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मेरठ: 30 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, डिप्टी सीएम से पहचान बताकर देते थे लालच, 300 युवा हुए शिकार

Sat, 08 Oct 2022 04:22 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 08 Oct 2022 04:22 PM IST
सार

एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो अभी तक 30 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। इस गिरोह के सदस्य सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को शिकार बनाते थे।

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The accused have 30 crores cheated in lieu of getting a job in Uttar Pradesh
रुपये - फोटो : pixabay

विस्तार

डिप्टी सीएम से पहचान होना बताकर सचिवालय में नौकरी लगवाने वाला गिरोह पश्चिमी यूपी में सक्रिय हो चुका है। यह गिरोह वर्ष 2018 से अब तक 300 युवाओं से करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। युवाओं का आरोप है कि वह जिस जनपद में भी मुकदमा दर्ज कराने जाते हैं तो पुलिसकर्मी उल्टे उन्हें धमकाकर भगा देते हैं। ठगी के शिकार युवाओं ने शुक्रवार को एडीजी राजीव सभरवाल को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

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ठगी के शिकार हुए युवाओं के अनुसार इस गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश सरकार लिखकर गाड़ियों में घूमते हैं। वह सचिवालय में क्लर्क बनवाने के नाम पर 10 लाख और समीक्षा अधिकारी बनवाने के नाम पर 20 लाख रुपये लेते रहे हैं। एडीजी से की गई शिकायत में बताया गया कि वेस्ट यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, हापुड व मेरठ के करीब 300 युवाओं से 30 करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है। यही नहीं इन लोगों ने उन्हें फर्जी कॉल लेटर देकर गांधी बाग लखनऊ में एक महीने का प्रशिक्षण भी दिलाया है। इनके खिलाफ अलग-अलग कई थानों में मुकदमों भी दर्ज हैं।
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आरोप है कि वह लोग जब किसी थाने में ठगी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जाते है तो पुलिसकर्मी उनके साथ अभद्र व्यवहार करते है और डरा-धमकाकर थाने से भगा देते हैं। पीड़ित युवाओं ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर व रासुका में कार्रवाई कराने की मांग की है। एडजी राजीव सभरवाल ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

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