप लगाया कि जब से एससी वर्मा पराग में आए हैं तब से पराग सात करोड़ के घाटे में पहुंच गया है। समितियों के दूध के उचित दाम नहीं दिए जा रहे हैं जबकि लगभग 56 हजार लीटर दूध प्राइवेट से लिया जा रहा है। आरोप लगाया कि प्राइवेट दूध से महाप्रबंधक को अपना निजी लाभ होता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि समितियों के दूध के रेट बढ़ाए जाएं। वीआरएस ले चुके कर्मचारियों को पराग दुग्ध संघ में न रखा जाए। महाप्रबंधक ने प्रति किलो पर 50 पैसे प्रति लीटर पर बढ़ाने का आश्वासन दिया। इस पर डायरेक्टर और समिति सचिव राजी नहीं हुए। सभी ने चेतावनी दी कि एक जनवरी से कमिश्नर कार्यालय पर धरना शुरू करेंगे।
उधर महाप्रबंधक एससी वर्मा का कहना है कि प्राइवेट दूध नहीं लिया जा रहा है। कंपनी के घाटे में आने का मुख्य कारण महंगा सूखा दूध है। कंपनी को घाटे से उबारने की तैयारी चल रही है। इस अवसर पर ज्ञानी सिंह, रामपाल सिंह, पृथ्वी सिंह, अशोक, नरेश आदि मुख्य रहे।
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खास बात
डायरेक्टर और समिति सचिवों ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग
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मेरठ। पराग दुग्ध संघ गगोल में डायरेक्टर और समिति सचिवों ने सोमवार जमकर हंगामा किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए महाप्रबंधक का घेराव किया। साथ ही महाप्रबंधक पर दुग्ध संघ पराग को सात करोड़ के घाटे में पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एक जनवरी से कमिश्नर कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना देने की चेतावनी दी।
पराग दुग्ध संघ के डायरेक्टर मास्टर विपत सिंह के नेतृत्व में सोमवार को जनपद के समिति सचिव पराग दुग्ध संघ गगोल पहुंचे। सभी ने नारेबाजी करते हुए महाप्रबंधक एससी वर्मा का घेराव शुरू कर दिया। विपत सिंह ने आरोप लगाया कि जब से एससी वर्मा पराग में आए हैं तब से पराग सात करोड़ के घाटे में पहुंच गया है। समितियों के दूध के उचित दाम नहीं दिए जा रहे हैं जबकि लगभग 56 हजार लीटर दूध प्राइवेट से लिया जा रहा है। आरोप लगाया कि प्राइवेट दूध से महाप्रबंधक को अपना निजी लाभ होता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि समितियों के दूध के रेट बढ़ाए जाएं। वीआरएस ले चुके कर्मचारियों को पराग दुग्ध संघ में न रखा जाए। महाप्रबंधक ने प्रति किलो पर 50 पैसे प्रति लीटर पर बढ़ाने का आश्वासन दिया। इस पर डायरेक्टर और समिति सचिव राजी नहीं हुए। सभी ने चेतावनी दी कि एक जनवरी से कमिश्नर कार्यालय पर धरना शुरू करेंगे।
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उधर महाप्रबंधक एससी वर्मा का कहना है कि प्राइवेट दूध नहीं लिया जा रहा है। कंपनी के घाटे में आने का मुख्य कारण महंगा सूखा दूध है। कंपनी को घाटे से उबारने की तैयारी चल रही है। इस अवसर पर ज्ञानी सिंह, रामपाल सिंह, पृथ्वी सिंह, अशोक, नरेश आदि मुख्य रहे।
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खास बात
डायरेक्टर और समिति सचिवों ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग