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2381 फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगा भरोसे का टीका
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2381 फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगा भरोसे का टीका
मेरठ। कोरोना वैक्सीन 2381 कोरोना योद्धाओं को और लग गई है। अब तक 17,461 लोगों को पहला टीकाकरण लग चुका है। इस बार महज 46.5 प्रतिशत ही टीकाकरण हुआ जो अब तक का सबसे कम है। बृहस्पतिवार को पहले फेज का सातवां चरण था, 5119 फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीकाकरण के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 2738 नहीं पहुंचे। सीएचसी हस्तिनापुर पर सबसे अधिक 84.8 प्रतिशत जबकि यूपीसीचसी कैंट में सिर्फ 1.6 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। अब इन लाभार्थियों के लिए 28 दिन बाद फिर से सत्र आयोजित किया जाएगा और दूसरी डोज लगाई जाएगी। इस बार पहली बार कोविशील्ड के साथ कोवैक्सिन लगाई गई।
इस बार 189 डोज नष्ट करनी पड़ी। अब तक 800 से अधिक डोज नष्ट हो चुकी हैं। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि इस बार टीकाकरण सबसे कम रहा, उम्मीद है शुक्रवार को टीकाकरण बढ़ेगा।
अब तक टीकाकरण
दिन लक्ष्य टीकाकरण प्रतिशत
16 जनवरी 694 562 81
22 जनवरी 3260 2366 72.6
28 जनवरी 6037 4239 70.22
29 जनवरी 4900 3709 75.7
4 फरवरी 3780 2372 62.8
5 फरवरी 3067 1832 60.0
11 फरवरी 5119 2381 46.5
18 को फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का फेज पूरा
मेरठ। अब फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण चल रहा है। शुक्रवार को 5250 कोरोना योद्धाओं का टीकाकरण होगा। इसके लिए 36 सत्र बनाए गए हैं। 18 फरवरी को फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का फेज पूरा हो जाएगा। इनका 22 फरवरी को मॉपअप राउंड होगा, जिसमें बचे हुए लाभार्थियों का टीकाकरण किया जाएगा। इस बीच में 15 फरवरी को स्वास्थ्य कर्मियों का मॉप अप राउंड होगा। इनमें से कुछ डुप्लीकेट्स नाम को हटा दिया गया है, कुछ नए नाम भी शामिल किए गए हैं। उनकी फाइनल सूची तैयार की जा रही है।
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कोरोना का एक मरीज मिला, 5065 सैंपल की जांच
मेरठ। कोरोना के बृहस्पतिवार को 5065 सैंपलों की जांच हुई, जिनमें से सिर्फ एक महिला मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मरीजों की कुल संख्या 21,312 हो गई है। 79 लोगों की छुट्टी हुई है, अब तक 20,670 लोगों की छुट्टी हो चुकी है। 405 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 लोग होम आइसोलेशन में हैं।
फोटो
‘मैं लाभार्थी नहीं हूं...आपने रांग नंबर लगाया है’
- कुछ पोर्टल की गड़बड़ रही, कुछ ने फोन कर बनाया बहाना
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ‘आपको टीकाकरण के लिए मेडिकल कॉलेज आना है। आप लाभार्थियों में हैं। आपका इंतजार हो रहा है। ‘आपने रांग नंबर लगाया है। मैं लाभार्थी नहीं हूं’ और फोन कट गया। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्यकर्मी फोन लगाते रहे और इस तरह का जवाब मिलता रहा। कुछ ने कहा कि दोपहर बाद आएंगे।
मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को दोपहर 12:00 बजे तक पांच सत्रों में एक भी लाभार्थी टीकाकरण कराने के लिए नहीं पहुंचा था। कुर्सियां खाली थीं। स्टाफ ने प्राचार्य से बात की। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने सीएमओ और सीएमओ ने नगर आयुक्त मनीष बंसल से फोन पर बात की। करीब 2:30 बजे नगर आयुक्त मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य से कहा कि सही से कम्युनिकेशन नहीं हो पाया है जिस कारण ऐसा रहा है। वहीं नगर आयुक्त ने निगम कर्मचारियों से भी जल्द वैक्सीन लगवाने की अपील की। मेडिकल कॉलेज में 625 लोगों को पहुंचना था लेकिन महज 94 लोग ही पहुंचे। इनमें अधिकांश नगर निगम वालों को यहां बुलाया गया था। इसमें कुछ पोर्टल की भी गड़बड़ रही। कुछ लोगों के नाम गलत थे तो कुछ के फोन नंबर। कुछ नाम डुप्लीकेट हो गए थे और कुछ मिसमैच।
बाकी केंद्रों पर भी कमोबेश यही स्थिति रही। बृहस्पतिवार को अब तक के सभी छह चरणों का प्रतिशत के हिसाब से सबसे कम टीकाकरण हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पड़ताल की तो कुछ पोर्टल की गड़बड़ निकली जबकि कुछ ने टीका न लगवाने का बहाना बनाया या साफ मना कर दिया। कुछ लोगों की मजबूरियां भी रही जो वह टीकाकरण कराने नहीं पहुंच सके।
जैसे गर्भवती महिलाएं, जो नियम अनुसार टीका नहीं लगवा सकती थीं, इसी तरह जो अपने बच्चों को दूध पिला रही हैं। इस कारण इनका टीकाकरण नहीं हो सकता था।
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मेरठ। कोरोना वैक्सीन 2381 कोरोना योद्धाओं को और लग गई है। अब तक 17,461 लोगों को पहला टीकाकरण लग चुका है। इस बार महज 46.5 प्रतिशत ही टीकाकरण हुआ जो अब तक का सबसे कम है। बृहस्पतिवार को पहले फेज का सातवां चरण था, 5119 फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीकाकरण के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 2738 नहीं पहुंचे। सीएचसी हस्तिनापुर पर सबसे अधिक 84.8 प्रतिशत जबकि यूपीसीचसी कैंट में सिर्फ 1.6 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। अब इन लाभार्थियों के लिए 28 दिन बाद फिर से सत्र आयोजित किया जाएगा और दूसरी डोज लगाई जाएगी। इस बार पहली बार कोविशील्ड के साथ कोवैक्सिन लगाई गई।
इस बार 189 डोज नष्ट करनी पड़ी। अब तक 800 से अधिक डोज नष्ट हो चुकी हैं। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि इस बार टीकाकरण सबसे कम रहा, उम्मीद है शुक्रवार को टीकाकरण बढ़ेगा।
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अब तक टीकाकरण
दिन लक्ष्य टीकाकरण प्रतिशत
16 जनवरी 694 562 81
22 जनवरी 3260 2366 72.6
28 जनवरी 6037 4239 70.22
29 जनवरी 4900 3709 75.7
4 फरवरी 3780 2372 62.8
5 फरवरी 3067 1832 60.0
11 फरवरी 5119 2381 46.5
18 को फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का फेज पूरा
मेरठ। अब फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण चल रहा है। शुक्रवार को 5250 कोरोना योद्धाओं का टीकाकरण होगा। इसके लिए 36 सत्र बनाए गए हैं। 18 फरवरी को फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का फेज पूरा हो जाएगा। इनका 22 फरवरी को मॉपअप राउंड होगा, जिसमें बचे हुए लाभार्थियों का टीकाकरण किया जाएगा। इस बीच में 15 फरवरी को स्वास्थ्य कर्मियों का मॉप अप राउंड होगा। इनमें से कुछ डुप्लीकेट्स नाम को हटा दिया गया है, कुछ नए नाम भी शामिल किए गए हैं। उनकी फाइनल सूची तैयार की जा रही है।
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कोरोना का एक मरीज मिला, 5065 सैंपल की जांच
मेरठ। कोरोना के बृहस्पतिवार को 5065 सैंपलों की जांच हुई, जिनमें से सिर्फ एक महिला मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मरीजों की कुल संख्या 21,312 हो गई है। 79 लोगों की छुट्टी हुई है, अब तक 20,670 लोगों की छुट्टी हो चुकी है। 405 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 लोग होम आइसोलेशन में हैं।
फोटो
‘मैं लाभार्थी नहीं हूं...आपने रांग नंबर लगाया है’
- कुछ पोर्टल की गड़बड़ रही, कुछ ने फोन कर बनाया बहाना
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ‘आपको टीकाकरण के लिए मेडिकल कॉलेज आना है। आप लाभार्थियों में हैं। आपका इंतजार हो रहा है। ‘आपने रांग नंबर लगाया है। मैं लाभार्थी नहीं हूं’ और फोन कट गया। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्यकर्मी फोन लगाते रहे और इस तरह का जवाब मिलता रहा। कुछ ने कहा कि दोपहर बाद आएंगे।
मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को दोपहर 12:00 बजे तक पांच सत्रों में एक भी लाभार्थी टीकाकरण कराने के लिए नहीं पहुंचा था। कुर्सियां खाली थीं। स्टाफ ने प्राचार्य से बात की। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने सीएमओ और सीएमओ ने नगर आयुक्त मनीष बंसल से फोन पर बात की। करीब 2:30 बजे नगर आयुक्त मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य से कहा कि सही से कम्युनिकेशन नहीं हो पाया है जिस कारण ऐसा रहा है। वहीं नगर आयुक्त ने निगम कर्मचारियों से भी जल्द वैक्सीन लगवाने की अपील की। मेडिकल कॉलेज में 625 लोगों को पहुंचना था लेकिन महज 94 लोग ही पहुंचे। इनमें अधिकांश नगर निगम वालों को यहां बुलाया गया था। इसमें कुछ पोर्टल की भी गड़बड़ रही। कुछ लोगों के नाम गलत थे तो कुछ के फोन नंबर। कुछ नाम डुप्लीकेट हो गए थे और कुछ मिसमैच।
बाकी केंद्रों पर भी कमोबेश यही स्थिति रही। बृहस्पतिवार को अब तक के सभी छह चरणों का प्रतिशत के हिसाब से सबसे कम टीकाकरण हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पड़ताल की तो कुछ पोर्टल की गड़बड़ निकली जबकि कुछ ने टीका न लगवाने का बहाना बनाया या साफ मना कर दिया। कुछ लोगों की मजबूरियां भी रही जो वह टीकाकरण कराने नहीं पहुंच सके।
जैसे गर्भवती महिलाएं, जो नियम अनुसार टीका नहीं लगवा सकती थीं, इसी तरह जो अपने बच्चों को दूध पिला रही हैं। इस कारण इनका टीकाकरण नहीं हो सकता था।