{"_id":"5a70d50c4f1c1b82268b7569","slug":"31517344012-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीडब्लूडी की अनदेखी से कांवड़ मार्ग निर्माण पर ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीडब्लूडी की अनदेखी से कांवड़ मार्ग निर्माण पर ब्रेक
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडब्लूडी की अनदेखी के कारण लटका निर्माण
मेरठ। चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग के निर्माण को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सड़क निर्माण में अड़ंगा बने पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेने में भी पीडब्लूडी की लापरवाही उजागर हो रही है। विभागीय अधिकारी वन विभाग को समय पर 11 लाख रुपये बैंक से ट्रांसफर नहीं करा पाए, जिसकारण वन विभाग से एनओसी नहीं मिली। हालांकि मामला खुलने पर सोमवार को पैसे ट्रांसफार्मर कर दिए गए।
106 किमी लंबा है कांवड़ मार्ग
हरिद्वार से खतौली, सरधना, जानी होते हुए मुरादनगर को जोड़ने वाली नहर की पटरी पर चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग 106 किलो मीटर लंबा है। जिसके चौड़ीकरण पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च होना है। इसके लिए धन की कोई कमी नहीं बताई जा रही है। लेकिन पीडब्लूडी के अधिकारियों की लापरवाही के कारण समय से कांवड़ मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।
पांच माह से बैंकों में ही घूमता रहा धन
कांवड़ मार्ग पर स्थित पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेनी थी। वन विभाग के खाते में 11 लाख रुपये दिए जाने थे। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार पिछले साल 11 लाख रुपये कॉरपोरेशन बैंक और एसबीआई के बीच फंसा रहा। पीडब्लूडी के अधिकारियों ने न तो वन विभाग से संपर्क किया और न ही बैंक से। वहीं मेरठ सिटीजन फोरम ने कांवड़ मार्ग पर पीडब्लूडी और वन विभाग से संपर्क साधा। संस्था के सचिव गौरांग संगल ने पीडब्लूडी अधिकारियों को लेकर दिल्ली स्थित कॉरपोरेशन बैंक में रिकॉर्ड खंगाला तो मामला खुल गया। इसके बाद बैंकों ने अपनी भूल सुधारते हुए वन विभाग के खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी। वहीं डीएफओ से एनओसी के लिए भी संपर्क साधा गया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह में मिल जाएगी एनओसी
बैंक में रुका धन वन विभाग के खाते में भेज दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर वन विभाग से एनओसी मिल जाएगी। शीघ्र ही शासन से धन मांगकर कांवड़ मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी।
एक दिन पहले ही बताया
पीडब्लूडी की तरफ से 11 लाख रुपये विभाग के खाते में आने थे। पीडब्लूडी के अधिकारियों ने एक दिन पहले ही बताया है कि धनराशि विभाग के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। लेकिन एनओसी तभी दी जाएगी, जब शासन से ट्रांसफर धनराशि की पुष्टि हो जाएगी। अदिति शर्मा, डीएफओ
विज्ञापन
मेरठ। चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग के निर्माण को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सड़क निर्माण में अड़ंगा बने पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेने में भी पीडब्लूडी की लापरवाही उजागर हो रही है। विभागीय अधिकारी वन विभाग को समय पर 11 लाख रुपये बैंक से ट्रांसफर नहीं करा पाए, जिसकारण वन विभाग से एनओसी नहीं मिली। हालांकि मामला खुलने पर सोमवार को पैसे ट्रांसफार्मर कर दिए गए।
106 किमी लंबा है कांवड़ मार्ग
हरिद्वार से खतौली, सरधना, जानी होते हुए मुरादनगर को जोड़ने वाली नहर की पटरी पर चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग 106 किलो मीटर लंबा है। जिसके चौड़ीकरण पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च होना है। इसके लिए धन की कोई कमी नहीं बताई जा रही है। लेकिन पीडब्लूडी के अधिकारियों की लापरवाही के कारण समय से कांवड़ मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
पांच माह से बैंकों में ही घूमता रहा धन
कांवड़ मार्ग पर स्थित पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेनी थी। वन विभाग के खाते में 11 लाख रुपये दिए जाने थे। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार पिछले साल 11 लाख रुपये कॉरपोरेशन बैंक और एसबीआई के बीच फंसा रहा। पीडब्लूडी के अधिकारियों ने न तो वन विभाग से संपर्क किया और न ही बैंक से। वहीं मेरठ सिटीजन फोरम ने कांवड़ मार्ग पर पीडब्लूडी और वन विभाग से संपर्क साधा। संस्था के सचिव गौरांग संगल ने पीडब्लूडी अधिकारियों को लेकर दिल्ली स्थित कॉरपोरेशन बैंक में रिकॉर्ड खंगाला तो मामला खुल गया। इसके बाद बैंकों ने अपनी भूल सुधारते हुए वन विभाग के खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी। वहीं डीएफओ से एनओसी के लिए भी संपर्क साधा गया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह में मिल जाएगी एनओसी
बैंक में रुका धन वन विभाग के खाते में भेज दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर वन विभाग से एनओसी मिल जाएगी। शीघ्र ही शासन से धन मांगकर कांवड़ मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी।
एक दिन पहले ही बताया
पीडब्लूडी की तरफ से 11 लाख रुपये विभाग के खाते में आने थे। पीडब्लूडी के अधिकारियों ने एक दिन पहले ही बताया है कि धनराशि विभाग के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। लेकिन एनओसी तभी दी जाएगी, जब शासन से ट्रांसफर धनराशि की पुष्टि हो जाएगी। अदिति शर्मा, डीएफओ