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किसानों के लिए परेशानी बनने लगा गन्ना
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अमर उजाला ब्यूरो
बहसूमा। टिकौला शुगर मिल से पर्याप्त इंडेंट नहीं मिलने पर गन्ना किसानों को चालू पेराई सत्र में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम में गर्मी होने से किसानों का पारा भी चढ़ने लगा है। ऐसे में इंडेंट की धीमी चाल किसानों का पसीने छुड़ा रही है।
इस बार गन्ना पेराई सत्र लंबा खिंचने के आसार बन रहे हैं। किसानों का कहना है मार्च खत्म होने वाला है। इसके बावजूद किसानों का 40 फीसदी गन्ना खेतों में खड़ा है। किसानों को पर्याप्त इंडेंट नहीं दिया जा रहा है। जिससे गन्ने की बुआई प्रभावित होने के प्रबल आसार दिख रहे हैं। नए पेराई सत्र में इंडेंट किसानों की समस्या की वजह बनी हुई है। उनका तर्क है कि किसानों को जरूरत के मुताबिक इंडेंट नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है। मोहम्मदपुर शकिस्त निवासी किसान राजेंद्र सिह का कहना है कि इंडेंट पर्याप्त मात्रा में नहीं दिए जाने से किसानों की फसल खेतों में खड़ी है। टिकौला शुगर मिल से जुडे़ किसानों का यही हाल है। शुगर मिल एवं गन्ना विभाग के सामने वे कई बार इस समस्या को रख चुके हैं। इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ। किसान राजेश्वर दयाल का कहना है कि मिल कभी सफाई के नाम पर तो कभी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो जाती है। जिससे किसानों के सामने मुश्किल खड़ी हो जाती है। पेराई सत्र समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। इसके बावजूद इंडेंट की गति में तेजी में नहीं आई है। किसान वीरेंद्र नागर, योगेंद्र विधुड़ी, राजू चपराना एवं प्रताप नागर का कहना है कि पूरे पेराई सत्र में किसानों को समस्याओं से जुझना पड़ा है। हालांकि टिकौला मिल से जुडे़ किसानों की सामने गन्ना भुगतान की समस्या का समाधान हुआ है। इंडेंट की समस्या जस की तस बनी हुई है।
गेहूं कटाई करेंगे या गन्ना छिलाई
किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल जल्द तैयार होने वाली है। इसके बावजूद इंडेंट पर्याप्त नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसान गेहूं की कटाई करेंगे या गन्ने की छिलाई। शासन एवं प्रशासन को शुगर मिलों पर दबाव बनाकर समस्या का समाधान कराना चाहिए।
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किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष उदयवीर सिंह एवं किसान नेता डॉ. अभय सैदीपुर का कहना है कि किसान परेशान हैं। इंडेंट जरूरत के मुताबिक नहीं दिया जा रहा है। यदि एक सप्ताह में समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी मिल प्रशासन की होगी। किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वर्जन
समस्त गन्ना पेराई करके ही बंद होगी मिल
टिकौला चीनी मिल ने पर्याप्त इंडेंट जारी किया है। किसानों के खेतों में खड़ा समस्त गन्ना पेराई के बाद ही मिल बंद की जाएगी। इसलिए किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।-महेश चंद शर्मा, अध्यासी अध्यक्ष
मुख्य बातें
चीनी मिल से पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं किए जाने से 40 फीसदी गन्ना खेतों में खड़ा
गेहूं की कटाई शुरू होने पर किसानाें की परेशानी और बढ़ने के आसार
गन्ने की बुआई पिछड़ने के भी आसार बने
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बहसूमा। टिकौला शुगर मिल से पर्याप्त इंडेंट नहीं मिलने पर गन्ना किसानों को चालू पेराई सत्र में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम में गर्मी होने से किसानों का पारा भी चढ़ने लगा है। ऐसे में इंडेंट की धीमी चाल किसानों का पसीने छुड़ा रही है।
इस बार गन्ना पेराई सत्र लंबा खिंचने के आसार बन रहे हैं। किसानों का कहना है मार्च खत्म होने वाला है। इसके बावजूद किसानों का 40 फीसदी गन्ना खेतों में खड़ा है। किसानों को पर्याप्त इंडेंट नहीं दिया जा रहा है। जिससे गन्ने की बुआई प्रभावित होने के प्रबल आसार दिख रहे हैं। नए पेराई सत्र में इंडेंट किसानों की समस्या की वजह बनी हुई है। उनका तर्क है कि किसानों को जरूरत के मुताबिक इंडेंट नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है। मोहम्मदपुर शकिस्त निवासी किसान राजेंद्र सिह का कहना है कि इंडेंट पर्याप्त मात्रा में नहीं दिए जाने से किसानों की फसल खेतों में खड़ी है। टिकौला शुगर मिल से जुडे़ किसानों का यही हाल है। शुगर मिल एवं गन्ना विभाग के सामने वे कई बार इस समस्या को रख चुके हैं। इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ। किसान राजेश्वर दयाल का कहना है कि मिल कभी सफाई के नाम पर तो कभी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो जाती है। जिससे किसानों के सामने मुश्किल खड़ी हो जाती है। पेराई सत्र समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। इसके बावजूद इंडेंट की गति में तेजी में नहीं आई है। किसान वीरेंद्र नागर, योगेंद्र विधुड़ी, राजू चपराना एवं प्रताप नागर का कहना है कि पूरे पेराई सत्र में किसानों को समस्याओं से जुझना पड़ा है। हालांकि टिकौला मिल से जुडे़ किसानों की सामने गन्ना भुगतान की समस्या का समाधान हुआ है। इंडेंट की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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गेहूं कटाई करेंगे या गन्ना छिलाई
किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल जल्द तैयार होने वाली है। इसके बावजूद इंडेंट पर्याप्त नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसान गेहूं की कटाई करेंगे या गन्ने की छिलाई। शासन एवं प्रशासन को शुगर मिलों पर दबाव बनाकर समस्या का समाधान कराना चाहिए।
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किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष उदयवीर सिंह एवं किसान नेता डॉ. अभय सैदीपुर का कहना है कि किसान परेशान हैं। इंडेंट जरूरत के मुताबिक नहीं दिया जा रहा है। यदि एक सप्ताह में समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी मिल प्रशासन की होगी। किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वर्जन
समस्त गन्ना पेराई करके ही बंद होगी मिल
टिकौला चीनी मिल ने पर्याप्त इंडेंट जारी किया है। किसानों के खेतों में खड़ा समस्त गन्ना पेराई के बाद ही मिल बंद की जाएगी। इसलिए किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।-महेश चंद शर्मा, अध्यासी अध्यक्ष
मुख्य बातें
चीनी मिल से पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं किए जाने से 40 फीसदी गन्ना खेतों में खड़ा
गेहूं की कटाई शुरू होने पर किसानाें की परेशानी और बढ़ने के आसार
गन्ने की बुआई पिछड़ने के भी आसार बने