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कोरोना वैक्सीन के लिए 27 जगह बनाई जाएगी कोल्ड चेन
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मेरठ। कोरोना वैक्सीन के रखरखाव के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। अब कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। इसके लिए मेरठ में 27 जगह कोल्ड चेन बनाई जाएगी। अगले साल जनवरी-फरवरी में वैक्सीन आने की उम्मीद है।
जिन जगह कोल्ड चेन बनाई जाएंगी, उनमें नंगला बट्टू, जाहिदपुर, साबुन गोदाम, मलियाना, रजबन, कैंट, मवाना, सरधना, जिला अस्पताल के बराबर में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर, अपर स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय, मेडिकल कॉलेज आदि हैं।
दरअसल, कोरोना वैक्सीन रखने की तैयारी हो चुकी है। जगह चिन्हित कर ली गई हैं, ताकि सुगमता से वैक्सीन रखी जा सके। यह भी तय हो गया है कि वैक्सीन पहले सरकारी और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई जाएगी। वैक्सीन के रखरखाव और लगाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होगी। इसलिए पहले इन्हें सुरक्षित किया जाएगा। डॉक्टर से लेकर पैरा मेडिकल स्टाफ का डाटा फीड कर दिया गया। निजी चिकित्सा व अन्य संस्थानों का बाकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रवीण गौतम ने बताया कि वैक्सीन स्टोर के रखरखाव और अन्य व्यवस्था कर ली गई है। 27 जगहों पर कोरोना वैक्सीन को सुरक्षित तापमान पर रखने की तैयारी जिले में पूरी कर ली गई है। जिस कोल्ड चेन स्टोर में वैक्सीन रखी जाएगी उसमें आईस लाइनर रेफ्रिजेरेटर की व्यवस्था होगी। प्लस टू से प्लस 8 के तापमान तक वैक्सीन को रखने के बारे में फिलहाल सोचा गया है।
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इसलिए पड़ती है कोल्ड चेन की जरूरत
टीके बहुत नाजुक जैविक पदार्थ हैं जो धीरे धीरे कमजोर होते जाते है, अर्थात रोगो को रोकने की उनकी क्षमता कम होती जाती है। यह कमजोर होने की प्रकिया तब बहुत तेज हो जाती है, जब टीकों का तापमान बताई गई सीमा को पार कर जाता है। यदि टीकों को उचित तापमान पर रखा जाए तो उनकी क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है। इसीलिए कोल्ड चेन बनाई जाती है।
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1320 संस्थानों ने नहीं फीड किया है डाटा
मेरठ। कोरोना वैक्सीन पहले सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगी, इसके बाद निजी स्वास्थ्य कर्मी व अन्य सरकारी संस्थानों के स्टाफ को। इसके लिए डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य विभागों ने सूचना दे दी है, लेकिन अभी 1320 निजी चिकित्सा व अन्य संस्थान है बचे हैं जिन्होंने सूचना नहीं दी है। सिर्फ 400 ने ही सूचना दी है। कुल 1720 निजी चिकित्सा-स्वास्थ्य व अन्य संस्थानों को अपने स्टाफ और कर्मचारियों का डाटा फीड करना है।
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जिन जगह कोल्ड चेन बनाई जाएंगी, उनमें नंगला बट्टू, जाहिदपुर, साबुन गोदाम, मलियाना, रजबन, कैंट, मवाना, सरधना, जिला अस्पताल के बराबर में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर, अपर स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय, मेडिकल कॉलेज आदि हैं।
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दरअसल, कोरोना वैक्सीन रखने की तैयारी हो चुकी है। जगह चिन्हित कर ली गई हैं, ताकि सुगमता से वैक्सीन रखी जा सके। यह भी तय हो गया है कि वैक्सीन पहले सरकारी और निजी स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई जाएगी। वैक्सीन के रखरखाव और लगाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होगी। इसलिए पहले इन्हें सुरक्षित किया जाएगा। डॉक्टर से लेकर पैरा मेडिकल स्टाफ का डाटा फीड कर दिया गया। निजी चिकित्सा व अन्य संस्थानों का बाकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रवीण गौतम ने बताया कि वैक्सीन स्टोर के रखरखाव और अन्य व्यवस्था कर ली गई है। 27 जगहों पर कोरोना वैक्सीन को सुरक्षित तापमान पर रखने की तैयारी जिले में पूरी कर ली गई है। जिस कोल्ड चेन स्टोर में वैक्सीन रखी जाएगी उसमें आईस लाइनर रेफ्रिजेरेटर की व्यवस्था होगी। प्लस टू से प्लस 8 के तापमान तक वैक्सीन को रखने के बारे में फिलहाल सोचा गया है।
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इसलिए पड़ती है कोल्ड चेन की जरूरत
टीके बहुत नाजुक जैविक पदार्थ हैं जो धीरे धीरे कमजोर होते जाते है, अर्थात रोगो को रोकने की उनकी क्षमता कम होती जाती है। यह कमजोर होने की प्रकिया तब बहुत तेज हो जाती है, जब टीकों का तापमान बताई गई सीमा को पार कर जाता है। यदि टीकों को उचित तापमान पर रखा जाए तो उनकी क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है। इसीलिए कोल्ड चेन बनाई जाती है।
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1320 संस्थानों ने नहीं फीड किया है डाटा
मेरठ। कोरोना वैक्सीन पहले सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगी, इसके बाद निजी स्वास्थ्य कर्मी व अन्य सरकारी संस्थानों के स्टाफ को। इसके लिए डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है। सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य विभागों ने सूचना दे दी है, लेकिन अभी 1320 निजी चिकित्सा व अन्य संस्थान है बचे हैं जिन्होंने सूचना नहीं दी है। सिर्फ 400 ने ही सूचना दी है। कुल 1720 निजी चिकित्सा-स्वास्थ्य व अन्य संस्थानों को अपने स्टाफ और कर्मचारियों का डाटा फीड करना है।