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अवैध कब्जों से मिट रहे तालाब
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अवैध कब्जों से मिट रहे तालाब
सरधना। नगर पालिका द्वारा दो वर्ष पूर्व तालाब और नालों से पंद्रह दिनों के भीतर कब्जा हटा लेने के नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि अभी तक तालाब एवं नालों की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। नगर पालिका ने कब्जा धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अवैध कब्जे को हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद कब्जे जस के तस हैं। फिलहाल पालिका द्वारा तालाब एवं नालों की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटवाने का अभियान ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
एसडीएम और ईओ के स्थानांतरण के बाद अतिक्रमण और अवैध कब्जे
नगर पालिका रिकार्ड के अनुसार नगर में 14 तालाब हैं। इनमें से अधिकतर तालाबों पर अवैध कब्जे होने के साथ पक्के मकान एवं बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हैं। मौके पर एक या दो तालाबों का अस्तित्व ही बचा है। उन पर भी कब्जे जारी हैं। भाटवाड़ा में चर्च के निकट एवं तहसील रोड पर मोहल्ला कुम्हारान में कुमार पैलेस के निकट दो तालाब ही मौके पर दिखाई देते हैं। इन तालाबों की भूमि पर भी अवैध कब्जे जारी हैं। यदि इन तालाबों की भूमि पर कब्जा नहीं रोका गया तो एक या दो वर्षों में इन तालाबों का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा। नगर पालिका ने दो वर्ष पूर्व मोहल्ला कुम्हारान के समीप तालाब एवं नालों की जद में जिन लोगों के अवैध कब्जे थे। उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें शमीम पुत्र नजीर, जेबूनिशा पत्नी इस्लामुद्दीन, यूनुस पुत्र रफीक, फारूख पुत्र यामीन, सलीम पुत्र बशीर, शहजाद पुत्र उमरद्दीन, गफूर पुत्र मजीतुल्ला, नसरूद्दीन एवं सपा नेता डॉ. शाहिद पुत्र यासीन समेत चौदह लोग शामिल थे। दो वर्ष बाद भी तालाब एवं नालों की भूमि पर अवैध कब्जे बरकरार हैं। उधर, मोहल्ला भाटवाड़ा स्थित तालाब की भूमि पर भी अवैध कब्जे जारी हैं। यदि जल्द ही पालिका द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया तो इन तालाबों का भी अस्तित्व मिट जायेगा। इस संबंध में एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद पालिका-पुलिस एवं तहसील की संयुक्त टीम का गठन कर तालाबों की भूमि की पैमाइश कराकर उन्हें कब्जा मुक्त कराया जायेगा। कुछ नालों की भूमि पर कब्जा होने की भी जानकारी है। उन्हें भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
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सरधना। नगर पालिका द्वारा दो वर्ष पूर्व तालाब और नालों से पंद्रह दिनों के भीतर कब्जा हटा लेने के नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि अभी तक तालाब एवं नालों की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। नगर पालिका ने कब्जा धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अवैध कब्जे को हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद कब्जे जस के तस हैं। फिलहाल पालिका द्वारा तालाब एवं नालों की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटवाने का अभियान ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
एसडीएम और ईओ के स्थानांतरण के बाद अतिक्रमण और अवैध कब्जे
नगर पालिका रिकार्ड के अनुसार नगर में 14 तालाब हैं। इनमें से अधिकतर तालाबों पर अवैध कब्जे होने के साथ पक्के मकान एवं बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हैं। मौके पर एक या दो तालाबों का अस्तित्व ही बचा है। उन पर भी कब्जे जारी हैं। भाटवाड़ा में चर्च के निकट एवं तहसील रोड पर मोहल्ला कुम्हारान में कुमार पैलेस के निकट दो तालाब ही मौके पर दिखाई देते हैं। इन तालाबों की भूमि पर भी अवैध कब्जे जारी हैं। यदि इन तालाबों की भूमि पर कब्जा नहीं रोका गया तो एक या दो वर्षों में इन तालाबों का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा। नगर पालिका ने दो वर्ष पूर्व मोहल्ला कुम्हारान के समीप तालाब एवं नालों की जद में जिन लोगों के अवैध कब्जे थे। उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें शमीम पुत्र नजीर, जेबूनिशा पत्नी इस्लामुद्दीन, यूनुस पुत्र रफीक, फारूख पुत्र यामीन, सलीम पुत्र बशीर, शहजाद पुत्र उमरद्दीन, गफूर पुत्र मजीतुल्ला, नसरूद्दीन एवं सपा नेता डॉ. शाहिद पुत्र यासीन समेत चौदह लोग शामिल थे। दो वर्ष बाद भी तालाब एवं नालों की भूमि पर अवैध कब्जे बरकरार हैं। उधर, मोहल्ला भाटवाड़ा स्थित तालाब की भूमि पर भी अवैध कब्जे जारी हैं। यदि जल्द ही पालिका द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया तो इन तालाबों का भी अस्तित्व मिट जायेगा। इस संबंध में एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद पालिका-पुलिस एवं तहसील की संयुक्त टीम का गठन कर तालाबों की भूमि की पैमाइश कराकर उन्हें कब्जा मुक्त कराया जायेगा। कुछ नालों की भूमि पर कब्जा होने की भी जानकारी है। उन्हें भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
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