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अज्ञानता दूर करने वाला ग्रंथ है सत्यार्थ प्रकाश
Updated Tue, 15 May 2018 02:24 AM IST
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अज्ञानता दूर करने वाला ग्रंथ है सत्यार्थ प्रकाश
मेरठ। महर्षि स्वामी दयानंद रचित ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश को समझाने के लिए सत्यार्थ स्वाध्याय सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके तहत सोमवार को आर्य समाज थापर नगर में यज्ञ एवं प्रवचन का कार्यक्रम किया गया। राजेश सेठी ने कहा कि सत्यार्थ प्रकाश एक ऐसा ग्रंथ है जिसने अनेकों लोगों को अज्ञान से बाहर निकाला है। उनकी जीवन दशा बदल दी। सत्यार्थ प्रकाश के सातवें व आठवें समुल्लासों की व्याख्या की। विद्वान डॉ. वेदपाल ने कहा कि निरीकार, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान परमात्मा ही वह परम होता है जिसकी हम सबको उपासना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैदिक ग्रंथों में 33 करोड़ देवताओं का अर्थ 33 देवता हैं। न कि 33 करोड़ देवता। परंतु वह देवता भी उपासना योग्य नहीं है। परमात्मा ही उपासना योग्य होना चाहिए। कार्यक्रम में राजीव सोनी, सुभाष मलहोत्रा, अशोक सुधाकर, आरपी सिंह, मांगेराम, कैलाश सोनी, हरीश बत्रा आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
आर्य समाज थापर नगर में यज्ञ और प्रवचन
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मेरठ। महर्षि स्वामी दयानंद रचित ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश को समझाने के लिए सत्यार्थ स्वाध्याय सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके तहत सोमवार को आर्य समाज थापर नगर में यज्ञ एवं प्रवचन का कार्यक्रम किया गया। राजेश सेठी ने कहा कि सत्यार्थ प्रकाश एक ऐसा ग्रंथ है जिसने अनेकों लोगों को अज्ञान से बाहर निकाला है। उनकी जीवन दशा बदल दी। सत्यार्थ प्रकाश के सातवें व आठवें समुल्लासों की व्याख्या की। विद्वान डॉ. वेदपाल ने कहा कि निरीकार, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान परमात्मा ही वह परम होता है जिसकी हम सबको उपासना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैदिक ग्रंथों में 33 करोड़ देवताओं का अर्थ 33 देवता हैं। न कि 33 करोड़ देवता। परंतु वह देवता भी उपासना योग्य नहीं है। परमात्मा ही उपासना योग्य होना चाहिए। कार्यक्रम में राजीव सोनी, सुभाष मलहोत्रा, अशोक सुधाकर, आरपी सिंह, मांगेराम, कैलाश सोनी, हरीश बत्रा आदि मुख्य रहे।
खास बातें:
आर्य समाज थापर नगर में यज्ञ और प्रवचन