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आज 2208 कर्मचारियों का प्रशिक्षण, प्रत्याशियों और एजेंट को दिखानी होगी कोरोना रिपोर्ट
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आज 2208 कर्मचारियों का प्रशिक्षण, मतगणना में कोरोना रिपोर्ट जरूरी
मेरठ। पंचायत चुनाव की मतगणना का प्रशिक्षण शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक एसडी सदर इंटर कॉलेज में दिया जाएगा। दो मई को होने वाली मतगणना के लिए प्रशासन की तरफ से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। मतगणना पर कोरोना का का साया बढ़ता जा रहा है। कई ब्लॉक के आरओ बीमारी के कारण हट गए हैं। उनके स्थान पर अन्य अधिकारियों को आरओ बनाया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पत्र जारी कर प्रत्याशियों और एजेंट को कोरोना रिपोर्ट दिखाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही उन्हें मतगणना स्थल में प्रवेश दिया जाएगा। वह रैपिड एंजीटन किट से भी रिपोर्ट करा सकते हैं।
शुक्रवार को एसडी सदर इंटर कॉलेज में एक-एक घंटे में दो पालियों में 2208 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संघ मतगणना कराने का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। उससे खतरा कर्मचारियों और अधिकारियों पर ज्यादा है। जिस तरह से मतदान वाले दिन प्रशासन को पोलिंग पार्टी पूरा कराने में पसीने छूट गए थे। हालात ये थे कि कई ब्लॉक में आंगनबाड़ियों और अन्य जिलों के कर्मचारियों को मतदान ड्यूटी के लिए बुलाना पड़ा था। इस मतगणना वाले दिन भी हालात ऐसे ही दिखाई दे रहे हैं।
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ये हैं मतगणना के लिए निर्देश
प्रत्याशियों और एजेंट को 48 घंटे पहले की आरटीपीसीआर अथवा रैपिड एंटीजन किट की कोरोना रिपोर्ट दिखानी होगी। मतगणना स्थल पर मेडिकल हेल्थ डेस्क बनेगी। जिसमें डॉक्टर मौजूद होंगे। मतगणना केंद्र के बाहर अधिक लोग एकत्र नहीं होने दिए जाएंगे। मतपेटियों को भी सैनिटाइज किया जाएगा। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
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कैसे होगी दस हजार से अधिक लोगों की जांच
राज्य निर्वाचन आयोग ने कोरोना रिपोर्ट कराने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जांच कराना भी चुनौती से कम नहीं है। जिले में दस हजार से अधिक प्रत्याशियों और उनके एजेंट की जांच कराना चुनौती है। अगर अकेले एंटीजन किट की उपलब्धता की बात करें तो जिले में ये सिर्फ सात हजार है। ऐसे में 48 घंटे पहले की रिपोर्ट कैसे प्रत्याशी और एजेंट दे पाएंगे।
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मेरठ। पंचायत चुनाव की मतगणना का प्रशिक्षण शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक एसडी सदर इंटर कॉलेज में दिया जाएगा। दो मई को होने वाली मतगणना के लिए प्रशासन की तरफ से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। मतगणना पर कोरोना का का साया बढ़ता जा रहा है। कई ब्लॉक के आरओ बीमारी के कारण हट गए हैं। उनके स्थान पर अन्य अधिकारियों को आरओ बनाया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पत्र जारी कर प्रत्याशियों और एजेंट को कोरोना रिपोर्ट दिखाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही उन्हें मतगणना स्थल में प्रवेश दिया जाएगा। वह रैपिड एंजीटन किट से भी रिपोर्ट करा सकते हैं।
शुक्रवार को एसडी सदर इंटर कॉलेज में एक-एक घंटे में दो पालियों में 2208 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संघ मतगणना कराने का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। उससे खतरा कर्मचारियों और अधिकारियों पर ज्यादा है। जिस तरह से मतदान वाले दिन प्रशासन को पोलिंग पार्टी पूरा कराने में पसीने छूट गए थे। हालात ये थे कि कई ब्लॉक में आंगनबाड़ियों और अन्य जिलों के कर्मचारियों को मतदान ड्यूटी के लिए बुलाना पड़ा था। इस मतगणना वाले दिन भी हालात ऐसे ही दिखाई दे रहे हैं।
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ये हैं मतगणना के लिए निर्देश
प्रत्याशियों और एजेंट को 48 घंटे पहले की आरटीपीसीआर अथवा रैपिड एंटीजन किट की कोरोना रिपोर्ट दिखानी होगी। मतगणना स्थल पर मेडिकल हेल्थ डेस्क बनेगी। जिसमें डॉक्टर मौजूद होंगे। मतगणना केंद्र के बाहर अधिक लोग एकत्र नहीं होने दिए जाएंगे। मतपेटियों को भी सैनिटाइज किया जाएगा। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
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कैसे होगी दस हजार से अधिक लोगों की जांच
राज्य निर्वाचन आयोग ने कोरोना रिपोर्ट कराने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जांच कराना भी चुनौती से कम नहीं है। जिले में दस हजार से अधिक प्रत्याशियों और उनके एजेंट की जांच कराना चुनौती है। अगर अकेले एंटीजन किट की उपलब्धता की बात करें तो जिले में ये सिर्फ सात हजार है। ऐसे में 48 घंटे पहले की रिपोर्ट कैसे प्रत्याशी और एजेंट दे पाएंगे।