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देवबंद में 46 हजार की नकली करेंसी के साथ दो गिरफ्तार-Meerut
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:29 AM IST
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देवबंद में 46 हजार की नकली करेंसी के साथ दो गिरफ्तार
देवबंद (सहारनपुर)। पुलिस ने 46 हजार रुपये की नकली करेंसी के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी नोट दो-दो हजार रुपये वाले हैं और पुलिस का कहना है कि ये इन्हें मार्केट में चलाने की फिराक में थे।
गुरुवार को पुलिस ने मंगलौर मार्ग स्थित मिरगपुर गांव के गेट से न्यामतपुर गांव निवासी सुमित उर्फ चित्रांश कुमार पुत्र राजेश कुमार व मिरगपुर गांव निवासी सोमपाल पुत्र पलटूराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों नकली नोट बनाकर उन्हें मार्केट में चलाने का काम करते हैं। सीओ सिद्धार्थ ने बताया कि कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से ये नकली नोटों की छपाई करते हैं। चित्रांश के पास से दो-दो हजार के 12 और सोमपाल के पास से दो-दो हजार रुपये के 11 नोट बरामद हुए हैं। जिन्हें इन्होंने घर में छुपाकर रखा हुआ था। दोनों आरोपी आपस में दोस्त हैं जो पिछले काफी दिनों से इस अपराध में शामिल थे। खुफिया विभाग की कई टीमों को इस दिशा में लगाया गया था और सूचना के बाद यह कार्रवाई की गई।
लेनदेन पर बिगड़ी बात तो हुआ गुडवर्क
देवबंद। बताया गया है कि पैसों के लेनदेन को लेकर चित्रांश और सोमपाल के बीच बात बिगड़ी तो पुलिस के लिए यह गुडवर्क बन गया। बुधवार को दोनों में से एक मंगलौर पुलिस चौकी पहुंच गया। पुलिस जांच में जुटी तो नकली नोटों की परतें खुलती चली गईं।
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मुजफ्फरनगर में पकड़ा जा चुका सोमपाल
देवबंद। पुलिस गिरफ्त में आया सोमपाल इससे पूर्व भी नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। करीब एक वर्ष पूर्व मुजफ्फरनगर पुलिस ने सोमपाल को उसके साथी अंकुर, जहीर, इंतजार के साथ गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब 1 लाख 64 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई थी। कुछ दिनों पहले ही सोमपाल जमानत पर रिहा होकर आया था।
ऐसे मामलों में फेल है खुफिया एजेंसी
देवबंद। देवबंद और गंगोह क्षेत्र में पिछले काफी समय से नकली करेंसी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। उत्तरांखड और उत्तर प्रदेश पुलिस पिछले एक वर्ष में कई लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। लेकिन उसके बावजूद भी खुफिया एजेंसी इन नकली नोटों के कारोबारियों पर नजर रखने में फेल साबित हो रही है। आठ माह पूर्व मुजफ्फरनगर पुलिस ने थीतकी गांव के एक व्यक्ति को नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। करीब दो माह पूर्व इसी मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस ने गिरफ्त में आए आरोपी की पत्नी को भी सांपला मार्ग से गिरफ्तार किया था। नकली नोटों के कारोबार में वह पति का साथ दे रही थी। 15 नवंबर को गंगोह पुलिस ने लखनौती निवासी फाजिल को बस स्टैंड से गिरफ्तार कर नकली नोटों की छपाई और सप्लाई का खुलासा किया था। पुलिस ने फाजिल के पास से 1.13 लाख रुपये के पांच-पांच सौ के नकली 226 नोट बरामद किए थे। खुलासा हुआ था कि वह नकली नोट छापकर उन्हें देहरादून (उत्तरांखड) में सप्लाई करता था।
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देवबंद (सहारनपुर)। पुलिस ने 46 हजार रुपये की नकली करेंसी के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी नोट दो-दो हजार रुपये वाले हैं और पुलिस का कहना है कि ये इन्हें मार्केट में चलाने की फिराक में थे।
गुरुवार को पुलिस ने मंगलौर मार्ग स्थित मिरगपुर गांव के गेट से न्यामतपुर गांव निवासी सुमित उर्फ चित्रांश कुमार पुत्र राजेश कुमार व मिरगपुर गांव निवासी सोमपाल पुत्र पलटूराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों नकली नोट बनाकर उन्हें मार्केट में चलाने का काम करते हैं। सीओ सिद्धार्थ ने बताया कि कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से ये नकली नोटों की छपाई करते हैं। चित्रांश के पास से दो-दो हजार के 12 और सोमपाल के पास से दो-दो हजार रुपये के 11 नोट बरामद हुए हैं। जिन्हें इन्होंने घर में छुपाकर रखा हुआ था। दोनों आरोपी आपस में दोस्त हैं जो पिछले काफी दिनों से इस अपराध में शामिल थे। खुफिया विभाग की कई टीमों को इस दिशा में लगाया गया था और सूचना के बाद यह कार्रवाई की गई।
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लेनदेन पर बिगड़ी बात तो हुआ गुडवर्क
देवबंद। बताया गया है कि पैसों के लेनदेन को लेकर चित्रांश और सोमपाल के बीच बात बिगड़ी तो पुलिस के लिए यह गुडवर्क बन गया। बुधवार को दोनों में से एक मंगलौर पुलिस चौकी पहुंच गया। पुलिस जांच में जुटी तो नकली नोटों की परतें खुलती चली गईं।
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मुजफ्फरनगर में पकड़ा जा चुका सोमपाल
देवबंद। पुलिस गिरफ्त में आया सोमपाल इससे पूर्व भी नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। करीब एक वर्ष पूर्व मुजफ्फरनगर पुलिस ने सोमपाल को उसके साथी अंकुर, जहीर, इंतजार के साथ गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब 1 लाख 64 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई थी। कुछ दिनों पहले ही सोमपाल जमानत पर रिहा होकर आया था।
ऐसे मामलों में फेल है खुफिया एजेंसी
देवबंद। देवबंद और गंगोह क्षेत्र में पिछले काफी समय से नकली करेंसी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। उत्तरांखड और उत्तर प्रदेश पुलिस पिछले एक वर्ष में कई लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। लेकिन उसके बावजूद भी खुफिया एजेंसी इन नकली नोटों के कारोबारियों पर नजर रखने में फेल साबित हो रही है। आठ माह पूर्व मुजफ्फरनगर पुलिस ने थीतकी गांव के एक व्यक्ति को नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। करीब दो माह पूर्व इसी मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस ने गिरफ्त में आए आरोपी की पत्नी को भी सांपला मार्ग से गिरफ्तार किया था। नकली नोटों के कारोबार में वह पति का साथ दे रही थी। 15 नवंबर को गंगोह पुलिस ने लखनौती निवासी फाजिल को बस स्टैंड से गिरफ्तार कर नकली नोटों की छपाई और सप्लाई का खुलासा किया था। पुलिस ने फाजिल के पास से 1.13 लाख रुपये के पांच-पांच सौ के नकली 226 नोट बरामद किए थे। खुलासा हुआ था कि वह नकली नोट छापकर उन्हें देहरादून (उत्तरांखड) में सप्लाई करता था।