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मजदूरों को एकजुट होने पर बल दिया
Updated Wed, 02 May 2018 12:48 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)। नवोदय लोक चेतना कल्याण समिति के तत्वावधान में मजदूर दिवस पर संगोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने मजदूरों को एकजुट होने पर बल दिया।
क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के महासचिव देवेंद्र धामा ने कहा कि मजदूरों से न्याय दुनिया भर के मजदूर प्रथम मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। यदि नजर दौड़ाई जाए तो ऐसा महसूस होता है कि हम मजदूरों के हितों की देखभाल नहीं कर पाए। आज भी कुछ स्थानों पर मजदूरों का डट कर शोषण हो रहा है। घरों, होटलों व ढाबों पर बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है। सरकारी अधिकारी अपने घरों में मजदूरों से कार्य करवा रहे हैं, उद्योगपति कारखानों से होने वाले लाभांश को मजदूरों से छुपाकर उन्हें बोनस देने में आनाकानी कर रहे हैं, महिलाओं से अधिक काम लेकर कम वेतन दिया जा रहा है। कुछ स्थानों पर 12-12 घंटे भी मजदूरों से काम लिया जा रहा है। श्रम कानूनों की धच्जियां उड़ाई जा रही हैं। कारखाना अधिनियम के तहत मजदूरों को सुख सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, मजदूरों से उनके हक छीने जा रहे हैं। बड़े-बड़े बांधें, सड़कें, पुल और भवन बनाने वाले मजदूरों के लिए आवासों की सुविधा तक नहीं है। मजदूर संगठनों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। ऐसे में मजदूरों के हितों के लिए सभी को आगे आना होगा। इसमें सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के महासचिव देवेंद्र धामा ने कहा कि मजदूरों से न्याय दुनिया भर के मजदूर प्रथम मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। यदि नजर दौड़ाई जाए तो ऐसा महसूस होता है कि हम मजदूरों के हितों की देखभाल नहीं कर पाए। आज भी कुछ स्थानों पर मजदूरों का डट कर शोषण हो रहा है। घरों, होटलों व ढाबों पर बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है। सरकारी अधिकारी अपने घरों में मजदूरों से कार्य करवा रहे हैं, उद्योगपति कारखानों से होने वाले लाभांश को मजदूरों से छुपाकर उन्हें बोनस देने में आनाकानी कर रहे हैं, महिलाओं से अधिक काम लेकर कम वेतन दिया जा रहा है। कुछ स्थानों पर 12-12 घंटे भी मजदूरों से काम लिया जा रहा है। श्रम कानूनों की धच्जियां उड़ाई जा रही हैं। कारखाना अधिनियम के तहत मजदूरों को सुख सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, मजदूरों से उनके हक छीने जा रहे हैं। बड़े-बड़े बांधें, सड़कें, पुल और भवन बनाने वाले मजदूरों के लिए आवासों की सुविधा तक नहीं है। मजदूर संगठनों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। ऐसे में मजदूरों के हितों के लिए सभी को आगे आना होगा। इसमें सैकड़ों लोग मौजूद रहे।