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मजाक बनी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, अब 13 से होंगे पेपर
Updated Tue, 06 Mar 2018 02:32 AM IST
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सीसीएसयू की परीक्षाएं बनीं मजाक, अब 13 से
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षाएं मजाक बन गई हैं। अब तीसरी बार परीक्षा की तिथि बदली गई है। लापरवाही का आलम ये है कि सोमवार तक भी विश्वविद्यालय के पास परीक्षा कराने के लिए ओएमआर शीट ही पूरी नहीं थीं। जिस कंपनी को ओएमआर का ठेका दिया गया था, उसने डेढ़ लाख ओएमआर शीट भेजकर काम पूरा कर लिया। जो सेंटर दोबारा बनाए गए उनमें एक बार फिर गर्ल्स कॉलेजों में लड़कों के सेंटर बनाने की गलती कर दी गई। अव्यवस्थाओं के चलते नौ मार्च से होेने वाली परीक्षाएं अब 13 मार्च से शुरू कराने की तिथि घोषित की गई है। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
सीसीएसयू से संबद्घ कॉलेजों की मुख्य परीक्षाएं इस बार 27 फरवरी से कराने की घोषणा की गई थी। इस परीक्षा में चार लाख के करीब छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। पहले विश्वविद्यालय ने होली की बात कहकर परीक्षा तिथि को आगे बढ़ते हुए पांच मार्च कर दिया। इसके लिए गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नोएडा, बुलंदशहर, शामली, हापुड़ और बागपत में 224 सेंटर बनाए गए थे। सेंटरों का प्रभारी हर जिले से डिग्री कॉलेज के एक प्राचार्य को बनाया गया। लेकिन जो सेंटर बनाए गए उनमें भारी गलतियां कर दी गईं। मेरठ में गर्ल्स कॉलेजों में कोएड कॉलेजों के सेंटर बना दिए गए। बुलंदशहर में भी कई गलतियां कर दी गईं। इसके बाद विश्वविद्यालय ने सेंटर दोबारा बनाने की बात कहते हुए परीक्षा नौ मार्च से कराने का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया था। लेकिन विवि की लापरवाही फिर सामने आई।
मात्र डेढ़ लाख हैं ओएमआर शीट
रही-सही कसर सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक के बाद पूरी हो गई। प्रो वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह ने जब परीक्षा नियंत्रक से स्टोर रूम में ओएमआर शीट के बारे में पूछा तो स्टोर रूम इंचार्ज के सवाल पर सब हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि कंपनी ने सिर्फ डेढ़ लाख ओएमआर शीट भेजी हैं। जबकि नौ और दस मार्च को जो पेपर होने थे, उनमें ओएमआर शीट का ही इस्तेमाल होना था। आनन फानन में दूसरी कंपनी से ओएमआर शीट के बारे में बात की गई, लेकिन नौ मार्च तक समस्या का समाधान नहीं होते देख विवि प्रशासन ने परीक्षाएं आगे बढ़ा दीं। अब परीक्षाएं 13 मार्च से 16 मई तक चलेंगी।
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विवि में ही हो सकती है इतनी लापरवाही
नौ मार्च से पेपर और कंपनी ने पांच मार्च तक ओएमआर शीट ही नहीं भेजी। ऐसी लापरवाही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में ही हो सकती है। कंपनी की इस लापरवाही पर विश्वविद्यालय प्रशासन चुप्पी साधे है। विवि का कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नजर नहीं आ रहा है। जिन कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे अफसरों की है, वे काम भी वाइस चांसलर और प्रो वाइस चांसलर को करने पड़ रहे हैं। बार-बार परीक्षा की तिथि बदले जाने से छात्र-छात्राएं भी परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय का कुछ पता नहीं।
खास बातें:
तीसरी बार तिथि आगे बढ़ाई, ओएमआर शीट तक नहीं छपी
दूसरी कंपनी से छपवाई जा रहीं ओएमआर शीट
सेंटरों में फिर कर दी गई गड़बड़ी, दोबारा से किया जा रहा सुधार
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षाएं मजाक बन गई हैं। अब तीसरी बार परीक्षा की तिथि बदली गई है। लापरवाही का आलम ये है कि सोमवार तक भी विश्वविद्यालय के पास परीक्षा कराने के लिए ओएमआर शीट ही पूरी नहीं थीं। जिस कंपनी को ओएमआर का ठेका दिया गया था, उसने डेढ़ लाख ओएमआर शीट भेजकर काम पूरा कर लिया। जो सेंटर दोबारा बनाए गए उनमें एक बार फिर गर्ल्स कॉलेजों में लड़कों के सेंटर बनाने की गलती कर दी गई। अव्यवस्थाओं के चलते नौ मार्च से होेने वाली परीक्षाएं अब 13 मार्च से शुरू कराने की तिथि घोषित की गई है। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
सीसीएसयू से संबद्घ कॉलेजों की मुख्य परीक्षाएं इस बार 27 फरवरी से कराने की घोषणा की गई थी। इस परीक्षा में चार लाख के करीब छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। पहले विश्वविद्यालय ने होली की बात कहकर परीक्षा तिथि को आगे बढ़ते हुए पांच मार्च कर दिया। इसके लिए गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, नोएडा, बुलंदशहर, शामली, हापुड़ और बागपत में 224 सेंटर बनाए गए थे। सेंटरों का प्रभारी हर जिले से डिग्री कॉलेज के एक प्राचार्य को बनाया गया। लेकिन जो सेंटर बनाए गए उनमें भारी गलतियां कर दी गईं। मेरठ में गर्ल्स कॉलेजों में कोएड कॉलेजों के सेंटर बना दिए गए। बुलंदशहर में भी कई गलतियां कर दी गईं। इसके बाद विश्वविद्यालय ने सेंटर दोबारा बनाने की बात कहते हुए परीक्षा नौ मार्च से कराने का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया था। लेकिन विवि की लापरवाही फिर सामने आई।
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मात्र डेढ़ लाख हैं ओएमआर शीट
रही-सही कसर सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक के बाद पूरी हो गई। प्रो वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह ने जब परीक्षा नियंत्रक से स्टोर रूम में ओएमआर शीट के बारे में पूछा तो स्टोर रूम इंचार्ज के सवाल पर सब हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि कंपनी ने सिर्फ डेढ़ लाख ओएमआर शीट भेजी हैं। जबकि नौ और दस मार्च को जो पेपर होने थे, उनमें ओएमआर शीट का ही इस्तेमाल होना था। आनन फानन में दूसरी कंपनी से ओएमआर शीट के बारे में बात की गई, लेकिन नौ मार्च तक समस्या का समाधान नहीं होते देख विवि प्रशासन ने परीक्षाएं आगे बढ़ा दीं। अब परीक्षाएं 13 मार्च से 16 मई तक चलेंगी।
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विवि में ही हो सकती है इतनी लापरवाही
नौ मार्च से पेपर और कंपनी ने पांच मार्च तक ओएमआर शीट ही नहीं भेजी। ऐसी लापरवाही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में ही हो सकती है। कंपनी की इस लापरवाही पर विश्वविद्यालय प्रशासन चुप्पी साधे है। विवि का कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नजर नहीं आ रहा है। जिन कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे अफसरों की है, वे काम भी वाइस चांसलर और प्रो वाइस चांसलर को करने पड़ रहे हैं। बार-बार परीक्षा की तिथि बदले जाने से छात्र-छात्राएं भी परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय का कुछ पता नहीं।
खास बातें:
तीसरी बार तिथि आगे बढ़ाई, ओएमआर शीट तक नहीं छपी
दूसरी कंपनी से छपवाई जा रहीं ओएमआर शीट
सेंटरों में फिर कर दी गई गड़बड़ी, दोबारा से किया जा रहा सुधार