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कूड़ा प्रबंधन को नगर निगम में उप नियमावली तैयार
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:40 AM IST
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मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में देश और प्रदेश स्तर पर हर बार किरकिरी कराने वाले नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन पर उप नियमावली तैयार की है। इसके कार्यकारिणी और बोर्ड में पास होने के पास निगम को जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का भी अधिकार मिल जाएगा। इसके तहत शहर की सड़कों और नाली-नालों में कूड़ा डालने वालों पर भारी जुर्माना होगा तो वहीं एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
शहर कूड़े के ढेरों से अटा पड़ा है। शहर की गलियां हों या फिर नाले और मुख्य सड़कों के किनारे बनाए गए डंपिंग ग्राउंड, सभी जगह कूड़ा ही कूड़ा है। स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में मेरठ की दो बार किरकिरी हो चुकी है। कारण है कि नगर निगम द्वारा साफ मंशा से काम न करना। शहर की सफाई के लिए निगम की भारी भरकम मशीनें और सफाई कर्मचारियों के दस्ते हैँ। उसके बाद भी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है।
कूड़ा डालने के स्थान होंगे तय
शहर के 90 वार्डों में कूड़ा डालने के स्थान तय होंगे। किसी भी स्थान पर जनता या स्वच्छता मित्र कूड़ा नहीं डाल पाएंगे। सड़कों के किनारे डाले जा रहे कूड़े पर भी प्रतिबंध लगेगा। इससे शहर का पर्यावरण भी स्वच्छ होगा।
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पहले खारिज हो चुकी नियमावली
निगम प्रशासन द्वारा तैयार की गयी कूड़ा प्रबंधन की उप नियमावली निगम कार्यकारिणी और बोर्ड के सामने रखी जाएगी। बोर्ड उप नियमावली पर जो भी निर्णय लेगा, उसके अनुरूप ही कार्रवाई होगी। हालांकि पूर्व में इस प्रकार की नियमावली को बोर्ड खारिज कर चुका है। अब देखना यह है कि यह बोर्ड क्या जनता पर भार पड़ने वाली नियमावली पर मोहर लगाएगा।
कैमरों का कौन देगा हिसाब
कूड़ा प्रबंधन के लिए निगम प्रशासन ने करीब तीस कैमरे खरीदे थे। जिनका उपयोग सड़क पर कूड़ा डालने, कूड़ा जलाने, नालों में गोबर डालने, सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने, पॉलीथिन विक्रेताओं के फोटो खींचने के लिए करना था। ये कैमरे सफाई इंस्पेक्टरों को सौंपे गए थे। अब वह कैमरे कहां हैं, इसका हिसाब देने वाला भी कोई नहीं है।
कूड़े के ढेर से मिलेगी निजात
शहर में दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम, हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर, बिजली बंबा बाईपास सड़क किनारे, कंकरखेड़ा में मार्शल पिच आदि स्थानों को कूड़े से निजात मिलेगी। क्योंकि निर्धारित स्थानों के अलावा कूड़ा डालते मिलने पर व्यक्ति के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई निश्चित की जाएगी।
उप नियमावली में अर्थदंड और एफआईआर
अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी का कहना है कि कूड़ा प्रबंधन के लिए उप नियमावली तैयार किया जाना जरूरी था। सुधार केे लिए एक पहल की गयी है। इस पर भी अंतिम रिपोर्ट निगम कार्यकारिणी ओर बोर्ड की होगी। उप नियमावली के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जहां भारी जुर्माने का प्राविधान किया गया है, वहीं एफआईआर दर्ज कराने भी निश्चित किया गया है।
पहले मंशा साफ करें
कूड़ा प्रबंधन पर निगम द्वारा तैयार उप नियमावली हमारे सामने नहीं आयी है। कूड़े को लेकर कानून तो पहले से भी सख्त हैं। उसे लागू कराने का काम तो अधिकारियों का ही है। जब सरकार के आदेशों का पालन अधिकारी नहीं कर रहे हैं तो बोर्ड में पास होने के बाद उप नियमावली पर कितना काम करेंगे। इसका क्या भरोसा है। निगम अधिकारियों को शहर हित में काम करने को अपनी मंशा साफ करनी होगी। -सुनीता वर्मा, महापौर।
मुंगेरी लाल के हसीन सपने
इस उप नियमावली से सहमत होंगे। शहर की अच्छाई के लिए बोर्ड हर कदम उठाने को तैयार है। बशर्ते अधिकारियों की काम करने की मंशा हो। बोर्ड में उप नियमावली आएगी तो उसे देखा जाएगा। अधिकारी जनता को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाते हैं। -गफ्फार, पार्षद
बीच का रास्ता निकालेंगे
पहले तो हम नियमावली देखेंगे। स्वच्छता के लिए नियम होने चाहिए। जिससे जनता को परेशानी हो। जब उप नियमावली कार्यकारिणी और बोर्ड में आएगी तो उस पर विचार करके बीच का रास्ता निकालकर पास किया जाएगा। -ललित नागदेव, पार्षद
खास बातें:
- कूड़ा प्रबंधन पर नगर निगम में उप नियमावली तैयार, बोर्ड में होगी पास
- जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का भी निगम को होगा अधिकार
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शहर कूड़े के ढेरों से अटा पड़ा है। शहर की गलियां हों या फिर नाले और मुख्य सड़कों के किनारे बनाए गए डंपिंग ग्राउंड, सभी जगह कूड़ा ही कूड़ा है। स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में मेरठ की दो बार किरकिरी हो चुकी है। कारण है कि नगर निगम द्वारा साफ मंशा से काम न करना। शहर की सफाई के लिए निगम की भारी भरकम मशीनें और सफाई कर्मचारियों के दस्ते हैँ। उसके बाद भी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है।
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कूड़ा डालने के स्थान होंगे तय
शहर के 90 वार्डों में कूड़ा डालने के स्थान तय होंगे। किसी भी स्थान पर जनता या स्वच्छता मित्र कूड़ा नहीं डाल पाएंगे। सड़कों के किनारे डाले जा रहे कूड़े पर भी प्रतिबंध लगेगा। इससे शहर का पर्यावरण भी स्वच्छ होगा।
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पहले खारिज हो चुकी नियमावली
निगम प्रशासन द्वारा तैयार की गयी कूड़ा प्रबंधन की उप नियमावली निगम कार्यकारिणी और बोर्ड के सामने रखी जाएगी। बोर्ड उप नियमावली पर जो भी निर्णय लेगा, उसके अनुरूप ही कार्रवाई होगी। हालांकि पूर्व में इस प्रकार की नियमावली को बोर्ड खारिज कर चुका है। अब देखना यह है कि यह बोर्ड क्या जनता पर भार पड़ने वाली नियमावली पर मोहर लगाएगा।
कैमरों का कौन देगा हिसाब
कूड़ा प्रबंधन के लिए निगम प्रशासन ने करीब तीस कैमरे खरीदे थे। जिनका उपयोग सड़क पर कूड़ा डालने, कूड़ा जलाने, नालों में गोबर डालने, सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने, पॉलीथिन विक्रेताओं के फोटो खींचने के लिए करना था। ये कैमरे सफाई इंस्पेक्टरों को सौंपे गए थे। अब वह कैमरे कहां हैं, इसका हिसाब देने वाला भी कोई नहीं है।
कूड़े के ढेर से मिलेगी निजात
शहर में दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम, हापुड़ रोड स्थित लोहियानगर, बिजली बंबा बाईपास सड़क किनारे, कंकरखेड़ा में मार्शल पिच आदि स्थानों को कूड़े से निजात मिलेगी। क्योंकि निर्धारित स्थानों के अलावा कूड़ा डालते मिलने पर व्यक्ति के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई निश्चित की जाएगी।
उप नियमावली में अर्थदंड और एफआईआर
अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी का कहना है कि कूड़ा प्रबंधन के लिए उप नियमावली तैयार किया जाना जरूरी था। सुधार केे लिए एक पहल की गयी है। इस पर भी अंतिम रिपोर्ट निगम कार्यकारिणी ओर बोर्ड की होगी। उप नियमावली के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जहां भारी जुर्माने का प्राविधान किया गया है, वहीं एफआईआर दर्ज कराने भी निश्चित किया गया है।
पहले मंशा साफ करें
कूड़ा प्रबंधन पर निगम द्वारा तैयार उप नियमावली हमारे सामने नहीं आयी है। कूड़े को लेकर कानून तो पहले से भी सख्त हैं। उसे लागू कराने का काम तो अधिकारियों का ही है। जब सरकार के आदेशों का पालन अधिकारी नहीं कर रहे हैं तो बोर्ड में पास होने के बाद उप नियमावली पर कितना काम करेंगे। इसका क्या भरोसा है। निगम अधिकारियों को शहर हित में काम करने को अपनी मंशा साफ करनी होगी। -सुनीता वर्मा, महापौर।
मुंगेरी लाल के हसीन सपने
इस उप नियमावली से सहमत होंगे। शहर की अच्छाई के लिए बोर्ड हर कदम उठाने को तैयार है। बशर्ते अधिकारियों की काम करने की मंशा हो। बोर्ड में उप नियमावली आएगी तो उसे देखा जाएगा। अधिकारी जनता को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाते हैं। -गफ्फार, पार्षद
बीच का रास्ता निकालेंगे
पहले तो हम नियमावली देखेंगे। स्वच्छता के लिए नियम होने चाहिए। जिससे जनता को परेशानी हो। जब उप नियमावली कार्यकारिणी और बोर्ड में आएगी तो उस पर विचार करके बीच का रास्ता निकालकर पास किया जाएगा। -ललित नागदेव, पार्षद
खास बातें:
- कूड़ा प्रबंधन पर नगर निगम में उप नियमावली तैयार, बोर्ड में होगी पास
- जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का भी निगम को होगा अधिकार