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आरक्षित वर्ग के भूखंड आवंटन की करें जांच: आयुक्त
Updated Thu, 20 Jul 2017 08:02 PM IST
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मेरठ। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने आरक्षित कोटे के प्लॉटों के आवंटन की जांच के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को आयोजित आयुक्त मित्र दिवस की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने फूलबाग कॉलोनी निवासी शिकायतकर्ता उमेश गुप्ता के प्रकरण पर सुनवाई की। शिकायतकर्ता, तहसीलदार मेरठ एवं आवास विकास की ओर से प्रस्तुत अभिलेखों के अवलोकन के उपरांत उन्होंने कहा कि यह प्रकरण गंभीर है। ऐसे में अभिलेखों का गहनता से परीक्षण करें। उन्होंने सभी पक्षों को अभिलेखों सहित आगामी 10 अगस्त को उपस्थित होने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2000 से वर्ष 2010 से नीलामी के माध्यम से आवंटित भूखंडों एवं आवंटियों की सूची पूर्ण विवरण सहित उपलब्ध कराएं। वहीं, मंडलायुक्त ने हापुड़ के दो किसानों की शिकायत पर विद्युत विभाग हापुड़ को ट्यूबवेल का वर्तमान बिल ही वसूलने के निर्देश दिए।
यह थी शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना था कि आवास विकास परिषद ने ऐसे लोगों को आरक्षित कोटे के प्लॉट नीलामी में दे दिए, जो आरक्षित जाति के थे ही नहीं। उन्हाेंने फर्जी प्रमाणपत्र लगाए। यह बात सामने आने के बावजूद अधिकारियों ने पूरे प्रकरण को दबा दिया। भूमाफियाओं से साठगांठ करके जांच आख्या का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया। इस प्रकरण से ‘अमर उजाला’ ने पर्दा हटाया था, जिस पर जांच शुरू हो गई थी।
- आयुक्त मित्र दिवस के आयोजन में बोले मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार
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बृहस्पतिवार को आयोजित आयुक्त मित्र दिवस की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने फूलबाग कॉलोनी निवासी शिकायतकर्ता उमेश गुप्ता के प्रकरण पर सुनवाई की। शिकायतकर्ता, तहसीलदार मेरठ एवं आवास विकास की ओर से प्रस्तुत अभिलेखों के अवलोकन के उपरांत उन्होंने कहा कि यह प्रकरण गंभीर है। ऐसे में अभिलेखों का गहनता से परीक्षण करें। उन्होंने सभी पक्षों को अभिलेखों सहित आगामी 10 अगस्त को उपस्थित होने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2000 से वर्ष 2010 से नीलामी के माध्यम से आवंटित भूखंडों एवं आवंटियों की सूची पूर्ण विवरण सहित उपलब्ध कराएं। वहीं, मंडलायुक्त ने हापुड़ के दो किसानों की शिकायत पर विद्युत विभाग हापुड़ को ट्यूबवेल का वर्तमान बिल ही वसूलने के निर्देश दिए।
यह थी शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना था कि आवास विकास परिषद ने ऐसे लोगों को आरक्षित कोटे के प्लॉट नीलामी में दे दिए, जो आरक्षित जाति के थे ही नहीं। उन्हाेंने फर्जी प्रमाणपत्र लगाए। यह बात सामने आने के बावजूद अधिकारियों ने पूरे प्रकरण को दबा दिया। भूमाफियाओं से साठगांठ करके जांच आख्या का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया। इस प्रकरण से ‘अमर उजाला’ ने पर्दा हटाया था, जिस पर जांच शुरू हो गई थी।
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- आयुक्त मित्र दिवस के आयोजन में बोले मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार