{"_id":"59c282c74f1c1b8a688b59f9","slug":"21505919687-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान
Updated Wed, 20 Sep 2017 08:31 PM IST
विज्ञापन
सरकारी गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी
बहसूमा (ब्यूरो)। बाईपास पर सरकारी बोरों से लदी ट्रैक्टर ट्राली खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने पकड़ थाने में ले आई। हालांकि ट्रैक्टर चालक गेहूं को किसान का बताता रहा। एआरओ आनंद प्रभु सिंह ने बताया कि उन्हें काफी समय से सरकारी राशन की कालाबाजारी की सूचनाएं मिल रहीं थी। बुधवार शाम टीम ने तिरपाल से ढकी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ ली। आरओ के अनुसार ट्रैक्टर चालक कुलदीप निवासी मोड़ खुर्द पूर्व में भी गेहूं बेचता पकड़ा गया था। हालांकि इस बीच कई नेताओं की भी सिफारिश लगाई गई। आरओ प्रभु सिंह ने कहा कि अगर गेहूं किसान है तो मंडी शुक्ल दिये बिना किस प्रकार ले जाया जा सकता है।
विज्ञापन
बहसूमा (ब्यूरो)। बाईपास पर सरकारी बोरों से लदी ट्रैक्टर ट्राली खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने पकड़ थाने में ले आई। हालांकि ट्रैक्टर चालक गेहूं को किसान का बताता रहा। एआरओ आनंद प्रभु सिंह ने बताया कि उन्हें काफी समय से सरकारी राशन की कालाबाजारी की सूचनाएं मिल रहीं थी। बुधवार शाम टीम ने तिरपाल से ढकी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ ली। आरओ के अनुसार ट्रैक्टर चालक कुलदीप निवासी मोड़ खुर्द पूर्व में भी गेहूं बेचता पकड़ा गया था। हालांकि इस बीच कई नेताओं की भी सिफारिश लगाई गई। आरओ प्रभु सिंह ने कहा कि अगर गेहूं किसान है तो मंडी शुक्ल दिये बिना किस प्रकार ले जाया जा सकता है।