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चार माह से अटकी सैलरी आई, हड़ताल नहीं करेंगे जूनियर डॉक्टर
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मेरठ। मेडिकल में जूनियर डॉक्टर (नॉन पीजी जेआर) की पिछले चार माह से अटकी सैलरी बुधवार को जारी कर दी गई। बृहस्पतिवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे जूनियर चिकित्सक अब हड़ताल पर नहीं जाएंगे।
हालांकि बुधवार को भी दोपहर तक सैलरी नहीं आई थी। इससे नाराज जूनियर डॉक्टर प्राचार्य कार्यालय में गए और सैलरी दिलाने की मांग की। इस दौरान प्राचार्य से जूनियर डॉक्टरों की कहासुनी भी हुई। जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया और तोड़फोड़ की धमकी दी। काफी देर गहमागहमी का माहौल रहा। सैलरी आने पर जूनियर डॉक्टर शांत हुए। मेडिकल कॉलेज में 70 से ज्यादा नॉन पीजी जेआर हैं। यह अस्पताल को संचालित करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनकी मार्च 2019 से सैलरी नहीं आई थी। इससे वह नाराज थे। प्राचार्य से शिकायत करने वालों में डॉ. प्रगति, हेमंत कुमार, विनीत कुमार, अंजलि सिंह, अशोक कुमार, श्वेता, राजेश, पूजा कुमारी, राजकुमार, अखिलेश, कीर्ति, सुदेश गुप्ता और विमल कुमार आदि थे। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं शिक्षा से इस संबंध में बात की थी। डीजी ने भी शासन को इससे अवगत कराया था। काफी जद्दोजहद के बाद सैलरी आ गई है।
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हालांकि बुधवार को भी दोपहर तक सैलरी नहीं आई थी। इससे नाराज जूनियर डॉक्टर प्राचार्य कार्यालय में गए और सैलरी दिलाने की मांग की। इस दौरान प्राचार्य से जूनियर डॉक्टरों की कहासुनी भी हुई। जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया और तोड़फोड़ की धमकी दी। काफी देर गहमागहमी का माहौल रहा। सैलरी आने पर जूनियर डॉक्टर शांत हुए। मेडिकल कॉलेज में 70 से ज्यादा नॉन पीजी जेआर हैं। यह अस्पताल को संचालित करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनकी मार्च 2019 से सैलरी नहीं आई थी। इससे वह नाराज थे। प्राचार्य से शिकायत करने वालों में डॉ. प्रगति, हेमंत कुमार, विनीत कुमार, अंजलि सिंह, अशोक कुमार, श्वेता, राजेश, पूजा कुमारी, राजकुमार, अखिलेश, कीर्ति, सुदेश गुप्ता और विमल कुमार आदि थे। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं शिक्षा से इस संबंध में बात की थी। डीजी ने भी शासन को इससे अवगत कराया था। काफी जद्दोजहद के बाद सैलरी आ गई है।
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